Air Pollution: इस बार भी दमघोंटू हवा में मनेगी दिल्ली-NCR में दीवाली, बेहद चिंताजनक रहने वाले हैं हालात

Air Pollution सफर इंडिया ने एक से 20 नवंबर तक की समयावधि को दिल्ली-एनसीआर के लिए बेहद चिंताजनक बताया है। इस दौरान एयर इंडेक्स गंभीर श्रेणी में भी पहुंच सकता है। इसकी वजह से दिल्ली-एनसीआर में दीवाली इस बार भी दमघोंटू हवा में ही मनेगी।

Mangal YadavMon, 25 Oct 2021 10:19 PM (IST)
सप्ताहांत से ही बिगड़ने लगेगी हवा की गुणवत्ता

नई दिल्ली [संजीव गुप्ता]। रविवार की झमाझम बारिश से फिलहाल भले ही दिल्ली-एनसीआर के लोग साफ हवा में सांस ले पा रहे हों, लेकिन दो-तीन दिन में ही यह राहत खत्म हो जाएगी। एक बार फिर सांसों का आपातकाल लगने का समय आ गया है। बुधवार से ही एयर इंडेक्स बढ़ना शुरू हो जाएगा। सप्ताहांत तक यह खराब श्रेणी में पहुंच जाएगा। इसके बाद फिर इसमें लगातार इजाफा होगा। सफर इंडिया ने एक से 20 नवंबर तक की समयावधि को दिल्ली-एनसीआर के लिए बेहद चिंताजनक बताया है। इस दौरान एयर इंडेक्स गंभीर श्रेणी में भी पहुंच सकता है। इसकी वजह से दिल्ली-एनसीआर में दीवाली इस बार भी दमघोंटू हवा में ही मनेगी।

इस साल अक्टूबर के आखिरी सप्ताह तक भी प्रदूषण नियंत्रण में रहा तो इसकी वजह मौसम की मेहरबानी रही। देर तक सक्रिय रहे मानसून से धूल प्रदूषण भी नियंत्रण में था और पराली भी अपेक्षाकृत कम जली। लेकिन, सोमवार को देशभर से मानसून विदा हो गया। अगले 10 दिनों तक किसी भी पश्चिमी विक्षोभ अथवा बारिश की संभावना नहीं है। पराली जलाने की घटनाओं में भी अब तेजी से इजाफा होगा।

मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार से हवा की दिशा भी पूर्वी और उत्तर पूर्वी से उत्तर पश्चिमी हो गई है। इसके साथ पहाड़ों की ठंडक और पराली का धुआं दोनों दिल्ली तक पहुंचेंगे। हवा की रफ्तार भी पांच से आठ किमी प्रति घंटा यानी कम रहेगी। दीवाली पर अगर थोड़े बहुत भी पटाखे जले तो हवा की गुणवत्ता और अधिक खराब होगी।

केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अधीन सफर इंडिया ने अपने पूर्वानुमान में नवंबर माह के पहले तीन सप्ताह में दिल्ली-एनसीआर की हवा चिंताजनक रहने की आशंका जताई है। सप्ताहांत से ही इसकी शुरुआत हो जाएगी। यह भी कहा है कि अगर समय रहते यथोचित कदम नहीं उठाए गए तो इस साल भी दिल्ली की एनसीआर का एयर इंडेक्स 400 के पार यानी गंभीर श्रेणी तक पहुंच सकता है।

सीएसई की रिपोर्ट ने दिए साफ संकेत

सेंटर फार साइंस एंड एन्वार्यमेंट (सीएसई) द्वारा चार दिन पहले ही जारी की गई एक रिपोर्ट में भी कहा गया है कि अक्टूबर और नवंबर के आसपास प्रदूषण में पराली की भूमिका 40 प्रतिशत तक पहुंच जाती है। इस बार बारिश अधिक दिनों तक होने के कारण अभी ज्यादा पराली नहीं जलाई गई है। इस बात की आशंका है कि बारिश खत्म होने पर एक साथ बड़े स्तर पर पराली जलाई जाए। ऐसे में नवंबर के पहले सप्ताह में वायु प्रदूषण बहुत ज्यादा बढ़ सकता है।

सफर इंडिया के परियोजना निदेशक डा. गुरफान बेग ने कहा कि दिल्ली-एनसीआर में हवा की गुणवत्ता जल्द बिगड़ने को है। पिछले साल दीवाली के अगले दिन तेज बारिश होने से हालात कुछ संभल गए थे। लेकिन, इस साल ऐसी कोई संभावना नहीं है। दीवाली पर तो हवा दमघोंटू होगी ही, इसके बाद भी अगले दो सप्ताह तक स्थिति चिंताजनक रहने वाली है।

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