दिल्ली हाइकोर्ट ने की अहम टिप्पणी, कहा ये दुर्भाग्यपूर्ण कि मानवीय त्रासदी का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए किया गया

सांसद गौतम गंभीर और आप विधायक प्रवीण कुमार के खिलाफ कोरोना महामारी से जुड़ी दवाओं की जमाखोरी व वितरण के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने एक बार फिर अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण है कि मानवीय त्रासदी का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए किया गया।

Vinay Kumar TiwariThu, 29 Jul 2021 03:36 PM (IST)
कहा, तो आक्सीजन बांटने वाले सभी गुरुद्वारा, मंदिर व सामाजिक संगठन के खिलाफ कार्रवाई करे ड्रग कंट्रोलर।

नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। सांसद गौतम गंभीर और आप विधायक प्रवीण कुमार के खिलाफ कोरोना महामारी से जुड़ी दवाओं की जमाखोरी व वितरण के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने एक बार फिर अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण है कि मानवीय त्रासदी का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए किया गया। गौतम गंभीर व प्रवीण कुमार के खिलाफ कार्रवाई करने के संबंध में ड्रग कंट्रोलर की तरफ से दाखिल की गई रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए न्यायमूर्ति विपिन सांघी व न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की पीठ ने कहा कि क्या प्रवीण कुमार दवा का वितरण कर रहे थे। इसके जवाब में ड्रग कंट्रोलर की तरफ से पेश हुई अधिवक्ता नंदिता राव ने कहा कि कुमार डाक्टर के बजाए अपने स्तर पर पंजाब से आक्सीजन हासिल कर रहे थे।

ड्रग कंट्रोलर की इस दलील पर पीठ ने टिप्प्णी करते हुए कहा कि ऐसे में फिर तो ड्रग कंट्रोलर को सभी गुरुद्वारा और मंदिरों और सभी सामाजिक संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करनी होगी। पीठ ने कहा कि आखिर आप प्रवीण कुमार के खिलाफ कैसे कार्रवाई कर सकती है। महामारी की दूसरी लहर के दौरान केंद्र व दिल्ली सरकार आक्सीजन नहीं उपलब्ध करा पाई और इन्हीं लेक लोगों ने आक्सीजन उपलब्ध कराया। इसके जवाब में जब राव ने दलील दी कि वे अदालत के तीन जून के आदेश के तहत कार्रवाई कर रही थी तो पीठ ने कहा कि अगर आप इसके तहत तो फिर सभी गुरुद्वारा, मंदिर और सामाजिक संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करिए।

राव ने दलील दी कि दोनों के पास आक्सीजन को रखने का लाइसेंस नहीं था। इस पर पीठ ने कहा हम आपकी दलील को रिकार्ड पर लेते हैं कि आप दिल्ली में आक्सीजन जमा करने वाले सभी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करेंगी। राव इसके जवाब में कहा कि जिनके खिलाफ शिकायत मिली है उसी पर कार्रवाई कर रहे हैं। इस पर पीठ ने सवाल किया कि क्या आपकी आंखें बंद हैं, आपको आक्सीजन की मांग करते और वितरण करने की फोटो मीडिया में दिखाई नहीं दी।

पीठ ने कहा कि आपको किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं जाना चाहिए। वह सिर्फ लोगों की मदद करने की कोशिश कर रहे थे। पीठ ने स्पष्ट किया कि जहां तक गौतम गंभीर का मामला है, उन्होंने गैरजिम्मेदार तरीके से कोरोना की दवा को जमा किया था, उनके इरादे नेक हो सकते हैं, लेकिन तरीका नहीं। इस पर राव ने कहा कि उन्हें दो सप्ताह का समय दिया जाए, वे उचित कार्रवाई करेंगी। पीठ ने कहा कि हम आपको दो सप्ताह का समय नहीं देंगे, आप दो दिन के अंदर जवाब दाखिल करें। मामले में अगली सुनवाई चार अगस्त को होगी। हाई कोर्ट में याचिकाकर्ता दीपक कुमार की जनहित याचिका पर सुनवाई चल रही है। उन्होंने याचिका दायर कर जमाखोरी व कालाबाजारी करने के मामले में गंभीर समेत अन्य के खिलाफ एफआइआर दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की है।

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