दिल्ली की स्थिति पर श्वेत पत्र जारी करे सरकार : रामवीर सिंह बिधूड़ी

विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता रामवीर सिंह बिधूड़ी की फाइल फोटो।

केजरीवाल सरकार बताए कि कोरोना से निपटने के लिए एक साल में कितने वेंटिलेटर बेड बढ़ाए गए कितने आक्सीजन बेड या आईसीयू बेड बढ़ाए गए।दिल्ली में 15057 बेड में से दिल्ली सरकार के सिर्फ 4927 बेड हैं। कुल मरीजों में से सिर्फ 27 फीसद ही सरकारी अस्पतालों में दाखिल हैं।

Prateek KumarTue, 20 Apr 2021 04:29 PM (IST)

नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कोरोना संकट में आम आदमी पार्टी (आप) पर राजनीति का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली पर ध्यान देने के बजाय वह भाजपा पर दोषारोपण से बाज नहीं आ रही है। दिल्ली पर ध्यान न देने और राजनीति करने की वजह से ही कोरोना बेकाबू हुआ है। इसलिए उन्होंने दिल्ली सरकार से राजधानी की स्थिति और आप सरकार की तैयारियों पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है। बिधूड़ी ने कहा है कि दिल्ली में आज संक्रमण दर 30 फीसद से भी ज्यादा हो गई है। रोजाना 25 हजार से भी ज्यादा मरीज आ रहे हैं।

बजट ज्यादा तो फिर क्यों नहीं खुला अस्पताल

उन्होंने सवाल किया कि आप नेता पूरी दुनिया में यह बखान करते फिरते हैं कि दिल्ली का बजट 69 हजार करोड़ का है। इसका सर्वाधिक हिस्सा शिक्षा और स्वास्थ्य पर खर्च किया जाता है। फिर भी दिल्ली में एक भी नया अस्पताल नहीं खुला। हालात यह है कि वर्तमान अस्पतालों में भी 30 फीसद स्टाफ की कमी है

एक साल में कितने वेंटिलेटर बेड बढ़े

इसलिए केजरीवाल सरकार बताए कि कोरोना से निपटने के लिए एक साल में कितने वेंटिलेटर बेड बढ़ाए गए, कितने आक्सीजन बेड या आईसीयू बेड बढ़ाए गए। दिल्ली में 15057 बेड में से दिल्ली सरकार के सिर्फ 4927 बेड हैं। कुल मरीजों में से सिर्फ 27 फीसद ही सरकारी अस्पतालों में दाखिल हैं। बाकी सारा बोझ निजी अस्पताल या फिर केंद्र सरकार के अस्पताल बर्दाश्त कर रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार ने पहले भी पूरी मदद की थी। रक्षा मंत्रालय के डीआरडीओ अस्पताल ने फिर से काम करना शुरू कर दिया है। यहां 250 बेड के अस्पताल ने काम शुरू कर दिया है। रेलवे ने करीब 1200 बेड के लिए 75 अस्पताल दिए हैं।

दिल्ली के लोगों पर राजनीति करने का आरोप

भाजपा के आरोप पर आम आदमी पार्टी ने कहा है कि यह बेहद निराशाजनक और दुर्भाग्यपूर्ण है कि भाजपा एक ऐसे मुद्दे का राजनीतिकरण कर रही है जिसमें दिल्ली के लोगों का कीमती जीवन शामिल है। इस महामारी ने हम सभी को बुरी तरह प्रभावित किया है। ऐसे समय में फिर से सीएम अरविंद केजरीवाल ने सभी सरकारों और एजेंसियों को कोरोना से लड़ने के लिए एक साथ आने के लिए कहा है। दिल्ली सरकार पहले ही अपने अधिकांश अस्पताल के बेड कोरोना मरीजों को समर्पित कर चुकी है, लेकिन केंद्र ने दिल्ली में कोरोना के लिए अपने 10,000 बेड में से केवल 1800 ही कोरोना मरीजों के लिए दिए हैं। वहीं नगर निगमों ने भी अपने 3200 बेड में से केवल 200 बेड कोरोना मरीजों के लिए दिए हैं।

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