रेहड़ी-पटरी वालों के अतिक्रमण के कारण दिल्ली के प्रमुख थोक बाजारों का हाल बुरा

Street Vending Policy दुकानदारों की चिंता सरकार की ओर से तैयार की जा रही स्ट्रीट वेंडिंग नीति को लेकर भी है जिसके तहत तकरीबन दो लाख से अधिक रेहड़ी-पटरी वालों को लाइसेंस देने की बात कहीं जा रही है।

Prateek KumarSun, 28 Nov 2021 04:55 PM (IST)
सड़क किनारे खड़े स्ट्री वेंडर की फाइल फोटो।

नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। रेहड़ी-पटरी वालों के अतिक्रमण के कारण दिल्ली के प्रमुख थोक बाजारों के साथ ही खुदरा बाजारों का बुरा हाल है। ऐसे में कारोबारी संगठन इस पर लगाम लगाने के लिए शासन-प्रशासन और कोर्ट के साथ ही देश के प्रतिष्ठित कारोबारी संगठनों से भी सहयोग लेने की कोशिश में हैं। दुकानदारों की चिंता सरकार की ओर से तैयार की जा रही स्ट्रीट वेंडिंग नीति को लेकर भी है, जिसके तहत तकरीबन दो लाख से अधिक रेहड़ी-पटरी वालों को लाइसेंस देने की बात कहीं जा रही है।

कारोबारी नेताओं की चिंता यह है कि अगर इतनी बड़ी संख्या में रेहड़ी-पटरी वालों को लाइसेंस दे दिया गया तो बाजारों में पैदल चलने की जगह नहीं बचेगी। इसके साथ ही उनका कारोबारी भी बुरी तरह प्रभावित होगा। सदर बाजार के व्यापारी बाजार में पहले से हुए अतिक्रमण को लेकर जहां फिर से हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी की है तो लुटियंस दिल्ली के साथ ही अन्य बाजारों के कारोबारी संगठनों ने पीएचडी चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्री को अपनी आवाज बनाने की कोशिश की है। इसको लेकर शुक्रवार को कनाट प्लेस में व्यापारियों की लंबी बैठक चली।

इसमें नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन (एनडीटीए) के अध्यक्ष अतुल भार्गव व सचिव विक्रम बधवार के साथ ही खान मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीव मेहरा, लाजपत नगर ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीव मदान, चांदनी चौक सर्व व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजय भार्गव व दिल्ली व्यापार महासंघ के अध्यक्ष देवराज बवेजा समेत अन्य व्यापारी मौजूद रहे।

वहीं, पीएचडी चैंबर की ओर से दिल्ली इकाई के अध्यक्ष निर्मल खंडेलवाल मौजूद रहे। एक व्यापारी नेता के मुताबिक इसी तरह अन्य बड़े राष्ट्रीय औद्योगिक व कारोबारी संगठनों से भी सहयोग मांगा जाएगा। उनके माध्यम से यह मुद्दा केंद्र व राज्य सरकार के सामने प्रभावी तरीके से रखा जाएगा। बैठक में दिल्ली के बाजारों के साथ औद्योगिक क्षेत्रों की विभिन्न समस्याओं पर बिंदुवार चर्चा की गई, लेकिन सर्वाधिक चिंता बाजारों में बढ़ते रेहड़ी-पटरी वालों के अतिक्रमण पर रहीं, जिसपर शासन-प्रशासन का अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा है।

इसी तरह बाजारों में पार्किंग की समस्या व हाउस टैक्स जैसे मुद्दे भी उठे। वैसे, कनाट प्लेस में दिल्ली पुलिस ने अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाया हुआ है। हाल के दिनों में हनुमान मंदिर के साथ ही इनर सर्कल से अतिक्रमण हटाए गए हैं, लेकिन अन्य बाजारों का बुरा हाल है। चांदनी चौक मुख्य मार्ग के मोटर वाहन मुक्त होने के बाद उस पर रेहड़ी-पटरी के साथ फेरी वालों का अतिक्रमण बढ़ गया है। कमोबेश यही हाल सदर बाजार, भागीरथ पैलेस, खारी बावली, कश्मीरी गेट व चावड़ी बाजार का भी है। दिल्ली व्यापार महासंघ के अध्यक्ष देवराज बवेजा ने कहा कि अतिक्रमण के चलते बाजारों की स्थिति काफी खराब है। इसके साथ ही अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की गई।

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