नवनीत कालरा के व्यवसाय से जुड़े क्रिकेटरों व नेताओं पर शिकंजा कस सकती है पुलिस

रेस्तरां कारोबारी नवनीत कालरा की फाइल फोटो

पुलिस की मानें तो नवनीत कालरा की उच्च पदस्थ राजनेताओं बालीवुड अभिनेताओंगांधी परिवार समेत कांग्रेस के नेताओं और भारतीय क्रिकेटरों से नजदीकी है। पुलिस की जांच के दायरे में कई बड़ी हस्तियों के आने की संभावना से लोगों के होश उड़ गए हैं।

Mangal YadavMon, 17 May 2021 09:22 PM (IST)

नई दिल्ली [राकेश कुमार सिंह]। आक्सीजन कंसंट्रेटर की कालाबाजारी में गुरुग्राम के सोहना स्थित अपने ससुर के फार्म हाउस से मुख्य आरोपित रेस्तरां कारोबारी नवनीत कालरा की गिरफ्तारी के बाद उसके करीबियों में खलबली मच गई है। कालरा के ससुर सिराजुद्दीन कुरैशी देश में मांस के बड़े निर्यातकों में से एक हैं और वह इंडिया इस्लामिक सेंटर के अध्यक्ष भी हैं। कालरा के काले कारोबार में भारतीय क्रिकेट टीम के कुछ खिलाड़ियों के भी शामिल होने का पता चला है। और भी कई बड़ी हस्तियां उसके साथ व्यापार से जुड़ी हैं। कालरा से पूछताछ के बाद पुलिस उन लोगों से भी पूछताछ कर सकती है।

पुलिस की मानें तो कालरा की उच्च पदस्थ राजनेताओं, बालीवुड अभिनेताओं, गांधी परिवार समेत कांग्रेस के नेताओं और भारतीय क्रिकेटरों से नजदीकी है। इनमें से कई लोग नियमित रूप से उसके रेस्तरां आते जाते रहे हैं। दिल्ली पुलिस की जांच के दायरे में कई बड़ी हस्तियों के आने की संभावना से लोगों के होश उड़ गए हैं।

कालरा का परिवार वर्षों से प्रभावशाली रहा है। उसने हॉटस्टार और एयरटेल डिजिटल की फिटनेस एंकर शेहला उर्फ किट्टी से शादी की है। शेहला सिराजुद्दीन कुरेशी की बेटी हैं। कुरेशी पिछले साल उस समय चर्चा में आए थे, जब सीबीआइ ने उनकी कंपनी हिंद एग्रो इंडस्ट्रीज लिमिटेड और उसके निदेशकों पर बैंकों से 222 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के आरोप में छापा मारा था। हिंद एग्रो एशिया, अफ्रीका और यूरोप के 55 से अधिक देशों में मांस और मांस उत्पादों का निर्यात करता है। सिराजुद्दीन कुरेशी के बेटे का नाम समर कुरेशी है। वह पिता के कारोबार में हाथ में हाथ बंटाते हैं।

खान मार्केट के प्रसिद्ध रेस्तरां खान चाचा का स्वामित्व नवनीत कालरा के पास है। इसके अलावा, टाउन हाल, मिस्टर चॉय, नेगे और जू समेत दिल्ली और एनसीआर के शहरों में उसके 15 रेस्तरां हैं। खान चाचा रेस्तरां की अब चेन बन गई है। इसकी शुरुआत हाजी बंदा हसन ने 1972 में खान मार्केट की गलियों में खान चाचा के नाम से की थी। वर्ष 2010 में हसन परिवार ने नवनीत कालरा से हाथ मिलाया। हालांकि, कुछ साल सफलतापूर्वक चलने के बाद किसी विवाद के कारण साझेदारी अलग हो गई। खान चाचा ब्रांड को लेकर मामला अदालत में चला, लेकिन फिर अदालत के बाहर दोनों पक्षों में समझौता हो गया और खान चाचा ब्रांड का स्वामित्व कालरा के पास आ गया।

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