Delhi Coronavirus: अस्पताल में जाने से पहले ऐसे चेक कर सकते हैं कोविड बेडों की संख्या

दिल्ली में कोविड बेड 6 हजार से बढ़ा कर 13 हजार कर दिए गए हैं।

स्वास्थ्य मंत्री ने कोरोना मरीजों से अपील की कि डाॅक्टर की सलाह पर ही वे अस्पताल में भर्ती हों और हल्के लक्षण वाले लोग अस्पताल में भर्ती होने से बचें। साथ ही दिल्ली कोरोना एप पर बेड की उपलब्धता देख कर अस्पताल जाएं और हेल्पलाइन नंबर की भी मदद लें।

Prateek KumarWed, 14 Apr 2021 07:48 PM (IST)

नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई में दिल्ली वासियों को एकजुट होने की अपील करते हुए कहा कि सभी लोग कोरोना संक्रमण की रोकथाम के नियमों का पालन करें और मास्क लगाकर ही घर से बाहर निकलें। दिल्ली समेत पूरे देश में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और अभी इसकी रफ्तार धीमी नहीं हो रही है। दिल्ली में कोविड बेड 6 हजार से बढ़ा कर 13 हजार कर दिए गए हैं, अभी और बेड बढ़ाए जा रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने कोरोना मरीजों से अपील की कि डाॅक्टर की सलाह पर ही वे अस्पताल में भर्ती हों और हल्के लक्षण वाले लोग अस्पताल में भर्ती होने से बचें। साथ ही, दिल्ली कोरोना एप पर बेड की उपलब्धता देख कर अस्पताल जाएं और हेल्पलाइन नंबर की भी मदद लें। उन्होंने कहा कि दिल्ली में प्रतिदिन एक लाख से अधिक कोविड टेस्ट किए जा रहे हैं, जो देश के किसी भी राज्य से अधिक है।

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जेन ने बताया कि मंगलवार को दिल्ली में 13,468 कोरोना के नए मामले आए थे और 1.02 लाख से ज्यादा टेस्ट किए गए। दिल्ली में संक्रमण दर 13.14 फीसद थी। मंगलवार की रिपोर्ट के मुताबिक, पूरे देश में 1,85,000 से ज्यादा कोरोना के नए मामले आए, जो कोरोना की पिछली लहर में आए 99 हजार मामले से दोगुने हैं।

दिल्ली और पूरे देश में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। कोरोना का संक्रमण अभी धीमा नहीं हो रहा है। जबकि पिछली बार हमने देखा था कि संक्रमण की एक लहर आई और उसके बाद संक्रमण की रफ्तार धीमा होती चली गई थी। इसलिए मैं सभी लोगों से अपील करूंगा कि मास्क जरूर लगाएं और कोरोना संक्रमण की रोकथाम के नियमों का पालन जरूर करें। घर से बाहर जाएं तो मास्क जरूर पहन कर जाएं।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पूरे देश और दिल्ली में पिछले कुछ हफ्तों से संक्रमण की दर हर हफ्ते दोगुनी होती जा रही है। कोरोना की इस लहर में संक्रमित मामलों के हिसाब से मृत्यु दर कम है। हमारे लिए हर मृत्यु दुखद है। दिल्ली में कोरोना संक्रमण की मृत्यु दर 0.5 फीसद चल रही है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली में पिछले हफ्ते बेड की संख्या 6 हजार थी, जिसे अब बढ़ाकर 13 हजार कर दिया गया है। दिल्ली सरकार लगातार बेड की संख्या को तेजी से बढ़ा रही है। सोमवार को भी बेड की संख्या बढ़ाने के लिए आदेश दिए गए थे, जिसको जमीनी स्तर पर दिखने में 3 से 4 दिन लगेंगे। दिल्ली में देश के किसी प्रदेश से 2 गुनी संख्या में बेड उपलब्ध है। कोरोना की पिछले लहर में हमने देखा था कि वेंटिलेटर ही सब कुछ है, लेकिन ऐसा नहीं है। वेंटिलेटर के अलावा और भी कई सारी तकनीक है। सबसे पहले दवाइयां दी जाती हैं, उसके बाद होम आइसोलेशन सुविधा है, फिर ऑक्सीजन लगाई जाती है। उसके बाद एफएफएनओ, बाई-पप है। वेंटिलेटर सबसे आखरी उपाय है। वेंटिलेटर बेड पर मरीजों को रखा गया है, लेकिन वेंटिलेटर की कमी नहीं है।

ये भी पढ़ेंः Delhi Metro में सफर करने के दौरान 400 से ज्यादा यात्रियों पर लगा जुर्माना, आप भी न करें ये गलती

