पूर्वी निगम के सदन में गूंजा सफाईकर्मियों को हटाने का मुद्दा, पार्षद बहाल करने की जिद पर अड़े, पढ़िए पूरा मामला

उत्तरी जोन में फजीवाड़े के आरोप में हटाए गए 25 एवजीदार सफाई कर्मचारियों का मुद्दा सोमवार को पूर्वी निगम के सदन की बैठक में भी गूंजा। पक्ष और विपक्ष के पार्षदों ने एक सुर में इस फैसले को गलत बताया और तत्काल प्रभाव से सबको बहाल करने की मांग की।

Pradeep ChauhanTue, 26 Oct 2021 03:16 PM (IST)
आयुक्त विकास आनंद ने कहा कि कार्रवाई जांच के बाद की गई है।

नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। शाहदरा उत्तरी जोन में फजीवाड़े के आरोप में हटाए गए 25 एवजीदार सफाई कर्मचारियों का मुद्दा सोमवार को पूर्वी निगम के सदन की बैठक में भी गूंजा। पक्ष और विपक्ष के पार्षदों ने एक सुर में इस फैसले को गलत बताया और तत्काल प्रभाव से सबको बहाल करने की मांग की। पार्षदों ने कहा कि जब 15 साल पहले इन्हें नौकरी पर रखा गया था तो इनके दस्तावेजों की सही तरीके से अधिकारियों ने जांच क्यों नहीं की। अगर नहीं की तो कार्रवाई संबंधित अधिकारियों पर होनी चाहिए।

इस पर आयुक्त विकास आनंद ने कहा कि कार्रवाई जांच के बाद की गई है। इसकी रिपोर्ट दिवाली से पहले महापौर के समक्ष पेश की जाएगी। सदन की बैठक शुरू होने पर नेता सदन सत्यपाल सिंह ने कहा कि गत दिनों फर्जी दस्तावेजों के नाम पर 25 एवजीदार सफाईकर्मियों को हटा दिया गया। ये कर्मचारी 10-15 सालों से निगम में काम कर रहे हैं। इन्हें पीएफ सहित अन्य सुविधाएं भी मिल रहीं थीं। अचानक इन्हें हटा दिया गया। शाहदरा उत्तरी जोन के चेयरमैन प्रवेश शर्मा ने कहा कि इन सफाईकर्मियों को मात्र 11-12 हजार रुपये वेतन मिलता था। अगर गलत हुआ है तो इसके लिए अधिकारी जिम्मेदार हैं और उन पर कार्रवाई होनी चाहिए।

पूर्व महापौर निर्मल जैन ने भी इसका समर्थन किया। नेता विपक्ष मनोज त्यागी ने भी कर्मचारियों को नौकरी पर बहाल करने की मांग करते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को बर्खास्त करने की मांग की। सदन की बैठक में निगमायुक्त ने कहा कि यह मामला जून में सामने आया था। इस मामले में वह जल्द पूरी जांच रिपोर्ट सामने लाएंगे। कांग्रेस पार्षद कुमारी रिंकू ने भी सभी को बहाल करने की मांग की।

नोटिस पर हंगामा: भाजपा के पार्षद संजय गोयल ने सदन में फैक्टियों को नोटिस का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि अनियोजित औद्योगिक क्षेत्रों में किसके आदेश पर भेजा जा रहा है, नोटिस में ये बात भी निगम लिखे। अगर दिल्ली सरकार के आदेश पर हो रहा है तो उसे दर्ज किया जाना चाहिए।

लोगों को भी पता चलना चाहिए कि कौन नोटिस भिजवा रहा है। इस पर विपक्ष के पार्षदों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। इसके बाद भाजपा की तरफ से सौ करोड़ टीकाकरण के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार जताने के लिए प्रस्ताव लेकर आए। इस पर भी विपक्ष ने हंगामा किया। विपक्ष का कहना था कि दिल्ली में मुख्यमंत्री अरविंद  केजरीवाल की बदौलत दो करोड़ लोगों को टीका लगा।

विशेष सदन बुलाने की मांग: नेता विपक्ष मनोज कुमार त्यागी ने विशेष सदन बुलाने की मांग की है। उनका कहना है कि भाजपा तीन प्रस्ताव लेकर आई। इन्हें बिना चर्चा सदन में पास कर दिया। हम लोगों ने इसका विरोध भी किया। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसलिए इन पर चर्चा के लिए सदन की विशेष बैठक बुलाई जानी चाहिए।

कूड़े से निकले काले पानी को साफ करने के लिए भी लगेगा प्लांट: प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि जो एजेंसी कूड़े का निपटारा करेगी, उसे एक साल के लिए लीचेट ट्रीटमेंट प्लांट (सड़ने के बाद कूड़े से निकलने वाले काले पानी को साफ करने का संयंत्र) भी लगाना होगा। दरअसल अभी यह पानी इकट्ठा करके फिर से कूड़े पर डाल दिया जाता है। अगर इस पानी का जमीन में रिसाव होता है तो भूजल प्रदूषित होने का खतरा रहता है।

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