Delhi: AIIMS के 20 डॉक्टर कोरोना पॉजिटिव, वैक्सीन की डोज लेने वाले तीन एमबीबीएस स्टूडेंट भी संक्रमित

कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लेने के बाद भी एम्स के डॉक्टर हुए संक्रमित।

एम्स के 20 डॉक्टर भी कोरोना संक्रमित पाए गए हैं इनमें से 2 फैकल्टी मेंबर भी शामिल है। इनमें तीन ऐसे डॉक्टर भी हैं जिन्होंने कोरोना वैक्सीन की पहली डोज ली थी। बीते 10 दिनों में जांच के दौरान ये सभी पॉजिटिव पाए गए हैं।

Vinay Kumar TiwariFri, 09 Apr 2021 06:12 PM (IST)

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। कोरोना का संक्रमण बढ़ने से अस्पतालों में भी बड़ी संख्या में स्वास्थ्य कर्मी कोरोना से पाजिटिव हो रहे हैं। एम्स में पिछले 10 दिनों में दो फैकल्टी सहित 20 डाक्टर कोरोना से पीड़ित हुए हैं। इसके अलावा एमबीबीएस के छह छात्र भी कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं। इस तरह कुल 26 डाक्टर व एमबीबीएस छात्र कोरोना से पीड़ित हुए हैं। एम्स प्रशासन के अनुसार इनमें से सिर्फ दो को ही टीका लगा है। इसलिए ज्यादातर ऐसे डाक्टर व एमबीबीएस के छात्र कोरोना से पीड़ित हुए हैं जिन्होंने टीका नहीं लिया है।

वैसे एम्स में कोरोना से संक्रमित होने वालों की संख्या अधिक बताई जा रही है। एम्स सूत्रों के अनुसार हाल के दिनों में 50 से ज्यादा स्वास्थ्य कर्मी कोरोना से पीड़ित हुए हैं। जिसमें डाक्टर, मेडिकल के छात्रों के अलावा अन्य स्वास्थ्य कर्मी भी शामिल हैं। लेकिन एम्स ने अधिकारिक तौर पर 20 डाक्टर व 26 एमबीबीएस के छात्रों के ही संक्रमित होने की पुष्टि की है। एक दिन पहले गंगाराम अस्पताल में 37 डाक्टरों के कोरोना से पीड़ित होने की बात सामने आई थी। इनमें से 32 डाक्टर होम आइसोलेशन में हैं। वहीं पांच डाक्टर अस्पताल में भर्ती किए गए हैं।

टीका लगने के बाद बीमारी ज्यादा गंभीर होने का खतरा नहीं

टीका लगने के बाद भी बड़ी संख्या में डाक्टरों व स्वास्थ्य कर्मियों के कोरोना से पाजिटिव पाए जाने पर टीके के प्रभाव को लेकर सवाल उठाए जाने लगे हैं लेकिन डाक्टर टीके को कारगर बता रहे हैं। अपोलो अस्पताल के श्वास रोग विशेषज्ञ डा. राजेश चावला ने कहा कि यह कभी नहीं कहा गया कि टीका लगने के बाद कोरोना का संक्रमण नहीं होगा। इसलिए ही टीका लगने के बाद भी मास्क पहनने की सलाह दी जा रही है।

लेकिन टीका लगने के बाद कोरोना की गंभीर बीमारी नहीं होगी। आकाश सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के मेडिसिन के विशेषज्ञ डा. प्रभात रंजन सिन्हा ने कहा कि टीका लेने के बाद कुछ लोग कोरोना से संक्रमित देखे जा रहे हैं लेकिन उनमें बहुत हल्का संक्रमण हो रहा है। इसलिए उन मरीजों को ज्यादा खतरा नहीं है। लिहाजा, टीके पर संदेह उचित नहीं है। इसलिए 45 साल से अधिक उम्र के लोगों को टीका जल्द लगवा लेना चाहिए।

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