Eid-ul-fitr Today: दिल्ली-एनसीआर में लगातार दूसरे साल घरों में ही मनाई जा रही ईद

Eid-ul-fitr Today: दिल्ली-एनसीआर में लगातार दूसरे साल घरों में ही मनाई जा रही ईद

Eid-ul-fitr Today शुक्रवार सुबह से दिल्ली-एनसीआर में ईद का त्योहार मनाया जा रहा। हालांकि कोरोना संक्रमण व लॉकडाउन के चलते मस्जिदों और ईदगाह में नमाज नहीं पढ़ी गई। मस्जिद प्रबंधन और जिला प्रशासन इसको लेकर लोगों से लगातार अपील कर रहा था और लोगों ने यह बात मानी।

Jp YadavFri, 14 May 2021 08:31 AM (IST)

नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। माहे रमजान में अनुशासन में रोजे रखने के बाद ईद की खुशियां उपहार स्वरूप मिल रही हैं। शुक्रवार सुबह से दिल्ली-एनसीआर में ईद का त्योहार मनाया जा रहा। हालांकि, कोरोना संक्रमण व लॉकडाउन के चलते मस्जिदों और ईदगाह में नमाज नहीं पढ़ी गई। मस्जिद प्रबंधन और जिला प्रशासन इसको लेकर लोगों से लगातार अपील कर रहा था और लोगों ने यह बात मानी। लोग घरों में ही नमाज पढ़ रहे हैं और ईद सिर्फ परिवार में ही मनाई जा रही है। इसके अलावा लोग फोन पर एक-दूसरे को ईद की मुबारक बाद दे रहे हैं। यह लगातार दूसरा वर्ष है जब कोरोना संक्रमण के बीच ईद का त्योहार आया है। इस बार यह और भयावह स्थिति में है। पुरानी दिल्ली के इलाकों में इसका खासा प्रकोप देखा जा रहा है। कई लोगों का जीवन इसने छीन लिया तो कई लोग इससे संक्रमित हैं। इसलिए इस बार ईद की वह खुशियां नहीं देखी जा रही है जो पहले के वर्षो में थीं। इसलिए लोगों ने इस त्योहार को सादे तरीके से मनाने का फैसला किया है। कई लोग इस बार ईद के लिए जुटाए पैसे और जकात का धन कोरोना पीड़ित परिवारों की मदद को दे रहे हैं, ताकि इस संकट के समय उसकी कुछ मदद हो सके। इसको लेकर सामूहिक मदद भी की जा रही है। 'पुरानी दिल्ली वालों की बातें (पीडीडब्ल्यूकेबी)' व दिल्ली यूथ वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से जरूरतमंदों की मदद के लिए धन जुटाया जा रहा है।

इस संबंध में पीडीडब्ल्यूकेबी के संस्थापक अबू सूफियान ने बताया कि अब तक 70 लाख रुपये जुटा लिए गए हैं। इससे आक्सीजन, दवाएं व भोजन समेत अन्य जरूरी सामानों से जरूरतमंदों की मदद की जा रही है। उन्होंने बताया कि पुरानी दिल्ली में ऐसे बहुत सारे लोग हैं जो जकात (एक निश्चित दान) का पैसा व ईद की तैयारियों के लिए रखे गए पैसे को दूसरी की मदद के लिए दान कर रहे हैं। उनको भी इसके लिए संपर्क किया और दान किया है। लाल कुआं निवासी मो. नफीस ने कहा कि इस बार कई जानने वालों और आस-पास के घरों में संक्रमण के कई मामले हैं। कई घरों में इसके चलते निधन हुआ है। ऐसे में कैसे हम ईद की खुशियां मना सकते हैं। शिक्षाविद फिरोजबख्त अहमद ने बताया कि वे इस बार ईद नहीं मना रहे हैं, क्योंकि इस बार कोरोना संक्रमण के चलते कई परिवार दुख और तकलीफ में है।

ऐसे में वह ईद की खुशियां मनाने की जगह जरूरतमंदों की मदद करेंगे, ताकि उनको कुछ हिम्मत मिल सकें। वैसे, बृहस्पतिवार को जामा मस्जिद इलाके में खरीदारों को लेकर थोड़ी भीड़भाड़ देखने को मिली। रेहड़ी पटरी वालों के साथ ही दुकानें खुली हुई थी। कुछ दुकानों में शटर बंद कर सामानों की बिक्री हो रही थी। इस देखते हुए दिल्ली पुलिस व जिला प्रशासन के लोगों को जागरूक करने के साथ दुकानें बंद कराई और लोगों से कोरोना को देखते हुए बेहद जरूरी होने पर घरों से बाहर निकलने की अपील की।

उधर, जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी व फतेहपुरी मस्जिद के शाही इमाम डा. मुफ्ती मुकर्रम अहमद, आल इंडिया इमाम आर्गेनाइजेशन के चीफ इमाम उमेर अहमद इलियासी, कश्मीरी गेट स्थित शिया जामा मस्जिद के शाही इमाम मोहसिन तकवी समेत अन्य प्रबुद्ध धर्म गुरुओं ने लोगों से ईद की नमाज के साथ खुशियां भी घरों में बांटने की अपील की है।

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