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हिंदूराव अस्पताल से 23 कोरोना मरीज फरार, हाॅस्पिटल में मचा हड़कंप; पुलिस खोज में जुटी

उत्तरी निगम का अस्पताल है हिंदूराव ।

उत्तरी निगम के बाड़ा हिंदूराव अस्पताल से 23 कोरोना संक्रमित फरार हो गए हैं। अब यह कहां हैं इसको लेकर अस्पताल प्रशासन के पास कोई जानकारी नहीं है। बता दें कि राजधानी में बढ़े कोरोना संक्रमण से एक जहां एक-एक बेड के लिए मारामारी हो रही है।

Prateek KumarSat, 08 May 2021 07:45 AM (IST)

नई दिल्ली [निहाल सिंह]। राजधानी में बढ़े कोरोना संक्रमण से एक जहां एक-एक बेड के लिए मारामारी हो रही है वहीं उत्तरी निगम के बाड़ा हिंदूराव अस्पताल से 23 कोरोना संक्रमित फरार हो गए हैं। अब यह कहां हैं इसको लेकर अस्पताल प्रशासन के पास कोई जानकारी नहीं है। जिसको लेकर अस्पताल ने तैनात पुलिस के ड्यूटी अफसर को इसकी शिकायत दी है। शिकायत के बाद अब पुलिस इन मरीजों का ढूंढने में जुट गई है। अगर, यह मरीज नहीं मिले तो इनसे दूसरे लोगों को कोरोना का संक्रमण फैलने का खतरा हो सकता है।

उत्तरी दिल्ली नगर का बाड़ा हिंदूराव सबसे बड़ा अस्पताल

उल्लेखनीय है कि उत्तरी दिल्ली नगर का बाड़ा हिंदूराव सबसे बड़ा अस्पताल है। निगम ने इसे 19 अप्रैल को कोरोना मरीजों के इलाज के लिए शुरू किया था। जिसमें 240 बिस्तर ऑक्सीजन के हैं तो वहीं 10 वेंटिलेटर हैं। यह सिविल लाइंस इलाके में सबसे पुराने अस्पतालों में से एक हैं। इसकी कुल क्षमता 900 बिस्तर की है। अस्पताल प्रशासन की शिकायत के बाद पुलिस इन मरीजों के पते और फोन नंबर की जानकारी लेकर इन्हें ढूंढने की कोशिश में जुटी है। ताकि इन्हें समय रहने आइसोलेट किया जा सकें।

बिना डाॅक्टरी सलाह के 26 ने छोड़ा अस्पताल

निगम के अस्पताल में जहां 23 कोरोना के मरीज फरार हो गए हैं वहीं 26 मरीज लीव अगेंस्ट मेडिकल एडवाइज (लामा) के तहत अस्पताल से खुद ही छुट्टी लेकर चले गए। लामा वह प्रक्रिया है जिसमें मरीज अपनी मर्जी से अस्पताल से छुट्टी लेता है जबकि डाॅक्टर उसे अस्पताल में दाखिल रहने की सलाह देते हैं। हालांकि, इसमें बहुत बड़ी संख्या में ऐसे भी मरीज होते हैं जिन्हें दूसरे बेहतर अस्पतालों में इलाज की व्यवस्था हो जाती है तो वह वहां चले जाते हैं। या कई मरीज घर पर ही इलाज की कोशिश करते हैं।

ठीक हुए 113 मरीज

निगम के अस्पताल में नए मरीज तो दाखिल हो ही रहे वहीं कई मरीज ठीक भी हो रहे हैं। अप्रैल से 6 मई तक 113 मरीज ठीक होकर घर जा चुके हैं। यह मरीज गंभीर थे। जिन्हें डाॅक्टरों ने अपनी मेहनत से ठीक कर दिया। मिली जानकारी के अनुसार हिंदूराव में 567 कोरोना के मरीज दाखिल हुए। इसमें से 113 को छुट्टी मिल गई तो वहीं 164 की मृत्यु हो गई। सर्वाधिक मृत्यु 19 से लेकर 23 अप्रैल के बीच हुई। क्योंकि, उस समय गंभीर मरीजों को अस्पतालों में बेड की समस्या का सामना करना पड़ रहा था। निगम ने जैसे ही इस अस्पताल को शुरू किया वैसे गंभीर मरीज दाखिल किए गए। वहीं राजनबाबू टीबी अस्पताल में कोरोना मरीजों के लिए 100 बिस्तर आरक्षित हैं। 26 अप्रैल से शुरू हुए इस अस्पताल में 161 मरीज दाखिल हुए। वहीं छह ठीक हो गए और पांच की मृत्यु हो गई।

वहीं, दक्षिणी निगम के तिलक नगर स्थित अस्पताल को 25 अप्रैल को शुरू किया गया था। जहां पर 121 मरीज दाखिल हुए हैं। जिसमें से एक की मृत्यु हुई है। वहीं 16 मरीजों को गंभीर होने पर डीडीयू अस्पताल में रेफर किया गया।

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