Delhi Electric Vehicle: दिल्ली बनेगा दुनिया का ऐसा पहला राज्य, जहां सरकार के विभागों में चलेंगे सिर्फ ई-वाहन

वाहनों की खरीद, किराया या लीज पर लेने के संबंध में विस्तृत दिशानिर्देश भी जारी किए गए हैं।

Delhi Electric Vehicle उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का सपना दिल्ली को इलेक्टिक वाहनों की राजधानी बनाना है। उम्मीद है कि इससे प्रेरणा लेकर देश-दुनिया के अन्य शहरों में भी प्रदूषण से लड़ाई को प्राथमिक एजेंडे में शामिल किया जाएगा।

JP YadavFri, 26 Feb 2021 09:10 AM (IST)

नई दिल्ली [वीके शुक्ला]। आने वाले समय में दिल्ली सरकार के सभी विभागों में अब सिर्फ इलेक्टिक वाहनों (ई-वाहन) का उपयोग होगा और इस मामले में दिल्ली देश में ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में ऐसा पहला राज्य बन जाएगा। इस दिशा में दिल्ली में सत्तासीन आम आदमी पार्टी सरकार ने बृहस्पतिवार को ऐतिहासिक कदम उठाया है।

 वित्त विभाग ने जारी किया आदेश, छह माह में अनुपालन जरूरी

दिल्ली सरकार के वित्त विभाग ने दिल्ली इलेक्टिक व्हीकल पॉलिसी 2020 के अंतर्गत आदेश जारी किया है कि दिल्ली सरकार के सभी विभागों, स्वायत्त संस्थाओं और अनुदान प्राप्त संस्थाओं में मौजूदा किराया आधारित पेट्रोल, डीजल, सीएनजी से चालित सभी वाहनों के बदले छह माह के भीतर इलेक्टिक वाहनों का उपयोग सुनिश्चित करना अनिवार्य है। ऐसे वाहनों की खरीद, किराया या लीज पर लेने के संबंध में विस्तृत दिशानिर्देश भी जारी किए गए हैं।

ई-वाहन की राजधानी’ बनाना है मुख्यमंत्री का सपना: सिसोदिया

वहीं, उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का सपना दिल्ली को इलेक्टिक वाहनों की राजधानी बनाना है। उम्मीद है कि इससे प्रेरणा लेकर देश-दुनिया के अन्य शहरों में भी प्रदूषण से लड़ाई को प्राथमिक एजेंडे में शामिल किया जाएगा। आज जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण से जुड़ी चुनौतियों को काफी गंभीरता से लेना जरूरी है।  

दिल्ली सरकार के वित्त विभाग के पॉलिसी डिविजन द्वारा जारी आदेश के अनुसार ऐसे इलेक्टिक वाहनों की खरीद तथा किराया अथवा लीज पर लेने के लिए जेम पोर्टल अथवा भारत सरकार के ऊर्जा विभाग के अंतर्गत पीएसयू ईईएसएल का उपयोग किया जाएगा। इलेक्टिक वाहनों को विभागों की सुविधानुसार ड्राई अथवा वेट लीज पर लेने का प्रविधान रखा गया है। प्रथम बार ऐसे वाहन लेने से पहले वित्त विभाग की अनुमति लेना अनिवार्य होगा। मौजूदा अनुबंध के विस्तार के लिए ऐसी अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी। वित्त विभाग से अनुमति प्राप्त वर्तमान आइसी इंजन वाहनों के बदले उतनी संख्या में नए इलेक्टिक वाहनों के लिए भी अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी।

मनीष सिसोदिया ने उम्मीद जताई है कि दिल्ली सरकार के सभी विभाग, स्वायत्त तथा अनुदान प्राप्त संस्थाओं में मौजूदा किराया आधारित पेट्रोल, डीजल, सीएनजी से चालित सभी वाहनों के बदले इलेक्टिक वाहनों का उपयोग जल्द शुरू करने से दिल्ली के पर्यावरण को बेहतर करने में मदद मिलेगी।

उन्होंने बताया कि इसे सुनिश्चित करने के लिए परिवहन विभाग को नोडल एजेंसी बनाया गया है। इसके अलावा उपमुख्यमंत्री ने दिल्ली सरकार के सभी विभागों, स्वायत्त संस्थाओं तथा अनुदान प्राप्त संस्थाओं को इस दिशा में उठाए गए कदमों के संबंध में हर महीने की पांच तारीख को परिवहन विभाग को पूरी सूचना भेजने का निर्देश दिया है।

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