रियल स्टेट के क्षेत्र में मुकाम हासिल कर चुके हनी कात्याल से जानें उनकी सफलता की कहानी

सपने हर कोई देखता है। कुछ लोग सुबह सपने देखते हुए उठते हैं और शाम तक भूल भी जाते हैं। वहीं कुछ ऐसे होते हैं जो खुली आंखों से सपने देखते हैं और उन्हें पूरा करके ही छोड़ते हैं। ये सपने कई बार उन्हें सोने तक नहीं देते।

Pooja SinghSat, 04 Sep 2021 12:04 PM (IST)
रियल स्टेट के क्षेत्र में मुकाम हासिल कर चुके हनी कात्याल से जानें उनकी सफलता की कहानी

अंशु सिंह। सपने हर कोई देखता है। कुछ लोग सुबह सपने देखते हुए उठते हैं और शाम तक भूल भी जाते हैं। वहीं, कुछ ऐसे होते हैं जो खुली आंखों से सपने देखते हैं और उन्हें पूरा करके ही छोड़ते हैं। ये सपने कई बार उन्हें सोने तक नहीं देते। रियल एस्टेट कंपनी ‘इंवेस्टर्स क्लीनिक’ के संस्थापक एवं सीईओ हनी कात्याल ऐसे ही शख्स हैं, जो भीड़ में खुद ही अपना रास्ता बनाते बढ़ते गये। हनी के अनुसार, उनके जुनून ने ही उन्हें भारतीय रिएल्टी सेक्टर में ट्रांसपैरेंसी एवं कांपिटेंसी लाने के लिए प्रेरित किया। इसी से वे सफलता की सीढ़ियां चढ़ते गए। आज 'इंवेस्टर्स क्लीनिक’ का नेटवर्क देश और विदेश तक फैल गया है। देश में ही इसके 34 कार्यालय हैं। बीते वर्ष में इसका टर्नओवर करीब 300 करोड़ रुपये के आसपास था। हनी कहते हैं, मेरी सफलता का मूल मंत्र है- थकना मना है।

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में हनी का हुआ जन्म, दिल्ली से शिक्षा की

हनी की पारिवारिक जड़ें उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से जुड़ी हैं, जहां इनका जन्म हुआ। 1997 में वह दिल्ली यूनिवर्सिटी से कामर्स में स्नातक करने आए। हमेशा से एक ड्रीमर रहे हैं। भीड़ से अलग दिखने की ख्वाहिश रही है। बताते हैं, मैंने रियल एस्टेट में जाने का फैसला लिया और इस तरह ‘इनवेस्टर्स क्लीनिक’ की शुरुआत हुई, जो एक रियल एस्टेट कंसल्टेंसी फर्म है। आप पूछेंगे कि एंटरप्रेन्योरशिप ही क्यों चुना, जबकि इसमें बड़े जोखिम होते हैं? मैं ऐसा नहीं मानता। लोगों की मान्यता को बदलना चाहता था। इसलिए अपनी कंपनी के लिए पैसे सेव कर रहा था। अच्छा लगता है जब लोग कहते हैं कि इस क्षेत्र का मैं एक युवा उद्यमी हूं। दरअसल, मैं रियल एस्टेट मार्केट में क्रांति लाना चाहता था, उसे पेशेवर क्षेत्र में बदलना चाहता था। इस तरह, घर खरीदने वालों में मार्केट को लेकर जागरूकता लाना मेरा मकसद बन गया और यूएसपी भी।

