चांदनी चौक में फुटपाथ से लेकर सड़क तक पर अवैध रेहड़ी-पटरी वालों के साथ बेघर और भिखारियों की भी बढ़ गई संख्या

चांदनी चौक का यह इलाका रेहड़ी-पटरी वालों से मुक्त घोषित है। आगे फुटपाथ और सड़क पर यह निराश करने वाला दृश्य फतेहपुरी मस्जिद तक मिल जाएगा। वैसे इस मामले में पहले भी हाई कोर्ट ने उत्तरी दिल्ली नगर निगम और दिल्ली पुलिस को फटकार लगाई है।

Vinay Kumar TiwariWed, 22 Sep 2021 03:08 PM (IST)
पूरे मार्ग पर रेहड़ी-पटरी वालों के साथ बेघर और भिखारी बैठे हुए हैं।

नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। ज्यादा दिन नहीं बीते, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने चांदनी चौक के पुनर्विकसित मुख्य मार्ग के उद्घाटन अवसर को संबोधित करते हुए कहा था कि यह क्षेत्र दिल्ली के प्रमुख पर्यटक स्थलों में शुमार हो गया है। जो भी पर्यटक दिल्ली आएंगे, वह चांदनी चौक जरूर आएंगे, लेकिन मुख्यमंत्री की इन उम्मीदों और सपनों को सिविक एजेंसियों की लापरवाही पलीता लगा रही है। स्थित यह है कि चांदनी चौक मुख्य मार्ग के प्रवेश द्वार पर भारी संख्या में रेहड़ी-पटरी वालों का कब्जा हो गया है। यह स्थित लाल जैन मंदिर और गौरी शंकर मंदिर पहुंचते-पहुंचते और बिगड़ी नजर आ रही है। पूरे मार्ग पर रेहड़ी-पटरी वालों के साथ बेघर और भिखारी बैठे हुए हैं।

यह स्थिति तब है जब चांदनी चौक का यह इलाका रेहड़ी-पटरी वालों से मुक्त घोषित है। आगे फुटपाथ और सड़क पर यह निराश करने वाला दृश्य फतेहपुरी मस्जिद तक मिल जाएगा। वैसे, इस मामले में पहले भी हाई कोर्ट ने उत्तरी दिल्ली नगर निगम और दिल्ली पुलिस को फटकार लगाई है। फिलवक्त मामला नए सिरे से हाई कोर्ट में है। -डेढ़ किमी सड़क मोटर वाहन मुक्तबता दें कि लालकिला से फतेहपुरी मस्जिद तक करीब डेढ़ किमी सड़क को नए सिरे से मोटर वाहन मुक्त बनाया गया है। दावा तो यह किया गया था कि इसपर सीमित संख्या में हाथ रिक्शे ही चलेंगे, लेकिन इस मार्ग पर मौजूद रिक्शों की संख्या अभी भी सैकड़ों में है। यहां तक की बुजुर्ग, बच्चों और महिलाओं की सुविधा के लिए गोल्फ कार्ट चलाने के दावे भी धरातल पर नहीं उतरे हैं।

वैसे, रिक्शों और रेहड़ी-पटरी वालों पर लगाम लगाने के लिए वालंटियर्स की तैनाती की गई है, लेकिन वह भी सक्रिय नजर नहीं आते। इससे चांदनी चौक आने वालों को निराशा हो रही है। इंदिरापुरम से खरीदारी करने आई अंकिता खंडेलवाल ने निराशा जताते हुए कहा कि वह यह सोचकर आई थीं कि काफी अच्छा और साफ-सुधरा होगा, लेकिन यहां की स्थिति उम्मीदों पर खरी नहीं उतरती है। -फुटपाथ को बिस्तर बना रहे बेघर लोगद बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन, कूचा महाजनी के अध्यक्ष योगेश सिंघल ने कहा कि रात में स्थिति और नारकीय हो जाती है। जब सैकड़ों की संख्या में बेघर सड़क और फुटपाथ को बिस्तर बना लेते हैं।

अगर समय रहते लगाम नहीं लगाया गया तो यह रैन बसेरे में तब्दील हो जाएगा। मामला हाई कोर्ट मेंइस संबंध में जब नगर निगम से पक्ष मांगा गया तो एक अधिकारी ने कहा कि मामला कोर्ट में लंबित है, इसलिए वे कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। चांदनी चौक सर्व व्यापार मंडल इस मार्ग पर गलत तरीके से रेहड़ी-पटरी वालों को बैठाने के मामले को हाई कोर्ट में ले गई है, जिसपर कोर्ट ने दिल्ली पुलिस और नगर निगम को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

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