डीयू के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज को SMDC का झटका, 2 बैंक अकाउंट सीज; संपत्ति भी हो सकती है कुर्क

दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज के प्राचार्य डॉ. हेमचंद जैन (Dr. Hemchand Jain Principal of Deen Dayal Upadhyay College) ने बताया कि कॉलेज के दो बैंक खाते सीज किए गए हैं। इससे काफी दिक्कत होने वाली है। चंद दिनों में प्रथम वर्ष के छात्रों की ओपन बुक परीक्षा होनी है।

By JP YadavEdited By: Publish:Sat, 06 Mar 2021 07:51 AM (IST) Updated:Sat, 06 Mar 2021 07:51 AM (IST)
डीयू के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज को SMDC का झटका, 2 बैंक अकाउंट सीज; संपत्ति भी हो सकती है कुर्क
दीन दयाल उपाध्यायबकौल प्राचार्य, कॉलेज संपत्तिकर जमा करने में असमर्थ है।

नई दिल्ली [संजीव कुमार मिश्र]। दिल्ली विश्ववविद्यालय (Delhi University) से संबद्ध दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज (डीडीयू) के 2 बैंक अकाउंट सीज कर दिए गए हैं। दक्षिणी दिल्ली नगर निगम (South Delhi Municipal Corpoartion) ने यह कार्रवाई करीब तीन करोड़ रुपये संपत्तिकर शुल्क जमा नहीं करने पर की है। नगर निगम अब कॉलेज की संपत्ति कुर्क करने की प्रक्रिया भी शुरू कर सकता है।

कॉलेज के प्राचार्य ने कहा- प्रबंधन समर्थ नहीं संपत्ति कर जमा करने में

दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज के प्राचार्य डॉ. हेमचंद जैन (Dr. Hemchand Jain, Principal of Deen Dayal Upadhyay College) ने बताया कि कॉलेज के दो बैंक खाते सीज किए गए हैं। इससे काफी दिक्कत होने वाली है। चंद दिनों में प्रथम वर्ष के छात्रों की ओपन बुक परीक्षा होनी है। छात्रों ने परीक्षा शुल्क जमा किया है जो इन्ही सीज अकाउंट में ही है। बकौल प्राचार्य, कॉलेज संपत्तिकर जमा करने में असमर्थ है।

यह है पूरा मामला

यहां पर याद दिला दें कि वर्ष 2016 में कॉलेज की नई इमारत बनी थी। जिसके बाद कार्यालय समेत कक्षाएं नई इमारत में चलने लगी। कॉलेज ने संपत्तिकर मूल्यांकन के लिए दक्षिण दिल्ली नगर निगम को आवेदन किया था। इसके बाद दिसंबर 2019 में नगर निगम ने 1.9 करोड़ रुपये की एकमुश्त राशि जमा करने के लिए कहा था। जिसे कॉलेज प्रशासन जमा नहीं कर पाया था, जिस कारण संपत्तिकर शुल्क बढ़कर अब करीब तीन करोड़ रुपये हो चुका है।

कुर्क हो सकती है कॉलेज की संपत्ति

वहीं, दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के सूत्रों की मानें तो अगर कॉलेज ने बकाया नहीं चुकाया तो अभी सिर्फ 2 एकाउंट सीज किए हैं, अगली कार्रवाई में संस्थान की संपत्ति भी कुर्क की जा सकती है। यह भी बताया जा रहा है कि अगर ऐसे हुआ तो छात्र-छात्राओं के साथ शिक्षकों और कॉलेज के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को काफी नुकसान होगा। कॉलेज स्टाफ की सैलरी भी नहीं मिल पाएगी।

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