Delhi Crime: विदेशी सर्वर का प्रयोग कर फर्जी वेबसाइट से लोगों से की एक करोड़ की ठगी, चार गिरफ्तार

सरकारी वेबसाइट से मिलता जुलता नाम रख लोगों को लगाते थे चूना। (फाइल फोटो)

दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने फर्जी वेबसाइट से लोगों से 1.20 करोड़ रुपये ठगने वाले चार ठगों को गिरफ्तार किया। सरकारी वेबसाइट से मिलता जुलता नाम रख आरोपित लोगों को चूना लगाते थे। पकड़े जाने से बचने के लिए ठग विदेशी सर्वर का प्रयोग करते थे।

Vinay Kumar TiwariThu, 25 Feb 2021 07:17 PM (IST)

वि, नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने फर्जी वेबसाइट से लोगों से 1.20 करोड़ रुपये ठगने वाले चार ठगों को गिरफ्तार किया। सरकारी वेबसाइट से मिलता जुलता नाम रख आरोपित लोगों को चूना लगाते थे। पकड़े जाने से बचने के लिए ठग विदेशी सर्वर का प्रयोग करते थे। आरोपितों का नाम यश शर्मा, तुषार नैय्यर, अनुराग चुग और सूरज वर्मा है। सभी दिल्ली के उत्तम नगर इलाके के रहने वाले हैं। ठग अब तक करीब चार हजार लोगों से ठगी कर चुके हैं। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। 

साइबर सेल के डीसीपी अन्येष राय ने बताया कि पुलिस को नकली वेबसाइट के माध्यम से ठगी की शिकायत मिली थी। चार फर्जी वेबसाइट सरकारी ई पोर्टल जीईएम.जीओवी.इन से मिलते जुलते नाम से चलाई जा रही थीं। जब कोई कारोबारी अपना कारोबार सरकारी वेबसाइट पर पंजीकरण के लिए फर्जी पोर्टल पर जाता था तो इसके लिए उनसे 2999 रुपये की मांग की जाती थी।

लेकिन रुपये लेने के बाद भी जब पीड़ितों का कारोबार सूचीबद्ध नहीं हुआ तो उन्हें ठगी का पता चला। ठगी की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर साइबर सेल के एसीपी रमन लांबा की टीम ने मामले की छानबीन शुरू की। इसमें पता चला कि ठगों का एक गिरोह नकली वेबसाइट के माध्यम से ठगी कर रहा है। 

यह भी जानकारी मिली कि ठग पकड़े जाने से बचने के लिए विदेशी सर्वर का प्रयोग कर रहे हैं। गुगल सर्च में फर्जी वेबसाइट का नाम सबसे उपर दिखे इसके लिए आरोपित गुगल एड को रुपये भी देते थे। जिसके बाद पुलिस ने फर्जी वेबसाइट और जिस खाते में रुपये भेजे गए थे इन दोनों के आधार पर यश शर्मा, तुषार नैय्यर, अनुराग चुग और सूरज वर्मा को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में पता चला कि यश शर्मा ने ने 2500 से ज्यादा लोगों को 70 लाख जबकि अन्य ने तीन फर्जी वेबसाइट से 1600 से ज्यादा लोगों से 40 लाख रुपये से ज्यादा की ठगी कर चुके हैं। आरोपित ने पुलिस को बताया कि वे ठगी से कमाई की बड़ा हिस्सा गुगल एड पर अपनी वेबसाइट के विज्ञापनों पर खर्च करते थे। आरोपितों के पास से तीन लैपटाप, 12 मोबाइल फोन और तीन खाते बरामद किए गए हैं।  

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.