चुनौतियों को जीता

हनी के अनुसार, जब हम बिल्कुल नई दुनिया में कदम रखते हैं, तो उसके साथ बहुत-सी चुनौतियां भी आती हैं। हमारे साथ भी ऐसा हुआ। शुरुआती दो-तीन वर्षों में हमारी टीम को कई प्रकार की समस्याओं से दो-चार होना पड़ा, जिनमें सही लोगों को हायर करना, रेवेन्यू जेनरेशन के बारे में सोचना, फंड्स का इंतजाम करना, बिजनेस पार्टनर्स एवं शेयर होल्डर्स के बीच विश्वसनीयता कायम करना आदि रहा। लेकिन समय बीतने के साथ हम इन सभी चुनौतियों को हरा सके और खुद को एक मजबूत टीम के रूप में विकसित किया। आज सैकड़ों बिल्डर्स, डेवलपर्स के साथ हमारे टाईअप हैं। देश के कई प्रोजेक्ट्स पर हम काम कर रहे हैं। इंवेस्टर्स क्लीनिक घर खरीदने वालों को प्रापर्टी कैटेलाग उपलब्ध कराता है, उन्हें विकल्पों में सर्वश्रेष्ठ चुनने के लिए गाइड करता है और साथ ही एक्रीडेटेड बिल्डर्स के साथ बेस्ट प्राइस एवं डील्स कराता है।

बनें गेम चेंजर

कोरोना काल में तमाम क्षेत्रों की तरह रियल एस्टेट सेक्टर में भी कई उतार-चढ़ाव आए हैं। रेवेन्यू पर असर पड़ा है। लेकिन हनी कहते हैं कि हमने दूसरे वेव के बाद प्रोजेक्ट्स को विस्तार देने का फैसला किया। लखनऊ में कंपनी का नया सेटअप करने के साथ ही वहां सैकड़ों लोगों को रोजगार देने का इरादा है। क्योंकि मैं मानता हूं कि हमें गेम चेंजर बनना होगा। इसी मंत्र को लेकर मैं आगे बढ़ता जाता हूं, चाहे परिस्थितियां कैसी भी हों। मौजूदा दौर में हम अपनी मेहनत एवं दृढ़निश्चय से अपने लक्ष्य को हासिल कर सकते हैं। मार्केट से होम बायर्स कभी गए ही नहीं। बस जरूरत उनका विश्वास बनाए रखने की है। विश्वसनीयता ही आगे बढ़ने का मौका देती है। अच्छी बात यह है कि रेरा एवं जीएसटी ने रियल एस्टेट में खरीदारों के आत्मविश्वास को बनाए रखा है। हम खुद ग्राहकों की संतुष्टि को प्राथमिकता देते हैं।

टीम है ड्राइविंग फोर्स

हनी का मानना है कि मार्केट में बने रहने के लिए सस्टेनबिलिटी फैक्टर का हमेशा ध्यान रखना होता है। आप जरूरत के मुताबिक जितना बदल सकेंगे, फ्लेक्सिबल रहेंगे, उतना अच्छा। इसमें आपको अपनी टीम का साथ चाहिए होगा। वह कहते हैं, मेरी टीम ही ड्राइविंग फोर्स है। टीम का नेतृत्व करना प्रेरक होता है, लेकिन कई बार काफी थकाऊ भी। बावजूद इसके, एक मजबूत सपोर्ट सिस्टम एवं निष्पक्ष कार्यप्रणाली सभी का उत्साह बनाए रखती है। अब तक के सफर में यही सीखा है कि थकना मना है। यही मेरे जीवन का मंत्र भी है। इसने न सिर्फ मुझे सफलता दिलाई है, बल्कि जमीन से जोड़े भी रखा है। क्योंकि मेरी सफलता सिर्फ मुझसे नहीं, टीम से भी जुड़ी है।

सपनों को करें पूरा

हनी के लिए सफलता का मतलब है एक ऐसा बिजनेस खड़ा करना, जो न सिर्फ ग्राहकों को सशक्त करे, बल्कि कर्मचारियों को भी समान रूप से सशक्त बनाए। नये उद्यमियों से कहना चाहूंगा कि दुनिया में दो प्रकार के लोग होते हैं, एक वे जो सपने देखते और उन्हें भूल जाते हैं। दूसरे वे, जो सपनों को सोने नहीं देते। अगर आपको उद्यमिता में सफलता चाहिए, तो दूसरी श्रेणी के व्यक्ति बनें। अपने जुनून को पहचानें, चुनौतियों का सामना करें और खुद पर भरोसा रखें। गलतियों से सबक लेकर विजन के साथ बढ़ते जाएं।

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