करोलबाग बाजार में प्रतिबंध के बाद भी रेहड़ी-पटरी का अतिक्रमण, भीड़ से टूट रहे कोरोना के नियम

करोलबाग बाजार में अवैध रेहड़ी-पटरी लगाने पर प्रतिबंध है। इसके बावजूद मेट्रो स्टेशन और अजमल खां सड़क के पास रेहड़ी-पटरी लग रही हैं। इससे दुकानदारों के साथ बाजार में आने वाले खरीदार परेशान हैं। विभाग में शिकायत पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

Pradeep ChauhanThu, 23 Sep 2021 02:03 PM (IST)
रेहड़ी-पटरी से अतिक्रमण होने से जाम की समस्‍या से लोग परेशान।

नई दिल्‍ली, जागरण संवाददाता। करोलबाग बाजार में अवैध रेहड़ी-पटरी लगाने पर प्रतिबंध है। इसके बावजूद मेट्रो स्टेशन और अजमल खां सड़क के पास रेहड़ी-पटरी लग रही हैं। इससे दुकानदारों के साथ बाजार में आने वाले खरीदार परेशान हैं। वहीं, बाजार में भीड़ बढ़ने से कोरोना के नियम भी टूटते नजर आ रहे हैं। लोगों ने बताया कि रेहड़ी-पटरी वालों की वजह से बाजार में प्रवेश करने में दिक्कत आती है।

यह लोग बाजार के द्वार पर ही जमावड़ा लगा कर अपनी रेहड़ी लगा लेते हैं। इससे भीड़ होने पर कोरोना के नियमों का पालन भी नहीं हो रहा है और संक्रमण का खतरा है। दुकानदार रमेश ने बताया कि गफ्फार बाजार में पटरी वालों की वजह काफी भीड़ रहती है। इससे शाम को पैदल निकलना भी मुश्किल हो जाता है। प्रशासन से कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई निदान नहीं हुआ। खरीदार लिशा ने बताया कि बाजार में नियमों की जमकर अनदेखी हो रही है। रेहड़ी वाले कहीं पर भी सामान बेचने लग जाते हैं।

ऐसे में बाजार आने पर काफी परेशानी हो रही है। यहां पैदल चलना खतरे से कम नहीं है। शाम के समय लोगों को ज्‍यादा परेशानी होती है। खरीदार आशुतोष ने बताया कि यहां पहले इतनी रेहड़ी-पटरी लगती नहीं देखीं। अब इन लोगों का बेतरतीब तरीके से सड़कों पर कब्जा हो गया है। इससे बाजार में आने और निकलने में परेशानी हो रही है। कई बार तो लोगों की भीड़ इतनी बढ़ जाती है कि निकलने के लिए लाइन लगानी पड़ती है। वहीं, उत्तरी दिल्ली निगम करोल बाग के चेयरमैन तेजराम फौर ने बताया कि मैंने खुद वहां का दौरा किया है। अगले तीन दिन में इसके परिणाम नजर आने लगेंगे। हम पूरी तरह से अतिक्रमण के खिलाफ हैं। वहां पर नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

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