झपटमार ने किया खुलासा, ज्‍वेलर करता था परेशान तो खुद खरीद ली 13 लाख की टेस्‍टिंग मशीन

नई दिल्ली, अरविंद द्विवेदी। Delhi Crime: पुलिस ने मदनगीर से दो झपटमारों और एक ज्वेलर को गिरफ्तार किया है। दोनों झपटमार लूट का सामान व गहने एक ज्वेलर को बेचते थे। दोनों बदमाश इतने शातिर है कि लूट के गहने असली हैं या नकली, यह जांचने के लिए उन्होंने काली कमाई से ही 13 लाख रुपये की एक्स-रे मशीन खरीद ली। पुलिस ने आरोपितों की वह मशीन भी बरामद कर ली है।

100 से ज्‍यादा झपटमारी का दे चुके हैं अंजाम 

झपटमारों की पहचान मदनगीर निवासी विजय और विनेश के रूप में हुई है। वहीं, ज्वेलर युवराज भी मदनगीर का ही रहने वाला है। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपी 100 से ज्यादा झपटमारी कर चुके हैं। इनकी गिरफ्तारी से पुलिस ने 30 मामलों का पर्दाफाश करने का दावा किया है।

लूट का माल जांचने के लिए खरीद ली 13 लाख की मशीन

ज्वेलर युवराज ने पुलिस को बताया कि वह विजय और विनेश से सोने के गहने खरीदता था। विजय और विनेश ने हर माह उसे करीब एक किलोग्राम लूट का सोना बेचते थे। सोना व गहने असली हैं या नकली, इसकी पहचान के लिए बदमाशों ने मेटल एक्स-रे मशीन भी खरीद रखी थी। पुलिस ने आरोपियों से सोने की 11 चेन, स्कूटी और मेटल एक्स-रे मशीन बरामद की है।

पुलिस ने कहा

दक्षिणी दिल्ली जिले के पुलिस उपायुक्त अतुल कुमार ठाकुर ने बताया कि विजय और विनेश की कई वारदातों की सीसीटीवी फुटेज से पहचान हुई थी। पुलिस की टीम लंबे समय से दोनों की तलाश कर रही थी। सोमवार को पुलिस को सूचना मिली थी कि दोनों सोने की चेन बेचने मदनगीर के पार्क में आने वाले हैं। पुलिस टीम ने मौके से दोनों झपटमारों और उनसे चेन खरीदने वाले ज्वेलर को भी दबोच लिया।

ज्वेलर करता था परेशान तो खरीद ली मशीन

दोनों आरोपितों ने पुलिस को बताया कि वह झपटमारी के रुपयों से अपने महंगे शौक पूरे करते थे। वह रोजाना चार-पांच वारदातें करते थे। वे झपटी गई सोने की चेन को आधे दाम पर ज्वेलर को बेच देते थे। उन्होंने बताया कि कई बार झपटमारी के दौरान नकली चेन भी मिली। इसे बेचने के लिए उन्हें कई ज्वेलरों के पास भटकना पड़ता था।

कई बार बेचने के दौरान बने बेवकूफ

वहीं, कई बार तो उन्हें ज्वेलर भी असली गहनों को नकली बताकर बेवकूफ बना देते थे। इस तरह कई बार उनका घाटा हो चुका था। इससे बचने के लिए दोनों ने सोना जांचने के लिए 13 लाख रुपये खर्च कर मेटल एनालाइजर एक्स-रे मशीन खरीद ली। इससे उन्हें पता चल जाता था कि झपटी गई सोने की चेन असली है या नकली। यह मशीन उन्होंने झपटमारी की रकम से ही खरीदी थी। वहीं, सोने की शुद्धता जांचने की प्रक्रिया उन्होंने युवराज से सीखी।

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