राजनीति का निराला खेल: सुबह भाजपा से निष्कासित शाम को थामा आप का दामन

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि तीन निगम पार्षदों को भ्रष्टाचार और पार्टी कार्यकर्ताओं के अनदेखी के आरोप में पार्टी से छह वर्षों के लिए निष्कासित कर दिया गया है। उनका निष्काषन खेद का विषय है लेकिन पार्टी शिकायतों की अनदेखी नहीं कर सकती है।

Prateek KumarMon, 20 Sep 2021 06:45 AM (IST)
पार्षद पूजा मदान आप में हुईं शामिल, रजनी बबलू पांडे और संजय ठाकुर पार्टी में रखेंगे अपनी बात।

नई दिल्ली [नेमिष हेमंत]। नगर निगम सियासत में रविवार को चौंकाने वाले घटनाक्रम हुए। सुबह प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए तीन पार्षदों को छह साल के लिए पार्टी से निष्काषित कर दिया। विशेष बात यह कि उनमें से एक उत्तरी नगर निगम में मुखर्जी नगर की पार्षद पूजा मदान ने निष्काषन के कुछ घंटे बाद ही भाई संजय मदान के साथ आम आदमी पार्टी (आप) का दामन थाम लिया। उन्हें आप के प्रवक्ता दिलीप पांडेय ने पार्टी की सदस्यता दिलाई। वहीं, निष्काषित दो अन्य दक्षिणी नगर निगम (एसडीएमसी) में सैदुलाजाब से पार्षद संजय ठाकुर व पूर्वी नगर निगम (ईडीएमसी) के न्यू अशोक नगर पार्षद रजनी बबलू पांडे ने फिलहाल पाला नहीं बदला है और खुद को साजिश का शिकार बताते हुए पार्टी आलाकमान तक अपना पक्ष रखने की बात कहीं है।

छह साल के लिए भाजपा ने किया था निष्कासित

इसके पहले निष्काषन की कार्रवाई की जानकारी देते हुए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि तीन निगम पार्षदों को भ्रष्टाचार और पार्टी कार्यकर्ताओं के अनदेखी के आरोप में पार्टी से छह वर्षों के लिए निष्कासित कर दिया गया है। उनका निष्काषन खेद का विषय है, लेकिन पार्टी शिकायतों की अनदेखी नहीं कर सकती है और इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रख सकती है। उन्होंने दावा किया कि इन पार्षदों को पूर्व में अनेक बार इसे लेकर चेताया गया था, लेकिन उनके व्यवहार में कोई सुधार नहीं हुआ। सब सीमा पार कर इनके भ्रष्टाचार में लिप्त होने की बात सामने आने के बाद निष्कासन की यह कार्रवाई की गई है।

भाजपा जीरो टालेंसर की नीति पर चल रही

इसके साथ ही गुप्ता ने कहा कि दिल्ली भाजपा जीरो टालरेंस नीति पर काम कर रही है। भ्रष्टाचार के कोई भी मामले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। सभी निगम पार्षदों को ईमानदारी के साथ जन सेवा करनी है। अगर इसमें किसी भी तरह की कोताही हुई और कोई भी भ्रष्टाचार के मामले सामने आए तो इसपर आगे भी सख्त कार्रवाई होगी।

पहली बार सख्त एक्शन

वैसे, दिल्ली के तीनों नगर निगमों में कुछ माह शेष रहते 15 वर्षों के कार्यकाल में भाजपा ने अपने पार्षदों पर पहली बार इतनी सख्त कार्रवाई की है। यह कार्रवाई तब की गई है जब अगले वर्ष ही नगर निगमों के चुनाव होने वाले हैं। एक तरफ पार्टी अपना किला बचाने के लिए प्रदर्शन के आधार पर टिकट देने की बात कहीं है। ऐसे में कई पार्षदों के टिकट कटने तय हैं। वहीं, कई पार्षद जीत आश्वस्त करने के लिए पाला बदलने की कोशिश में हैं।

निष्काषित पार्षदों की प्रतिक्रिया-

मैं पार्टी का पुराना सिपाही हूं

पार्टी ने कार्रवाई से पहले ना तो मुझसे कोई पूछताछ हुईं और ना ही मुझे कोई नोटिस दिया। मैं, पार्टी की काफी पुरानी सिपाही हूं। मेरा जीवन पार्टी को आगे बढ़ाने में सहयोग किया। मुझ पर भ्रष्टाचार का आरोप गलत लगाया जा रहा है। अगर पार्टी के पास मेरे खिलाफ कोई सबूत है तो उसके बारे में बताएं। अगर सभी सबूत सही साबित हुए तो मैं हमेशा के लिए पार्टी को इस्तीफा दे दूंगी। निगम चुनाव से पहले मेरे विरोधियों द्वारा साजिश रची जा रही है।

रजनी बबलू पांडेय, पार्षद न्यू अशोक नगर

पार्टी की तरफ से नहीं मिला नोटिस

इस कार्रवाई से पहले मुझे पार्टी की तरफ से न तो कोई नोटिस मिला और न ही पूछताछ की गई। इलाके में दो-तीन बिल्डर माफिया सक्रिय हैं जिन्होंने रिज की जमीन अवैध तरीके से 150 फ्लैट बनाकर बेच दिए। मैंने अवैध निर्माण व सरकारी जमीन कब्जा करने वाले माफिया के खिलाफ आवाज उठाई तो मेरे ही खिलाफ दुष्प्रचार किया जाने लगा। माफिया ने मुझ पर व मेरे परिवार पर हमला भी करवाया। माफिया ने मेरे ही फ्लैट पर कब्जा कर लिया है जिसकी शिकायत मैंने पुलिस को भी दी है। यह जानकारी पार्टी को भी काफी पहले ही दे दी थी। निगम चुनाव आने वाले हैं इसलिए पूर्वांचल विरोधियों ने साजिश करके मुझे पार्टी से निकलवाया है। जल्द ही पार्टी नेतृत्व के सामने मैं अपना पक्ष रखूंगा।

संजय ठाकुर, निगम पार्षद, सैदुलाजाब वार्ड

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