जब टाई हो गया AAP और कांग्रेस के बीच मुकाबला, स्थायी समिति सदस्य पद के लिए पर्ची डालकर कराया चुनाव

निगम की स्थायी समिति के सदस्य के चुनाव में रोमांचक मुकाबले में कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी सुरेश कुमार ने आप प्रत्याशी प्रवीण कुमार को पटखनी दी। दोनों को 23-23 वोट प्राप्त हुए। मुकाबला बराबर हो गया। इसके बाद पर्ची डालकर चुनाव कराया गया।

Mangal YadavThu, 17 Jun 2021 06:17 AM (IST)
दक्षिणी निगम में स्थायी समिति सदस्य पद पर्ची डालकर चुनाव कराया गया।

नई दिल्ली [निहाल सिंह]। दक्षिणी निगम की स्थायी समिति के चुनाव में प्रदेश में सत्तारुढ आम आदमी पार्टी (आप) का भाग्य ने भी साथ नहीं दिया और प्रदेश में सितारे गर्दिश में होने के बाद भी कांग्रेस पार्टी ने बाजी मार ली। निगम की स्थायी समिति के सदस्य के चुनाव में रोमांचक मुकाबले में कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी सुरेश कुमार ने आप प्रत्याशी प्रवीण कुमार को पटखनी दी। दरअसल, भाजपा ने बहुमत के दम पर तीन सदस्यों के चुनाव में अपने दो प्रत्याशियों को तो जीता लिया लेकिन तीसरे के लिए कांग्रेस और आप प्रत्याशी में कड़ा मुकाबला हुआ। दोनों को 23-23 वोट प्राप्त हुए। मुकाबला बराबर हो गया। इसके बाद पर्ची डालकर चुनाव कराया गया। जिसमें भाग्य ने कांग्रेस प्रत्याशी सुरेश कुमार का साथ दिया और उन्होंने जीत दर्ज की।

यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस ने आप प्रत्याशी को हराया हो। पांच बार के चुनाव में कांग्रेस तीन बार अपने प्रत्याशियों को जिताने में कामयाब रही है। वर्ष 2017 में अभिषेक दत्त स्थायी समिति के सदस्य निर्वाचित हुए थे तो 2018 में उन्हें एक वोट से हार का सामना करना पड़ा था। इसी तरह वर्ष 2019 में कांग्रेस पार्षद वेदपाल ने जीत हासिल की थी और अब सुरेश कुमार जीत गए हैं।

स्थायी समिति के सदस्य का पद महत्वपूर्ण होता है। समिति में ही पहले नीतिगत फैसले लिए जाते हैं जिन्हें सदन में लाया जाता है। यहां पर आम आदमी पार्टी (आप) के पास समिति में सदस्यों की संख्या दो करने का मौका था। लेकिन हार से आप यहां चूक गई। उल्लेखनीय है कि भाजपा सत्तारुढ दल हैं जबकि आप मुख्य विपक्षी दल हैं और कांग्रेस तीसरे स्थान पर है।

रोमन में वोट को लेकर हुआ विवाद

स्थायी समिति के सदस्य का चुनाव प्राथमिकता की वोटिंग के आधार पर होता है। जिसमें निगम पार्षद सदन की बैठक के दौरान जिन सदस्यों को निर्वाचित करना चाहते हैं बैलेट पेपर पर उनके नाम के सामने प्राथमिकता बताते हैं। सदन की बैठक में विवाद तब हो गया जब तीन बैलेट पेपर पर प्राथमिकता हिंदी में लिखने की बजाय रोमन की गिनती में लिखी थी। रोमन में गिनती लिखे होने की वजह से आप ने उन मतों को रद करने की मांग की। पहले चुनाव अधिकारी रद करना चाह रहे थे, लेकिन जब कांग्रेस दल के नेता अभिषेक दत्त ने कोर्ट जाने की बात कही और सदन के नियमों को पढ़ने की मांग की तो उन मतों को वैध मान लिया गया।

किस दल के प्रत्याशी को कितने मिले वोट

प्रत्याशी-दल-वोट

इंद्रजीत सहरावत-भाजपा-26

पूनम भाटी- भाजपा-25

सुरेश कुमार-कांग्रेस -23

प्रवीण कुमार- आप- 23

ऐसा रहा मतदान

कुल मत: 101

वैध मत- 97

अवैध मत: 4

नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार ने कहा कि इस मामले को लेकर निगम सचिव को शिकायत दी है। पहले निगम सचिव राज्य निवार्चन आयोग ने रोमन में डाले मतों को अवैध करार दिया था। बाद में भाजपा नेताओं के दबाव में कानून को दरकिनार करते हुए वैध करार कर दिया। इस मामले को लेकर कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।

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