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि दिल्ली कोरोना एप्लीकेशन में दिन में दो-दो बार डाटा अपडेट किया जाता है। कभी-कभी ऐसा होता है कि आप जिस समय देख रहे होते हैं और एप में डाटा अपडेट नहीं गया हो और उसी बीच 8-10 मरीज और आ जाएं तो उसको अपडेट होने में थोड़ा समय लगता है। एलएनजेपी अस्पताल में 70 से 80 नए मरीज भर्ती हो रहे हैं। राजीव गांधी अस्पताल में कल रात में ही 70 से ज्यादा मरीज भर्ती हुए हैं। यह सारा डाटा आज सुबह अपडेट किया गया। बेड की उपलब्धता की जानकारी के लिए एप पर देखकर जाएं और अन्य किसी सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर पर भी कॉल कर सकते हैं।

स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि केंद्र सरकार से हमने बेड की संख्या को बढ़ाने के लिए अनुरोध किया है। पिछली बार कोरोना संक्रमण की लहर में केंद्र सरकार के 4100 बेड्स थे। अभी केंद्र सरकार के अस्पतालों में सिर्फ 1100 बेड हैं। हम कोरोना के इस लहार में भी केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम कर रहें है। दिल्ली सरकार ने अपने सभी अस्पतालों में सुविधाएं तेजी से बढ़ा रही है और केंद्र सरकार भी बढ़ा रही हैं।

उन्होंने कहा कि कोरोना की इस लहर में लोग या तो हॉस्पिटल जाना पसंद कर रहे हैं या फिर होम आइसोलेशन में रह रहे हैं। रेलवे के डिब्बे की इस बार ज्यादा जरूरत नहीं पड़ रही है। दिल्ली में बने कोविड-19 केयर सेंटर्स में 5525 बेड है, जिसमें से सिर्फ 286 बेड प्रयोग में हैं। यानी 5 फीसद बेड प्रयोग में है और अभी भी 95 फीसद बेड खाली हैं। देश के और किसी शहर में इतनी बड़ी संख्या में टेस्टिंग नहीं की जा रही है, जितनी दिल्ली में की जा रही है। दिल्ली में प्रतिदिन एक लाख से ज्यादा टेस्टिंग की जा रही है। जिसमें 70 फीसद टेस्टिंग आरटी-पीसीआर द्वारा की जा रही है।

स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने दिल्ली की जनता से अपील करते हुए कहा कि कम लक्षण वाले लोग अस्पताल में न जाएं। डॉक्टर की सलाह पर ही अस्पताल में भर्ती हों। क्योंकि अगर हल्के लक्षण वाले लोग अस्पताल में जाकर भर्ती हो जाएंगे, तो हो सकता है कि इससे ज्यादा जरूरतमंद मरीज को बेड न मिल पाए। अब तक 90 फीसद लोग होम आइसोलेशन में ही ठीक हो चुके हैं। दिल्ली में दो प्रकार से टेस्टिंग की जा रही है। रैपिड टेस्टिंग में आधे घंटे में ही रिपोर्ट मिल जाती है। जिन्हें कोरोना के लक्ष्ण है और अगर उन्हें रैपिड टेस्ट में संक्रमण नहीं पाया जाता है तो फिर से दोबारा उनका आरटी-पीसीआर टेस्ट किया जाता है। दिल्ली में ज्यादातर टेस्ट रिपोर्ट 24 घंटे के अंदर ही मिल रही है। अगर टेस्ट रिपोर्ट देर से आने की समस्या आ रही है, तो उसका समाधान जल्द ही किया जाएगा।

स्वास्थ्य मंत्री ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि इस महामारी को सब साथ मिलकर हराने में दिल्ली सरकार की मदद करें। यह कोई आम बीमारी नहीं है। 100 सालों में एक बार होने वाली यह महामारी है। 1918 में यह स्पेनिश फ्लू के नाम से आई थी और अब कोविड-19 के नाम से आई है। सभी लोगों को कोरोना के रोकथाम के नियमों का पालन करना चाहिए। घर से तभी निकलें, जब बेहद जरूरी हो। अनावश्यक भागदौड़ न करें और सतर्कता पूर्वक घर में ही रहने की कोशिश करें। कई लोगों को यह लगता है कि कोरोना संक्रमण से उन्हें कोई खतरा नहीं है। भले ही उन्हें कोई खतरा न हो, लेकिन अगर वे संक्रमित पाए जाते हैं, तो उनसे उनके परिवार वालो को खतरा है। इसलिए सभी लोगों से अपील है कि कोरोना के रोकथाम के नियमों का पालन करें और इससे सतर्क रहें। इस संक्रमण से मास्क ही एकमात्र बचाव का साधन है। इसलिए कहीं भी भीड़-भाड़ वाले इलाकों में जाने से पहले मास्को जरूर लगाइए। साथ ही वैक्सीन ले चुके लोग भी कोरोना के नियमों का पालन करें और मास्क जरूर लगाएं।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों से जुड़ी प्रमुख जानकारियों और आंकड़ों के लिए क्लिक करें।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.