दिल्ली में ग्लोरीयस हैरिटेज ई-बुक के जरिए घर बैठे लीजिए संरक्षित इमारतों की जानकारी

निगम के अनुसार उनके क्षेत्र में 475 संरक्षित इमारतें हैं जिनमें से 108 को पहले संस्करण में शामिल किया गया है। पुस्तक का उपराज्यपाल अनिल बैजल महापौर मुकेश सुर्यान ने इसका लोकापर्ण किया। अगले दो संस्करण में सभी संरक्षित इमारतों को शामिल किया जाएगा।

Mangal YadavFri, 06 Aug 2021 10:22 AM (IST)
संरक्षित इमारतों की जानकारी देगी ग्लोरियस हेरिटेज ई-बुक

नई दिल्ली [निहाल सिंह]। दक्षिणी निगम के अधिकार क्षेत्र में आने वाली संरक्षित इमारतों की जानकारी के लिए अब विभिन्न कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरुरत नहीं है। घर बैठे निगम की वेबसाइट पर ग्लोरीयस हैरिटेज ई-बुक के जरिए मिल जाएगी। इसके लिए दक्षिणी निगम कड़ी मेहनत की है। न केवल इन संरक्षित स्थानों का निरीक्षण किया है बल्कि ऐतिहासिक जानकारी भी जुटाई गई है। निगम के अनुसार उनके क्षेत्र में 475 संरक्षित इमारतें हैं जिनमें से 108 को पहले संस्करण में शामिल किया गया है। पुस्तक का उपराज्यपाल अनिल बैजल, महापौर मुकेश सुर्यान ने इसका लोकापर्ण किया। अगले दो संस्करण में सभी संरक्षित इमारतों को शामिल किया जाएगा।

उपराज्यपाल अनिल बैजल ने विडियों कांफ्रेसिंग के जरिए कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि निगम अपने अधिकार क्षेत्र के तहत आने वाले विरासत स्थलों का संरक्षण कर रहा है। इसके साथ ही ई-किताब के जरिए युवा पीढ़ी को हमारी ऐतिहासिक धरोहर, प्राचीन इमारतों व स्मारकों के बारे में विस्तृत जानकारी देने के लिए यह प्रयास प्रशंसनीय है। उन्होंने कहा कि दक्षिणी निगम सीमित संसाधनों व वित्तीय चुनौतियों के बावजूद इन स्थलों के संरक्षण की ओर कार्य कर रहा है।

 

महापौर मुकेश सुर्यान ने कहा कि दक्षिणी निगम ने भारतीय इतिहास,संस्कृति और परंपरा को जीवित रखने के लिये हैरिटेज कन्जर्वेशन सेल की स्थापना की हैष। हमारे अधिकारियों ने ऐसे 475 बहुविध विरासत स्थलों की पहचान की है। इस पुस्तक में ऐसे 108 विरासत स्थलों को सुंदर चित्रों व रोचक तथ्यो के साथ प्रस्तुत किया गया है।

इसमें प्राचीनतम और नवीनतम माने गए विरासत स्थल इस पुस्तक में अनंगताल है जो बुद्ध स्त्रीधर द्वारा 1132 ई. सन् में उल्लिखित थे और दरियागंज पुलिस स्टेशन 1930 ई. सन् में बनाया गया था। निगमायुक्त ज्ञानेश भारती ने कहा हैरिटेज कन्जर्वेशन सेल करने का उद्देश्य दिल्ली की अद्भुत ऐतिहासिक व सांस्कृतिक धरोहरों के महत्व को समझना और उनके संरक्षण व सुरक्षा की ओर कार्य करना है। उन्होंने कहा कि यह ई- बुक दक्षिणी निगम की वेबसाइट पर उपलब्ध है। यहां पर लोग इस किताब को पढ़कर दिल्ली प्राचीन स्मारकों का बारे में जानकारी ले सकते हैं।

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