दिल्ली में चांदनी चौक के पुनर्विकास वाले क्षेत्र में न होने पाए दोबारा अतिक्रमण: हाई कोर्ट

सुरक्षा से दृष्टिकोण से अहम है हेलमेट, करें सख्त निगरानी : हाई काेर्ट

दिल्ली हाई कोर्ट में एसआरडीसी की तरफ से पेश हुए अधिवक्ता नौशाद अहमद खान ने कहा कि क्षेत्र में दोबारा अतिक्रमण हो गया है। हाई कोर्ट ने उनसे पूछा कि क्या एसआरडीसी अधिकारियों को निर्देश देने में खुद सक्षम नहीं है।

Mangal YadavTue, 13 Apr 2021 06:33 AM (IST)

नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को अधिकारियों को निर्देश दिया कि चांदनी चौक में पुनर्विकास वाले क्षेत्र में दाेबारा अतिक्रमण न हो यह सुनिश्चित करें। न्यायमूर्ति विपिन सांघी व न्यायमूर्ति रेखा पल्ली की पीठ ने कहा कि अधिकारी शाहजहांनाबाद पुनर्विकास निगम (एसआरडीसी) के अध्यक्ष द्वारा दी गई समयसीमा का पालन करें। पीठ ने कहा कि अगर दोबारा अतिक्रमण नहीं होगा तो उनके द्वारा किया गया अच्छा काम व्यर्थ नहीं जाएगा। पीठ ने इसके साथ ही इस मामले की सुनवाई 18 मई के लिए स्थगित कर दी।

पीठ ने उक्त आदेश एसआरडीसी अध्यक्ष के प्रतिवेदन पर दिया। एसआरडीसी की तरफ से पेश हुए अधिवक्ता नौशाद अहमद खान ने कहा कि क्षेत्र में दोबारा अतिक्रमण हो गया है। हाई कोर्ट ने उनसे पूछा कि क्या एसआरडीसी अधिकारियों को निर्देश देने में खुद सक्षम नहीं है। खान ने इस पर कहा कि परियोजना में 16 से अधिक सांविधिक प्राधिकार शामिल हैं। सबके बीच तालमेल लगभग असंभव है। इस वजह से एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति की गई थी जो उन सबके बीच समन्वय बनाते हैं और अदलत को घटनाक्रमों से अवगत भी कराते हैं। चांदनी चौक सर्व व्यापार मंडल की तरफ से पेश हुए अधिवक्ता संजीव रल्ली ने कहा कि परियोजना में पिछले दो साल से विलंब हो रहा है और अधिकारियों का कठिन परिश्रम बेकार जा रहा है।

सुरक्षा से दृष्टिकोण से अहम है हेलमेट, करें सख्त निगरानी : हाई काेर्ट

वहीं, हेलमेट को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट ने भारतीय मानक ब्यूरो (बीआइएस) को महत्वपूर्ण निर्देश देते हुए कहा कि उपभोक्ता की सुरक्षा की दृष्टिकोण से हेलमेट बेहद अहम है और इसके निर्माण व बिक्री पर सख्त निगरानी रखना चाहिए। न्यायमूर्ति प्रतिबा एम सिंह की पीठ ने साथ ही गैर सरकारी संगठन द्वारा की गई शिकायतों को देखने एवं स्थिति रिपोर्ट पेश करने का बीआइएस को निर्देश दिया।

याचिका में गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) उत्प्रेरित कंज्यूमर फाउंडेशन ने कहा कि उसकी तरफ से हेलमेट के निर्माण व इसकी बिक्री के संबंध में हो रही अनियमितताओं के संबंध में वर्ष 2019 से अभी तक 1400 से अधिक शिकायतें की हैं। एनजीओ के अधिवक्ता तुषार ए जॉन ने कहा कि बीआइएस हेलमेट के विनिर्माण और बिक्री की उचित तरीके से निगरानी नहीं कर रहा है। जॉन ने सुनवाई के दौरान बताया कि कुछ कंपनियां आइएसआइ चिह्न का उपयोग कर रही हैं जबकि उनका लाइसेंस रद किया जा चुका है। वहीं कुछ अन्य उस क्षेत्र के हेलमेट बना रहे हैं जिसके लिए उनके पास आइएसआइ चिन्ह का इस्तेमाल करने का लाइसेंस नहीं हैं।  

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