दिल्ली में निर्माण कार्य में एजेंसियों ने प्रदूषण फैलाया तो होगी कार्रवाई, जारी हुए 14 सूत्रीय दिशा-निर्देश

पर्यावरण मंत्री ने कहा कि निर्माण कार्यो में जुटीं एजेंसियों को इन दिशा-निर्देशों का 15 दिन के भीतर शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करना होगा। अगर कोई भी निजी एजेंसी विंटर एक्शन प्लान के तहत इन मानदंडों का पालन नहीं करेगी तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Jp YadavSat, 18 Sep 2021 07:59 AM (IST)
दिल्ली में निर्माण कार्य में एजेंसियों ने प्रदूषण फैलाया तो होगी कार्रवाई, जारी हुए 14 सूत्रीय दिशा-निर्देश

नई दिल्ली [वीके शुक्ला]। दिल्ली में सत्तासीन आम आदमी पार्टी सरकार वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए एक्शन मोड में है। शुक्रवार को पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने निजी निर्माण एजेंसियों के साथ बैठक कर धूल से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए 14 सूत्रीय दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यो में जुटीं एजेंसियों को इन दिशा-निर्देशों का 15 दिन के भीतर शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करना होगा। अगर कोई भी निजी एजेंसी विंटर एक्शन प्लान के तहत इन मानदंडों का पालन नहीं करेगी तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

गोपाल राय ने शुक्रवार को दिल्ली में निर्माण कार्य करने वाली 50 से अधिक निजी एजेंसियों के साथ दिल्ली सचिवालय में बैठक की और उन्हें प्रदूषण रोकने के लिए सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों से अवगत कराया। इस दौरान बैठक में मौजूद निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधियों से सुझाव भी लिए गए। पर्यावरण मंत्री ने कहा कि प्रदूषण हमारी और हमारे बच्चों की जिंदगी से जुड़ा मुद्दा है। सभी को मिलकर सांसों को बचाने के लिए लड़ना होगा। इसलिए सभी को अपनी-अपनी जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी के साथ निभानी होगी। सभी प्राइवेट एजेंसियां अपनी निर्माण साइट पर एक कर्मचारी को नियुक्त करें, जो यह देखे कि मानदंडों का पालन हो रहा है या नहीं।

14 सूत्रीय दिशा-निर्देश जारी

निर्माण स्थल के चारों तरफ टीन की दीवार खड़ी करनी होगी। 20 हजार वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में निर्माण स्थल पर एंटी स्माग गन लगाना अनिवार्य होगा।  निर्माण क्षेत्र में ध्वस्तीकरण स्थल को तिरपाल या ग्रीन नेट से ढकना अनिवार्य होगा। निर्माण स्थल तक निर्माण सामग्री को लाने-ले जाने वाले वाहनों की सफाई करना अनिवार्य।  सामग्री ले जा रहे वाहनों को पूरी तरह से ढकना होगा। निर्माण सामग्री का सड़क के किनारे भंडारण प्रतिबंधित रहेगा। किसी भी प्रकार के अपशिष्ट, मिट्टी या बालू को बिना ढके नहीं रखा जाएगा। निर्माण कार्य में पत्थरों की कटिंग या ग्राइं¨डग खुले में नहीं होनी चाहिए। निर्माण स्थल पर धूल से बचाव के लिए लगातार पानी का छिड़काव करना होगा20 हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में सड़क पक्की हो, जिससे सड़कों से उड़ने वाली धूल को रोका जा सके।  निर्माण या ध्वस्तीकरण से उत्पन्न अपशिष्ट को प्रसंस्करण साइट पर ही निस्तारण किया जाए। निर्माण स्थल पर लो¨डग-अनलो¨डग में लगे कर्मियों को डस्ट मास्क देना अनिवार्य होगा। निर्माण स्थल पर श्रमिकों की चिकित्सा की उचित व्यवस्था की जाए। जहां निर्माण कार्य चल रहा है, वहां सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का एक सार्वजनिक बोर्ड लगाना होगा। दिनों के अंदर निर्माण एजेंसियों को शत-प्रतिशत पालन करना होगा, वरना की जाएगी सख्त कार्रवाई

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