दिल्ली विधानसभा में गूंजा बारिश के दौरान जलभराव का मामला, सत्ता पक्ष ने निगमों पर फोड़ा ठीकरा

दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन सदन में बारिश के दौरान जल भराव और नालों की सफाई पर चर्चा हुई। सत्ता पक्ष आम आदमी पार्टी के सदस्यों ने जल भराव के लिए तीनों नगर निगमों को जिम्मेदार ठहराया।

Mangal YadavThu, 29 Jul 2021 04:02 PM (IST)
दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र में जलभराव पर चर्चा करते सत्येंद्र जैन । सौ. आप ट्वीटर

नई दिल्ली [वीके शुक्ला]। दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन सदन में बारिश के दौरान जल भराव और नालों की सफाई पर चर्चा हुई। सत्ता पक्ष आम आदमी पार्टी के सदस्यों ने जल भराव के लिए तीनों नगर निगमों को जिम्मेदार ठहराया। लोक निर्माण मंत्री सत्येंद्र जैन ने विधानसभा सदन में जलभराव पर चर्चा के दौरान कहा कि भाजपा के लोगों ने सदन में झूठ बोला है कि दिल्ली सरकार के नाले साफ नही हुए हैं। सच्चाई तो यह है कि नगर निगम में जीजा साला कंपनी काम कर रही है। जीजा मतलब जेई और साला ठेकेदार है। यानी कि पूरा का पूरा माल अंदर।

सत्येंद्र जैन ने कहा कि दिल्ली के तीनों नगर निगम दुनिया के सबसे भ्रष्ट संस्थान है। निगमों में आधे कर्मचारी ही काम पर आते है। नगर निगम वाले 5 हजार करोड़ रुपये एक साल में इकट्ठे करते हैँ। नाले साफ नही करते है और झूठी रिपोर्ट बना देते हैं।

वहीं, आम आदमी पार्टी के विधायकों ने कहा कि नगर निगमों के कारण दिल्ली में जल भराव हुआ। नगर निगमों ने नालों की सफाई नही कराई और नालों की सफाई की फर्जी रिपोर्ट बना दी। इस बारे में सदन में चर्चा का प्रस्ताव रखते हुए मॉडल टाउन से विधायक अखिलेशपति त्रिपाठी ने नगर निगमों के नालों की सफाई के कार्य की जांच विधानसभा की लोकलेखा समिति से कराने की मांग की।

अखिलेशपति त्रिपाठी ने कहा कि तीनों नगर निगमों ने सदन को जानकारी दी है कि उन्होंने हज़ारों टन गाद निकालकर नाले साफ किए हैं। जबकि उन्होंने अपने साथी विधायकों से बात की तो पता चला कि उनके इलाके में नगर निगमों के नाले साफ नही हुए। आप विधायक ने कहा कि आखिर फिर नगर निगमों ने नाले कहां साफ किए हैं। आप विधायक विशेष रवि समेत अन्य सदस्यों ने भी अखिलेशपति त्रिपाठी की बात का समर्थन किया और निगमों को भ्रष्टाचार मुक्त किए जाने की मांग की।

भाजपा ने आप विधायकों के आरोपों का किया खंडन

वहीं भाजपा के विधायकों ने सत्तापक्ष के विधायकों ने सत्ता पक्ष के आरोप का खंडन किया। उनका कहना था कि नगर निगमों के पास बहुत कम बरसाती नाले हैं अधिक नाले दिल्ली सरकार के पास हैं। इसलिए जलभराव के लिए निगमों को जिम्मेदार ठहराया जाना गलत है। चर्चा में भाजपा के लक्ष्मी नगर से विधायक अभव वर्मा, अजय महावर, आप के किराड़ी से विधायक अरविंद ऋतुराज ने भी अपनी बात रखी।

बता दें कि दिल्ली में बारिश के दौरान कई जगहों पर सड़कें तालाब सी नजर आने लगती है। सड़कों पर जलजमाव से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इसके साथ ही लोग लंबे जाम में भी फंस जाते हैं। बारिश का पानी दुकानों में भी घुस जाता है। इसकी मुख्य वजह नालों की सफाई न करना बताया जाता है। 

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