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कोरोना के कारण लोगों को ना हो खाने की दिक्‍कत, हर भूखे के लिए रोटी बैंक बन रहा सहारा

नई दिल्ली [रितु राणा]। आज पूरा विश्व कोरोनकाल की चपेट में है, काम धंधे बंद हैं। जेब खाली होने के कारण कई लोग दर-दर की ठोकर खा रहे हैं। भूख से किसी को परेशानी ना हो इसके लिए देशभर में कई लोग दिल खोलकर जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आ रहे हैं। ऐसी ही एक संस्‍था है जो खास कर बच्चों का खास ख्‍याल रख रही है। इसके अलावा निःस्वार्थ भाव से गरीब व जरूरतमंद लोगों की भी सेवा करती है। इस संस्‍था का नाम है 'रोटी बैंक'। रोटी बैंक चलाने वाले पवन जिंदल गरीबों की मदद के लिए न रात देखते हैं न ही दिन। ना धूप देखते हैं न बारिश। गांधीनगर निवासी पवन जिंदल हर वक्‍त जरूरतमंदों तक भोजन पहुंचा रहे हैं।

रात में आई एक फोन कॉल ने झकझोर कर रख दिया

पवन जिंदल बताते हैं कि 25 मार्च की रात गांधी नगर थाने से उन्हें एक फोन आया, जिसने उन्हें अंदर से झकझोर दिया। उन्होंने बताया कि फोन पर एक पुलिसकर्मी ने कहा कि पवन जी रोटी बैंक क्या कर रहा है, यहां 20, 25 लोग भूखे हैं, क्या उनके खाने की व्यवस्था हो सकती है। आधी रात को ढाई बजे घर में जो कुछ भी खाने को था जैसे रोटी, ब्रेड, बिस्किट आदि लेकर वह थाने चले गए। फिर वहां जरूरतमंदों को खाना खिलाया तो 10, 15 लोग और आ गयए फिर मैंने अपने एक ग्रुप में मैसेज डाला कि बहुत लोग भूखे हैं, उनके लिए हमें भोजन की व्यवस्था करनी है। सोशल मीडिया के माध्यम से उन्होंने कई लोगों तक इस संदेश को पहुंचाया ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग तक भोजन पहुंचे।

25 मार्च से भर रहे गरीब व जरूरतमंदों का पेट

पवन जिंदल पिछले दो महीने से जरूरतमंद लोगों को खाना खिला रहे हैं। अपनी संस्था रोटी बैंक के माध्यम से जब से लॉकडाउन की शुरुआत हुई है तब से लेकर अब तक नियमित रूप से जरूरतमंदों के लिए राशन की व्यवस्था कर रहे हैं। भोजन वितरण के दौरान इनकी टीम के सदस्य शारीरिक दूरी का विशेष ध्यान रख रहे हैं।

तुम कहीं मत जाओ हम तुम तक पहुंचाएंगें भोजन

पवन जिंदल भूख से पीड़ित लोगों को भरोसा दिलाने का काम भी कर रहे हैं। वह जहां भी अपनी गाड़ी से भोजन लेकर जाते हैं, वहां माइक से अनाउंसमेंट करते हैं कि 'तुम प्रदेश छोड़कर कहीं मत जाओ हम तुमारे साथ हैं, हम रोजाना यहां आपके लिए भोजन लेकर आएंगे।' से साथ ही उनके स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।

रोजाना अलग-अलग मेन्यू खाने में दिया जाता है

लोगों को खाने में रोजाना अलग-अलग मेन्यू परोसा जाता है। पालक की कढ्ढी, दाल, चावल, रोटी, खीर, राजमा, छोले व अलग-अलग सब्जियां आदि और पानी का वितरण किया गया जाता है। पवन जिंदल ने बताया कि रोजाना हजारों लोगों को रघुवर पुरा नंबर 2, गली नबंर 11, गांधी नगर थाना, झील चौक, चाचा नेहरू अस्पताल गीता कालोनी, रानी गार्डन की झुग्गियों के पास, शक्कर पुर पुलिस स्टेशन की लाल बत्ती के पास, पांडव नगर नेहरू कैम्प की झुग्गियों के पास, गणेश चौक, लक्ष्मी नगर मैट्रो स्टेशन के पास, वी थ्री एस माल की लाल बत्ती, सिलाई सेंटर गीता कॉलोनी के पास खाना खिलाया।

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