Delhi Massage Center: दिल्ली HC की अहम टिप्पणी - महिला-पुरुष मालिश का मतलब यौन संबंध ही नहीं होता है

Delhi Massage Center दिल्ली हाई कोर्ट की न्यायमूर्ति रेखा पल्ली की पीठ ने कहा कि ऐसी सेवाएं केवल यौन गतिविधि के अस्तित्व का संकेत नहीं देती हैं। कोर्ट ने कहा कि यह एक क्रॉस-जेंडर मालिश है इसका मतलब यह नहीं है कि यह यौन गतिविधि है।

Jp YadavSat, 04 Dec 2021 11:38 AM (IST)
Delhi Massage Center: दिल्ली HC की अहम टिप्पणी - महिला-पुरुष मालिश का मतलब यौन संबंध ही नहीं होता है

नई दिल्ली [विनीत त्रिपाठी]। दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली में सत्तासीन आम आदमी पार्टी सरकार से कहा कि शहर में क्रास-जेंडर मसाज पर प्रतिबंध के संबंध में कोई कार्रवाई करने से परहेज करें। दिल्ली हाई कोर्ट की न्यायमूर्ति रेखा पल्ली की पीठ ने कहा कि ऐसी सेवाएं केवल यौन गतिविधि के अस्तित्व का संकेत नहीं देती हैं। पीठ ने यह टिप्पणी तब की जब दिल्ली सरकार की तरफ से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता राहुल मेहरा ने कहा कि ऐसे केंद्रों पर यौन गतिविधियों को रोकने के लिए उचित विचार-विमर्श के बाद नीति बनाई गई थी।

बता दें कि क्रास-जेंडर मसाज पर प्रतिबंध को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर राहुल मेहरा ने नीति को लागू करने की अनुमति देने का आग्रह किया था जो अब एक दिशानिर्देश का रूप ले चुकी है। उन्होंने अदालत से नीति को कुछ समय के लिए लागू रहने की अनुमति देने के लिए कहा और इस बात पर प्रकाश डाला कि फाइव स्टार होटलों सहित कई स्थानों पर क्रास-जेंडर मसाज की अनुमति नहीं है। हालांकि, पीठ ने कहा कि सिर्फ इसलिए कि यह एक क्रास-जेंडर मसाज है, इसका मतलब यह नहीं है कि यहां यौन गतिविधि होती है।

दिल्ली सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता ने अदालत से नीति को अनुमति देने का आग्रह किया, जो अब एक दिशानिर्देश का रूप ले चुकी है। उन्होंने अदालत से नीति को कुछ समय के लिए लागू रहने की अनुमति देने के लिए कहा और इस बात पर प्रकाश डाला कि पांच सितारा होटलों सहित कई स्थानों पर ‘क्रॉस-जेंडर’ मालिश की अनुमति नहीं है।

यह कहा है कोर्ट ने

सिर्फ इसलिए कि यह एक क्रॉस-जेंडर मालिश है, इसका मतलब यह नहीं है कि यह यौन गतिविधि है। आप अपने लोगों को रोकें। मैं यह नहीं कह रही हूं कि आपको अवैध गतिविधियां नहीं रोकनी चाहिए।

गौरतलब है कि दिल्ली सरकार स्पा में अंतरलैंगिक मसाज (पुरुष महिलाओं का और महिला पुरुषों का) पर रोक लगा चुकी है। इसके तहत स्पा या मसाज सेंटर में अब क्रास जेंडर मसाज की अनुमति नहीं है। ऐसे में कोई महिला पुरुष को और पुरुष किसी महिला को मसाज थेरिपी नहीं दे सकता। इसके अलावा रिहायशी इलाकों में नए मसाज सेंटर खोलने पर भी रोक लगा दी गई है। नए नियम के तहत फिलहाल मसाज सेंटर को नए नियमों के तहत लाइसेंस लेना होगा। इसके अलावा, मसाज कराने आने वाले ग्राहकों को भी अपना पहचान पत्र दिखाना होगा। इसके बाद ही वे मसाज सेंटर में प्रवेश पा सकेंगे।

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