हाई कोर्ट और निचली अदालत में 15 मई तक सिर्फ वर्चुअल तरीके से होगी सुनवाई

कोरोना महामारी के बढ़ते मामलों को देखते हुए लिया गया निर्णय।

कोर्ट के आदेश में कहा गया कि सभी पीठ इस दौरान सिर्फ बहुत ही जरूरी मामलों की सुनवाई वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से करेंगी। साथ ही हाई कोर्ट की सभी अदातलों के ज्वाइंट रजिस्ट्रार भी वर्चुअल तरीके से सुनवाई करेंगे।

Prateek KumarFri, 23 Apr 2021 06:11 PM (IST)

नई दिल्ली [विनीत त्रिपाठी]। दिल्ली में कोरोना महामारी से बिगड़ी स्थिति को देखते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को आदेश जारी करके कहा कि हाई कोर्ट से लेकर निचली अदालत में सिर्फ वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से ही सुनवाई होगी। दिल्ली में एक दिन में 26 हजार से अधिक कोरोना मामलों के आने के बाद दिल्ली हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल मनोज जैन की तरफ से आदेश जारी किया गया।

ई मामले नौ जुलाई से 31 जुलाई तक के लिए स्थगित

आदेश में कहा गया कि सभी पीठ इस दौरान सिर्फ बहुत ही जरूरी मामलों की सुनवाई वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से करेंगी। इसके साथ ही हाई कोर्ट की सभी अदालतों के ज्वाइंट रजिस्ट्रार भी वर्चुअल तरीके से सुनवाई करेंगे। 26 अप्रैल से लेकर 15 तक के बीच सूचीबद्ध किए गए लंबित मामले को नौ जुलाई से 31 जुलाई तक के लिए स्थगित किया जाता है।

बहुत महत्वपूर्ण मामलों की होगी वर्चुअल सुनवाई

19 अप्रैल को दिल्ली हाई कोर्ट ने आदेश जारी किया था कि वह अब सिर्फ बहुत महत्वपूर्ण मामलों की ही सुनवाई वर्चुअल तरीके से करेगा। इससे पहले अदालत ने आठ अप्रैल को आदेश जारी किया था कि अब हाई कोर्ट 23 अप्रैल तक वीडियो कान्फ्रेंसिंग से मामलों की सुनवाई करेगा। यह आदेश निचली अदालत पर भी लागू किया गया था।

पिछले साल पूरे देश में लॉकडाउन घोषित किए जाने के बाद दिल्ली हाई कोर्ट व निचली अदालत में 25 मार्च से वर्चुअल तरीके से सुनवाई करने का आदेश दिया था। हालांकि, सितंबर माह से कुछ पीठ को फिजिकल तरीके से सुनवाई करने की इजाजत दी गई थी। इसके साथ ही अदालत ने हाईब्रीड सुनवाई की प्रक्रिया भी शुरू की थी। इसके तहत अधिवक्ता के पास वर्चुअल व फिजिकल दोनों ही माध्यम से सुनवाई में शामिल होने का अधिकार था।

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