डेंगू के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बच्चों ने लिया हिस्सा, सीएम केजरीवाल ने की थी अपील

दिल्ली सरकार द्वारा डेंगू के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत इस सप्ताह दिल्ली के बच्चे बढ़-चढ़ कर अभियान में हिस्सा लिया। ये बच्चे अपने घर और आसपास इकट्ठे साफ पानी की जांच किए और गमलों में खराब पानी की जगह ताजा पानी भरे।

Mangal YadavSun, 19 Sep 2021 07:52 AM (IST)
हमें अपनी दिल्ली को डेंगू से बचाने के लिए हर रविवार को 10 मिनट करना है होमवर्क

नई दिल्ली, राज्य ब्यूरो। दिल्ली सरकार द्वारा डेंगू के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत इस सप्ताह दिल्ली के बच्चे बढ़-चढ़ कर अभियान में हिस्सा लिया। ये बच्चे अपने घर और आसपास इकट्ठे साफ पानी की जांच किए और गमलों में खराब पानी की जगह ताजा पानी भरे। इस अभियान को 10 हफ्ते, 10 बजे, 10 मिनट, हर रविवार डेंगू पर वार नाम दिया गया है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सभी बच्चों को इस अभियान में बढ़-चढ़ कर भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि हमें अपनी दिल्ली को डेंगू से बचाने के लिए हर रविवार को 10 मिनट होमवर्क करना है। इस होमवर्क में हमें अपने घर और आसपास में जांच करनी है कि कहीं साफ पानी इकट्ठा तो नहीं है। अगर है तो उसे उड़ेल दें, बदल दें या उसमें तेल डाल दें। साथ ही अपने दोस्तों को भी फोन करके इस अभियान में हिस्सा लेने को कहें।

दिल्ली सरकार द्वारा डेंगे के खिलाफ चलाए जा रहे महा अभियान की इस सप्ताह की थीम दिल्ली के बच्चे हैं और इस थीम को आओ बच्चों डेंगू को सबक सिखाएं, 10 हफ्ते, 10 बजे, 10 मिनट अपनाएं' और 10 बजे, 10 हफ्ते, 10 मिनट, हर रविवार डेंगू पर वार, प्यारे बच्चों हो जाओ तैयार, डेंगू पर करने को वार टैग लाइन दी गई है। पिछले साल की तरह इस बार भी दिल्ली सरकार ने दिल्ली में डेंगू को खत्म करने के लिए 10 हफ्ते, 10 बजे, 10 मिनट महा अभियान शुरू की है।

उल्लेखनीय है कि 2015 में दिल्ली में मुख्यमंत्री  केजरीवाल के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी की सरकार बनी थी। उस दौरान दिल्ली में डेंगू के 15867 केस आए थे और इससे करीब 60 लोगों की मौत हुई थी। सीएम के दिशा-निर्देशन में दिल्ली सरकार ने 2019 में डेंगू विरोधी 10 हफ्ते, 10 बजे, 10 मिनट' अभियान चलाया। सरकार का दावा है कि इसका परिणाम यह रहा कि 2019 में डेंगू के 2036 केस आए और केवल दो लोगों की मौत हुई। वहीं, 2020 में इस अभियान का परिणाम और भी उत्साह जनक रहा। पिछले साल डेंगू के केवल 1269 केस आए थे और एक भी मौत नहीं हुई।

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