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देश में रहने वाले विदेशी भी कर रहे मेडिकल उपकरण के नाम पर ठगी, सामने आया मामला, पढ़िए ठगी की दास्तान

आक्सीजन सिलेंडर के नाम पर ठगी करने के मामले में नाइजीरियाई को गिरफ्तार किया गया है।

कोरोना की लहर में देश विदेश के साइबर ठग लोगों को आनलाइन लूटने में लगे हुए हैं। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने आक्सीजन सिलेंडर देने के नाम पर आनलाइन ठगी करने वाले एक नाइजीरियन को गिरफ्तार किया है। आरोपित वीजा समाप्ति के बाद भी दिल्ली में रह रहा था।

Vinay Kumar TiwariThu, 13 May 2021 11:32 AM (IST)

नई दिल्ली, [धनंजय मिश्रा]। कोरोना संक्रमण के इस दौर में अपने देश के ही नहीं बल्कि विदेश के लोग भी आम जनमानस को ठगने में लगे हुए हैं। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने आक्सीजन सिलेंडर के नाम पर ठगने वाले ऐसे ही एक मामले का खुलासा किया है। इस मामले में नाइजीरिया के रहने वाले को गिरफ्तार किया गया है। हैरत की बात ये है कि ये नाइजीरियाई वीजा समाप्त हो जाने के बाद भी देश में रह रहा था और इस तरह से ठगी कर रहा था।

कोरोना की दूसरी लहर में देश विदेशी के साइबर ठग लोगों को आनलाइन लूटने में लगे हुए हैं। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने आक्सीजन सिलेंडर देने के नाम पर आनलाइन ठगी करने वाले एक नाइजीरियन को गिरफ्तार किया है। आरोपित वीजा समाप्ति के बाद भी दिल्ली में रह रहा था। पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपित पहले भी आनलाइन ठगी के मामले में शामिल रहा है।

सिलेंडर के नाम पर ठगी में किसी विदेशी की गिरफ्तारी का यह पहला मामला है। आक्सीजन सिलेंडर के नाम पर हुई आनलाइन धोखाधड़ी का एक मामला ज्योति नगर थाने में पांच मई को दर्ज किया गया था। इस मामले की जांच दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा की टीम कर रही थी। टीम को सूचना मिली की मालवीय नगर इलाके के खिड़की एक्सटेंशन के एक फ्लैट में रहने वाला नाइजीरिया का नागरिक डेविड इस मामले में शामिल है।

पुलिस को यह भी पता चला कि जिस मोबाइल नंबर से पीडि़त को आरोपित ने फोन किया है उसकी लोकेशन भी मालवीय नगर इलाके की है। ऐसे में पुलिस टीम ने स्थानीय जानकारी जुटा कर फ्लैट में छापा मारा। इस दौरान आरोपित पुलिसकर्मियों को देख कर भागने लगा। लेकिन उसे पकड़ लिया गया। जब उससे ज्योति नगर थाने में दर्ज धोखाधड़ी के मामले में पूछताछ की गई तो वह पुलिसकर्मियों को बातों से गुमराह करने लगा। पुलिसकर्मियों ने उससे वीजा और पासपोर्ट की जानकारी मांगी तब भी वह स्पष्ट जवाब नहीं दे पाया। उसके फ्लैट से मिले वीजा और पासपोर्ट की फोटोकापी से पता चला की उसके वीजा की समय अवधि बहुत पहले की समाप्त हो चुकी है।

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