शिक्षा नीति से अब पैकेज नहीं पेटेंट की दौड़ होगी शुरू : रमेश पोखरियाल निशंक

डीयू के 97वें दीक्षा समारोह को शिक्षा मंत्री ने किया संबोधित।

दीक्षा समारोह के मुख्य अतिथि केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक रहे। इस दौरान निशंक ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति से बढ़े सुधार देखने को मिलेंगे। यह शिक्षा नीति राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय भी है।

Prateek KumarSun, 28 Feb 2021 07:45 AM (IST)

नई दिल्ली [राहुल चौहान]। दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) का 97वां दीक्षा समारोह शनिवार को इंडोर स्टेडिमय के बहुउद्देशीय सभागार में आयोजित किया गया। दीक्षा समारोह के मुख्य अतिथि केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक रहे। इस दौरान निशंक ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति से बढ़े सुधार देखने को मिलेंगे। यह शिक्षा नीति राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय भी है।

महर्षि कणाद भवन का किया उद्घाटन

शिक्षा नीति के माध्यम से अब पैकेज नहीं पेटेंट की दौड़ शुरू होगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा नीति को लेकर पूरे देश में उत्साह है। उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि डीयू नई शिक्षा नीति का ध्वजवाहक बनेगा। शिक्षा मंत्री ने आगे कहा कि कोरोना संकट के समय में भी हमने विश्व की सबसे बड़ी परीक्षा नीट का सफलतापूर्वक आयोजन कराया। साथ ही देश भर के 33 करोड़ छात्रों की ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई कराई। वहीं, छात्रों का बिना एक भी साल बर्बाद किए हुए समय पर परीक्षाएं कराईं और परिणाम भी जारी किए। शिक्षा मंत्री ने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े विमर्श के बाद नई शिक्षा नीति आई है।

डीयू ने बांटी एक लाख 78 हजार से ज्यादा डिजिटल डिग्री

इससे हम सुधार भी करेंगे और उत्कृष्ट प्रदर्शन भी करेंगे। हमारा लक्ष्य अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति को भी शिक्षा से जोड़ना है। निशंक ने कहा कि हमारे साथ दुनिया के 129 देश शोध कर रहे हैं। हमारे देश में आर्यभट्ट जैसे गणितज्ञ हुए हैं। जिस दिन हम पैकेज की दौड़ को छोड़कर पेटेंट की दौड़ में आगे होेंगे पूरी दुनिया फिर हमारे पीछे होगी। साथ ही शिक्षा मंत्री ने दीक्षा समारोह में डिग्री पाने वाले सभी छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण डीयू के यूट्यूब चैनल पर भी किया गया।

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष पीके जोशी रहे। वहीं, डीयू के कार्यवाहक कुलपति प्रो पीसी जोशी ने दीक्षा समारोह की अध्यक्षता की। इस अवसर पर डीन ऑफ कॉलेजे प्रो बलराम पाणि, दक्षिणी परिसर के निदेशक प्रो सुमन कुंडू, कुलसचिव डा विकास गुप्ता, प्रो संजीव सिंह सहित अन्य छात्र और शिक्षक उपस्थित रहे। इससे पहले शिक्षा मंत्री ने रसायन विज्ञान विभाग के महर्षि कणाद के नाम पर रखे गए एक भवन का उद्घाटन भी किया। यह अत्याधुनिक भवन विभाग की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इसमें महर्षि कणाद पर शोध भी किया जाएगा।

डीयू ने बांटी रिकार्ड डिजिटल डिग्रियां

दीक्षा समारोह के दौरान डीयू ने एक लाख 78 हजार 719 स्नातक और स्नातकोत्तर छात्र-छात्राओं को समर्थ पोर्टल के माध्यम से डिजिटल डिग्रियां प्रदान कीं। शिक्षा मंत्री ने बटन दबाकर इन डिग्रियों को छात्रों के मेल पर प्रेषित किया। इतनी बड़ी संख्या में डिजिटल डिग्री प्रदान करने वाला डीयू देश का पहला विश्वविद्यालय बन गया। इसके साथ ही 631 छात्रों को पीएचडी, 44 को मेडिकल, 156 मेडल और 36 पुरस्कार भी प्रदान किए गए।

दो शिक्षकों को भी मिली डिग्री

दीक्षा समारोह के दौरान अरबिंदो कॉलेज के शिक्षक और दिल्ली टीचर्स एसोसिएशन के प्रभारी हंसराज सुमन और कार्यकारी परिषद की सदस्य सीमा दास को भी पीएचडी की डिग्री प्रदान की गई।

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