पूर्णिमा सेठी अस्पताल में 1400 रुपये में होगी डायलिसिस : रमेश बिधूड़ी

रमेश बिधूड़ी ने कहा कि जैसे-जैसे हमारा जीवन अधिक आरामदायक व सुविधाजनक हो रहा है मधुमेह जैसी बीमारियां बढ़ रही हैं। इससे किडनी क्षय रोग हृदय व सांस संबंधी बीमारियां भी बढ़ रही हैं। बीमारी गंभीर होने पर किडनी फेल होने के मामले भी सामने आते रहते हैं।

Prateek KumarSat, 25 Sep 2021 05:38 PM (IST)
निगम की ओर से संचालित डायलिसिस केंद्र एक अच्छा प्रयास है।

नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के कालकाजी स्थित पूर्णिमा सेठी अस्पताल में अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित डायलिसिस केंद्र का उद्घाटन हुआ। सांसद रमेश बिधूड़ी, महापौर मुकेश सुर्यान, निगम आयुक्त ज्ञानेश भारती व सेंट्रल जोन के चेयरमैन राजपाल सिंह ने डायलिसिस केंद्र लोगों को समर्पित किया। इस अवसर पर स्थायी समिति की उपाध्यक्ष पूनम भाटी, अतिरिक्त आयुक्त (स्वास्थ्य) रणधीर सहाय, उपायुक्त मध्य क्षेत्र अवनीश कुमार, अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. आरएन प्रसाद, डायलिसिस केंद्र के एडमिनिस्ट्रेटर गोविंद रावत व स्थानीय पार्षद मनप्रीत कालरा आदि मौजूद रहे।

रमेश बिधूड़ी ने कहा कि जैसे-जैसे हमारा जीवन अधिक आरामदायक व सुविधाजनक हो रहा है, मधुमेह जैसी बीमारियां बढ़ रही हैं। इससे किडनी, क्षय रोग, हृदय व सांस संबंधी बीमारियां भी बढ़ रही हैं। बीमारी गंभीर होने पर किडनी फेल होने के मामले भी सामने आते रहते हैं। प्रत्येक वर्ष 2.2 लाख नए किडनी व क्षयरोग के मरीज सामने आ रहे हैं, जिन्हें 3.4 करोड़ अतिरिक्त डायलिसिस की आवश्यकता होगी। इतने बड़े स्तर पर हमारे देश में डायलिसिस केंद्र उपलब्ध नहीं हैं। दक्षिणी निगम की ओर से संचालित यह डायलिसिस केंद्र इस कमी को कम करने की दिशा में अच्छा प्रयास है।

महापौर मुकेश सुर्यान ने कहा कि किडनी मरीजों को महीने में दो-तीन बार डायलिसिस की जरूरत पड़ती है, जिसके लिए उन्हें छह-सात हजार रुपये खर्च करने पड़ते हैं। इस डायलिसिस केंद्र को जापान की कंपनी निप्रो मेडिकल कारपोरेशन के साथ मिलकर तैयार किया गया है।

सभी आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित 10 बिस्तरों वाले इस डायलिसिस केंद्र का एक बार का सुविधा शुल्क मात्र 1400 रुपये है। जरूरत पड़ी तो अन्य क्षेत्रों में भी ऐसे केंद्र खोले जाएंगे। दक्षिणी निगम का पहला ऐसा डायलिसिस केंद्र है जहां किडनी मरीजों को किसी भी तरह के इन्फेक्शन का खतरा नहीं होगा। इस केंद्र में किडनी मरीजों के रक्त को साफ करने के लिए जो डायलाइजर फ्लूड इस्तेमाल किया जाएगा, वह एक मरीज के लिए एक ही बार इस्तेमाल होगा। निगम आयुक्त ज्ञानेश भारती ने कहा कि जापानी तकनीक पर आधारित यह डायलिसिस मशीन जर्मन आरओ तकनीक से शुद्ध किए गए जल की सहायता से डायलिसिस करती है।

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