दिल्ली

उत्तर प्रदेश

पंजाब

बिहार

उत्तराखंड

हरियाणा

झारखण्ड

राजस्थान

जम्मू-कश्मीर

हिमाचल प्रदेश

पश्चिम बंगाल

ओडिशा

महाराष्ट्र

गुजरात

Delhi Coronavirus : राजधानी में कोरोना का प्रकोप कम होने के संकेत दे रहे शवदाह गृह, जानिए कैसे

श्मशान घाटों और शवदाह गृहों में घटे अंतिम संस्कार।

जहां प्रतिदिन 700 तक अंतिम संस्कार हो रहे थे अब वह आंकड़ा 400 तक जा पहुंचा है। वहीं दिल्ली सरकार के मुताबिक संक्रमण दर में गिरावट आ रही है। जिससे कहा जा सकता है कि कोरोना का प्रकोप कम हो रहा है।

Prateek KumarSun, 09 May 2021 06:45 AM (IST)

नई दिल्ली [निहाल सिंह]। राजधानी में कोरोना का संकट कम होता हुआ नजर आ रहा है। इसके संकेत दिल्ली सरकार के आंकड़े और श्मशान घाटों और शवदाह में हो रहे अंतिम संस्कार दे रहे हैं। क्योंकि जहां प्रतिदिन 700 तक अंतिम संस्कार हो रहे थे अब वह आंकड़ा 400 तक जा पहुंचा है। वहीं, दिल्ली सरकार के मुताबिक संक्रमण दर में गिरावट आ रही है। जिससे कहा जा सकता है कि कोरोना का प्रकोप कम हो रहा है। अगर, ऐसे ही संक्रमण दर कम होती रही तो आने वाले दिनों में लोगों को और राहत हो सकती है। वहीं, अस्पतालों में बेड ढूंढने की किल्लत भी खत्म हो सकती है। हालांकि अभी स्थिति यह है कि आपातकालीन स्थिति में लोगों को अभी भी अस्पताल में दाखिल होने में काफी परेशानी हो रही है और लोगों को अस्पतालों में बेड नहीं मिल पा रहे हैं।

नगर निगमों के शवदाह गृहों और श्मशान घाट पर हुए अंतिम संस्कारों पर नजर डाले तो अप्रैल के अंतिम सप्ताह में 717 तक पहुंच गया था। इसकी वजह से निगमों को तीन नए शवदाह गृह स्थल बनाने पड़े और जहां एक दिन में 300 लोगों के अंतिम संस्कार करने क्षमता थी उसे बढ़ाकर 1100 तक किया गया था। चूंकि अब प्रतिदिन होने वाले अंतिम संस्कार के आंकड़े 407 तक जा पहुंचे हैं जिससे शवदाह गृहों और श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार में इंतजार का समय भी कम हो गया है। जहां पहले कोरोना से मृत व्यक्ति के अंतिम संस्कार में चार से सात घंटे तक का इंतजार करना पड़ता था वह 30 से 50 मिनट हो गया है।

दूसरे राज्यों में जाकर कराया अंतिम संस्कार

बेड कि किल्लत की वजह से राजधानी के लोग जहां उत्तर प्रदेश और हरियाणा के अस्पतालों में इलाज के लिए दाखिल होने जा रहे हैं वहीं राजधानी होने की वजह से इन्ही राज्यों से भी राजधानी में आ रहे हैं। जिसकी वजह से भी कुछ कमी देखने को मिल रही है। हालांकि, बहुत बड़ी संख्या में ऐसे भी लोग हैं जो कोरोना संक्रमित होने पर होम आइसोलेशन में थे। जब दिल्ली में अंतिम संस्कार के लिए जगह नहीं मिली तो गढ़गंगा और अन्य स्थानों पर ले जाकर अंतिम संस्कार कराया।

सामान्य मृत्यु भी हुई कम

सामान्य तरह से होने वाली मृत्यु की संख्या भी कम हुई है। क्योंकि अब शवदाह गृहों और श्मशान घाटों पर सामान्य मृत्यु से होने वाले अंतिम संस्कार की संख्या कम हुई है। अकेले निगम बोध घाट में जहां सामान्य तौर पर होने वाले अंतिम संस्कार की संख्या 124 तक जा पहुंची थी वह भी घटकर 50 तक आ गई है। माना जा रहा है सामान्य तौर पर जो अंतिम संस्कार हुए उसमें कई लोग ऐसे थे जिनकी मृत्यु कोरोना से हुई लेकिन जानकारी के अभाव या जानबूझकर परिवार के लोगों ने सामान्य के तौर पर अंतिम संस्कार कर दिया।

निगम बोध पर अंतिम संस्कार के आंकड़े

दिनांक- कोरोना प्रोटोकाल के अंतिम संस्कार- सामान्य अंतिम संस्कार- कुल

29 अप्रैल-122-118-240

30 अप्रैल-107-103-210

1 मई-91-95-186

2 मई-82-71-153

3 मई -94-80-174

4 मई -95-59-154

5 मई-86-50-136

6 मई -72-65-137

7 मई -64-50-114

कितने हुए अंतिम संस्कार

दिनांक- उत्तरी निगम- दक्षिणी निगम- पूर्वी निगम- कुल

29 अप्रैल- 324-311-82-717 (सर्वाधिक)

30 अप्रैल- 304-325-82-711

1मई -304-293-100-697

2मई-280-267-73-620

3मई-280-251-63-594

4मई-241-238-74-553

5मई224-225-72-553

6मई-213-234-59-506

7मई-155-185-67-407

(निगमों की रिपोर्ट के अनुसार)

दिनांक संक्रमण दर (फीसद में)- मृत्यु के आंकड़े

29-अप्रैल-32.82-395

30 अप्रैल-32.69-375

1 मई -31.61-412

2 मई-28.33-407

3 मई -29.56-448

4 मई -26.73-338

5 मई- 26.37-311

6 मई -24.29-335

7 मई -24.92-342

(दिल्ली सरकार के हेल्थ बुलेटिन के अनुसार)

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.