डीयू के छात्र व शिक्षक LIFELINE समूह के जरिए कोरोना संक्रमितों की कर रहे मदद, दो शिफ्टों में मुहैया करा रहे सहायता

कालेज ने 20 से अधिक छात्रों एवं शिक्षकों का समूह बनाया है, जो मदद को तत्पर है।

कोरोना की दूसरी लहर से दिल्ली विश्वविद्यालय जूझ रहा है। बड़ी संख्या में शिक्षक और छात्र संक्रमित हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से संबद्ध कमला नेहरू कालेज शिक्षकों एवं छात्रों की मदद के लिए सामने आया है। कालेज ने 20 से अधिक छात्रों एवं शिक्षकों का समूह बनाया है।

Vinay Kumar TiwariTue, 11 May 2021 12:01 PM (IST)

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। कोरोना की दूसरी लहर से दिल्ली विश्वविद्यालय जूझ रहा है। बड़ी संख्या में शिक्षक और छात्र संक्रमित हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से संबद्ध कमला नेहरू कालेज शिक्षकों एवं छात्रों की मदद के लिए सामने आया है। कालेज ने 20 से अधिक छात्रों एवं शिक्षकों का समूह बनाया है, जो मदद को तत्पर है। इस अभियान को 'लाइफलाइन' नाम दिया गया है। यह समूह सरकार व गैर सरकारी संगठनों की ओर से प्रदान की जा रही मदद संबंधी सत्यापित सूचनाओं को ही साझा करेगा।

एसएमएस एवं फोन पर मदद

छात्रों या शिक्षकों को एसएमएस और काल पर सहायता मुहैया कराई जाएगी। मरीज का नाम, पहचान संख्या, आयु, आक्सीजन लेवल, बुखार व कालेज संबंधी जानकारी प्रदान करनी होगी। चार-चार सदस्यों की टीमडीयू प्रशासन ने बताया कि लाइफ लाइन अभियान के तहत दो टीमें बनाई गई हैं। पहली इमरजेंसी व दूसरी आवश्यक सेवाओं से संबंधित सूचनाएं साझा करेगी। इमरजेंसी सेवाओं के तहत अस्पताल में भर्ती कराना, आक्सीजन, प्लाज्मा, चिकित्सक से फोन पर बात कराना, आरटीपीसीआर जांच, टीकाकरण और एंबुलेंस शामिल है। प्रत्येक के लिए चार मोबाइल नंबर जारी किए गए हैं।

सुबह आठ से दोपहर 12 बजे एवं 12 बजे से रात आठ बजे तक दो शिफ्ट में सहायता मुहैया कराई जाएगी, जबकि आवश्यक सेवाओं के तहत कोरोना के लक्षण एवं प्रबंधन, सलाह-जागरूकता, पोषण एवं डाइट, घर पर उपचार एवं पैरामेडिकल सेवाएं व भोजन आदि शामिल है। प्रत्येक के बारे में जानकारी देने के लिए तीन-तीन मोबाइल नंबर जारी किए गए हैं। डीयू प्रशासन ने बताया कि कोई भी छात्र या शिक्षक डीयू की वेबसाइट पर जाकर इन नंबरों को देखा जा सकता है।

राज्यसभा सदस्य राकेश सिन्हा ने कार्यवाहक कुलपति को दिया सुझाव

राज्यसभा सदस्य राकेश सिन्हा ने डीयू के कार्यवाहक कुलपति प्रो. पीसी जोशी को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने सुझाव दिया है कि डीयू पटेल चेस्ट इंस्टीट्यूट में आक्सीजन प्लांट लगाया जाए। एक प्रोफेसर के नेतृत्व में मानीट¨रग सेल गठित किया जाए एवं एक टेलीफोन नंबर जारी किया जाए, जिस पर फोन कर शिक्षक कोरोना संबंधी सेवाओं का लाभ उठा सकें। राकेश सिन्हा ने लिखा है कि विवि से जुड़े चिकित्सकों एवं एक-दो बड़े अस्पतालों के वरिष्ठ चिकित्सकों की टीम बनाकर शिक्षकों व कर्मचारियों को चिकित्सकीय परामर्श दिया जाए। टीकाकरण के लिए तीन केंद्र बनाए जाएं। कोरोना से मृत शिक्षकों या कर्मचारियों के आश्रितों को नौकरी देने की प्रक्रिया व वित्तीय सहायता प्रदान की जाए।

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