दिल्ली HC की टिप्पणी, लिव इन में साथी पर पैसा खर्च करना आपराधिक मामला नहीं

दिल्ली हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया है कि लिव-इन रिलेशनशिप में रहने के दौरान खर्च का वहन करना कोई आपराधिक मामला नहीं है फिर चाहे खर्च का वहन एक व्यक्ति करे या दोनों मिलकर करें।

Jp YadavTue, 21 Sep 2021 08:48 AM (IST)
दिल्ली HC की टिप्पणी, लिव इन में साथी पर पैसा खर्च करना आपराधिक मामला नहीं

नई दिल्ली [विनीत त्रिपाठी]। दुष्कर्म के मामले में युवक को अग्रिम जमानत देते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि लिव-इन रिलेशनशिप में रहने के दौरान खर्च का वहन करना आपराधिक मामला नहीं है, फिर चाहे खर्च का वहन एक व्यक्ति करे या दोनों मिलकर। न्यू अशोक नगर थाने में दुष्कर्म का केस दर्ज होने के बाद आरोपित ने अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी।

आरोपित को 25 हजार रुपये के निजी मुचलके पर सशर्त जमानत दी गई है। दिल्ली हाई कोर्ट ने पाया कि युवती ने मारपीट का आरोप लगाया, लेकिन इस संबंध में कोई शिकायत या मेडिकल रिपोर्ट नहीं है। ऐसे में आरोपित को अग्रिम जमानत दी गई है। दोनों पक्षों के बीच पैसे के विवाद का समझौता भी हो चुका है।

न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता की पीठ ने पीड़ित युवती के उस बयान पर असहमति जताई कि लिव-इन रिलेशनशिप में रहने के दौरान आरोपित ने उस पर खर्च का दबाव बनाया और उसने 1.25 लाख रुपये खर्च किए थे। पीठ ने कहा कि जहां दोनों लोग एक साथ रहते है, वहां ऐसा नहीं है कि केवल एक साथी को खर्च वहन करना पड़ता है। अगर, खर्च एक व्यक्ति करता भी है तो भी यह अपराध की श्रेणी में नहीं आता।

शादी न होने का कारण स्पष्ट नहीं

पीठ ने कहा कि युवती के बयानों से ही यह स्पष्ट है कि युवक और वह लिव-इन रिलेशनशिप में थे। दोनों ने अपने परिवारों को शादी के लिए राजी किया और शुरू में युवती का परिवार विवाह से सहमत नहीं था। हालांकि बाद में उसके पिता विवाह के लिए सहमत हो गए, लेकिन विवाह क्यों नहीं हुआ इसका कोई कारण नहीं बताया गया। युवती सितंबर 2017 में दिल्ली आई थी। यहां उसकी मुलाकात आरोपित राहुल कुशवाहा से हुई थी। आरोप है राहुल ने उसकी इच्छा के विपरीत यह कहकर शारीरिक संबंध बनाए कि उसके माता-पिता शादी के लिए सहमत हैं।

दिसंबर में अलग हुए, फिर दर्ज हुआ केस

दिसंबर 2020 में आरोपित राहुल और युवती अलग-अलग फ्लैट में रहने लगे थे। इस साल अगस्त में दुष्कर्म का केस दर्ज हुआ। युवती की दलील थी कि उसे मई में कोरोना हो गया था और वह अपने घर चली गई थी। इसके बाद उसने वापस आकर अपनी इच्छा के खिलाफ जाकर राहुल से समझौता कर लिया। क्योंकि राहुल और उसके स्वजन ने माफी मांगी थी। साथ ही उसके द्वारा खर्च किए गए पैसे भी वापस कर दिया था। आरोपित की जमानत अर्जी में कहा गया था कि लंबे समय बाद में अगस्त में केस दर्ज कराया गया।

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