Kisan Andolan: राकेश टिकैत बोले कोरोना का डर दिखाकर आंदोलन खत्म करने की कोशिश होगी बेकार

सरकार किसानों का आंदोलन कोरोना के बहाने से खत्म करना चाहती है।

किसान नेताओं का कहना है कि इन तीनों जगहों पर आंदोलन करने वाले किसानों का एक गांव सा बस गया है। यदि सरकार ये कोशिश करती है कि कोरोना संक्रमण फैल रहा है और आंदोलन को खत्म कर दिया जाए तो उनकी ये कोशिश पूरी तरह से बेकार होगी।

Vinay Kumar TiwariSat, 17 Apr 2021 02:18 PM (IST)

नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। देश भर में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर तेजी के साथ फैल रही है। केंद्र व राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि पिछले साढ़े तीन माह से धरने पर बैठे यह आंदोलनकारी कोरोना संक्रमण का शिकार न हो जाएं। यदि वे संक्रमित होते हैं तो दूसरे लोगों में भी संक्रमण तेजी के साथ फैलने का खतरा बना रहेगा। इसलिए सरकार चाहती है कि इन किसानों का आंदोलन खत्म हो जाए और ये लोग वापस अपने घरों को चले जाएं। जिस तरह से देश में महामारी फैल रही है उससे इसके और भी लोगों के संक्रमित होने का खतरा बना हुआ है।

इसलिए सरकार चाहती है कि फिलहाल इन किसानों को प्यार से समझाकर आंदोलन स्थल से उठाया जाए। इस बारे में जब किसान नेताओं को जानकारी हुई है तो उनका कहना है कि सरकार उनका आंदोलन कोरोना के बहाने से खत्म करना चाहती है मगर उनकी ये कोशिश बेकार होगी।

कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने के लिए प्रदेशों में धारा 144 लगा दी गई है। लोग एक जगह पर जमा न हो जिससे कोरोना संक्रमण को फैलने से रोका जा सके मगर दिल्ली की सीमाओं पर कृषि कानून को लेकर धरना देकर प्रदर्शन जारी है। कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर से कई दौर की बातचीत के बाद भी किसानों की मांग और सरकार में कोई सर्वमान्य हल नहीं निकल सका है। किसान अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं जबकि सरकार बनाए गए कानूनों को उनके हित का मानती है।

 ये भी पढ़ेंः दिल्ली में कोरोना के नए मामलों ने फिर तोड़ा रिकॉर्ड, सीएम केजरीवाल ने मांगी केंद्र से मदद

किसानों का आंदोलन टीकरी बॉर्डर, सिंघु बॉर्डर और यूपी गेट पर जारी है। वो यहां पर अपने समर्थकों के साथ सड़क की एक लेन पर टेंट लगाकर कब्जा किए हुए बैठे हैं। सबसे अधिक समस्या यूपी गेट, टीकरी और सिंघु बॉर्डर पर है। किसानों के धरना प्रदर्शन की वजह से यहां रोजाना 50 हजार से अधिक लोग प्रभावित हो रहे हैं। अब तो इस इलाके के आसपास रहने वाले भी खासे परेशान है। यूपी गेट की लेन बंद होने से मेरठ से दिल्ली तक के सफर पर प्रभाव पड़ रहा है। तीन माह से अधिक समय से ये लेन पूरी तरह से बंद है।

 इसे भी पढ़ेंः गाजियाबाद में कई जगहों पर 9 दिन बंद रहेंगी शराब की दुकानें, आदेश जारी

अब किसान नेताओं ने सरकार को फिर एक बार चुनौती दे दी है। किसान नेताओं का कहना है कि इन तीनों जगहों पर आंदोलन करने वाले किसानों का एक गांव सा बस गया है। यदि सरकार ये कोशिश करती है कि कोरोना संक्रमण फैल रहा है और आंदोलन को खत्म कर दिया जाए तो उनकी ये कोशिश पूरी तरह से बेकार होगी। सरकार इस तरह का डर दिखाने की बजाय धरना स्थल पर कोरोना संक्रमण रोकने के लिए उपाय करे।

 इसे भी पढ़ेंः नोएडा-गाजियाबाद में रविवार को लॉकडाउन के दौरान किसे मिलेगी छूट व किस पर रहेगी पाबंदी, यहां जानें सारी डिटेल्स

शुक्रवार को धरना स्थल पर किसान नेता राकेश टिकैत भी पहुंचे थे उन्होंने साफ शब्दों में कह दिया था कि किसान अपनी मांग पूरी हुए बगैर किसी कीमत पर यहां से नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि यह हमारा गांव है, कोई भी सरकार गांव के लोगों को भगा नहीं सकती है। हम यही रहेंगे। एक किसान नेता ने तो यहां तक कह दिया कि यदि सरकार आंदोलन खत्म कराने की कोई साजिश रचती है तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। कहा कि कोरोना नियमों का पालन करते हुए आंदोलन को जारी रखा जाएगा।

ये भी पढ़ेंः शर्मनाक! इंसान तो इंसान शव पर भी नहीं आयी किसी को रहम, एक के बाद एक गुजरते रहे वाहन

 

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.