क्या साजिश के तहत दिल्ली के होटल में लगवाई गई आग? 17 लोगों की हुई थी मौत

नई दिल्ली, जेएनएन। दिल्ली के करोल बाग स्थित  होटल अर्पित पैलेस में आग लगने की घटना में 17 लोगों की मौत के मामले में क्राइम ब्रांच साजिश के एंगल पर भी जांच कर रही है। होटल मालिक ने संपत्ति का बीमा करवाने के लिए आवेदन किया था। कुछ समय से होटल का कारोबार मंदा था, उस पर करोड़ों का कर्ज भी था। पुलिस तमाम पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ाते हुए सबूत जुटा रही है कि होटल में आग कहीं साजिशन तो नहीं लगाई गई।

क्राइम ब्रांच ने शुक्रवार को फिर फोरेंसिक विशेषज्ञ और होटल के महाप्रबंधक राजेंद्र सिंह और प्रबंधक विकास के साथ होटल का दौरा किया। दोनों को घटना वाले दिन ही गिरफ्तार कर लिया गया था। दोनों पहले दो दिन की पुलिस हिरासत में थे। इन्हें दोबारा रिमांड पर लिया गया। क्राइम ब्रांच की टीम ने हादसे के दृश्य को रीक्रिएट किया और आग की घटना के समय के साथ मिलान करते हुए टाइमिंग और सबूतों की पुष्टि की।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक होटल मालिक पर 56 करोड़ रुपये का कर्ज था। जिसे वह चुकाने में असमर्थ था। होटल पिछले एक साल से अच्छा कारोबार नहीं कर रहा था, जिससे वह होटल को बेचने का प्रयास कर रहा था। दिल्ली होटल महासंघ के महासचिव अरुण कुमार ने बताया कि होटल की पहली ई-नीलामी में 27 करोड़ रुपये की बोली लगी थी। अगली नीलामी बोली 31 मार्च को होने वाली थी।

क्राइम ब्रांच के डीसीपी राजीव रंजन ने बताया कि राजेंद्र और विकास को साथ लेकर टीम ने 30 मिनट से अधिक का वीडियो बनाया है। फिल्म होटल के पूरे 435 यार्ड क्षेत्र में बेसमेंट से लेकर टॉप फ्लोर कैफेटेरिया और किचन तक एक हाई डेफिनेशन कैमरे से बनाई गई है। होटल मालिक राकेश गोयल और शरद इंदू गोयल ने संपत्ति का बीमा कराने के लिए आवेदन किया था।

जली हुईं चीजों के नमूने एकत्र किए

फोरेंसिक विशेषज्ञों ने आग में जली हुई चीजों के नमूने भी एकत्र किए और आग की लपटों की लंबाई-चौड़ाई और ऊंचाई की जांच की जा रही है। फोरेंसिक टीम ने होटल की पहली मंजिल पर स्थित कमरा नंबर-109 से राख के नमूने भी लिए, जहां से आग लगने की शुरुआत हुई थी। यह एक नियोजित और आपराधिक साजिश थी या शॉर्ट-सर्किट के कारण दुर्घटना, इसकी पुष्टि के लिए नमूने एकत्र किए गए हैं। जांच रिपोर्ट 20 दिनों में तैयार हो जाएगी।

30 होटलों की एनओसी की रद

करोलबाग के होटल अर्पित पैलेस में आग से 17 लोगों की मौत के बाद दिल्ली सरकार ने अग्निशमन नियमों की अवहेलना करने वाले करोलबाग के 30 होटलों की एनओसी रद कर दी है। पिछले दो दिनों में विभाग की टीम ने करोलबाग के कुल 45 होटलों का निरीक्षण किया था। इसमें होटलों में बड़े पैमाने पर अनियमितता पाई गई। करोलबाग में करीब 250 होटल चल रहे हैं।

दिल्ली सरकार के गृह मंत्री सत्येंद्र जैन ने बताया कि करोलबाग के होटल की घटना दुखद है। इसके बाद विभाग को पूरी दिल्ली के होटलों के निरीक्षण का निर्देश दिया गया है। घटना के बाद पहले चरण में करोलबाग के होटलों में अग्निशमन व्यवस्था की जांच की गई। इस दौरान 13 और 14 फरवरी को अग्निशमन विभाग की टीम ने 45 होटलों में अग्निशमन की व्यवस्था देखी। इनमें 30 में अग्निशमन के नियमों का उल्लंघन पाया गया। उन होटलों की गैर अनापत्ति पत्र (एनओसी) रद करने का निर्णय लिया गया है।

वहीं, इन होटलों को सील करने के लिए नगर निगम और दिल्ली पुलिस को कार्रवाई करने को कहा गया है। उन्होंने बताया कि अर्पित होटल के मालिक ने वहां बड़े पैमाने पर लकड़ी और फोम का काम करा रखा था, जिसकी वजह से आग ज्यादा भयावह हो गई। अग्निशमन विभाग ने 12 लोगों की छह टीमें बनाई हैं। प्रत्येक टीम में डीसीपी रैंक के एक डिविजनल आफिसर और एसीपी रैंक के एक असिस्टेंट डिविजनल आफिसर को रखा है। 

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