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Coroanvirus, lockDown: अनिश्चितता के बीच घर जाने की हैं कई वजहें, राहगीरों ने सुनाई पीड़ा

नई दिल्ली [शुजाउद्दीन]। कोरोना की अनिश्चितता के बीच कई कारण है जिसकी वजह से दिल्ली से लोग दूसरे राज्यों में अपने घरों को जा रहे हैं। रविवार को भी बड़ी संख्या में लोग अपने घरों के लिए दिल्ली से रवाना हुए, कुछ पैदल तो कुछ बसों के सहारे गए। कोरोना ने ऐसा वक्त ला दिया है जब लोग अपने परिवार के साथ रहना चाहते हैं। जो लोग दूसरे राज्यों में अपने घरों को जा रहे हैं, उनमें से बहुत से लोगों को चैत की फसल कटवानी है तो किसी को परिवार के सदस्यों की शादी में शामिल होना है। बहुत से लोगों ने पहले से ही ट्रेन में टिकट करवाई हुई थी, लेकिन कोरोना की वजह से ट्रेने रद हो गई हैं।

लॉकडाउन है, ऐसे में अगर वह नहीं पहुंचे और समय पर फसल नहीं कटी तो खराब होने का खतरा है। आनंद विहार से लोग उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार सहित अन्य राज्य जा रहे थे, उनमें से बहुत से लोगों का कहना था कि गर्मी की छुट्टियों में वह हर वर्ष अपने गांव को चले जाते हैं, यह वायरस अचानक से आ गया। अगर यह वायरस न आया होता तो भी वह अपने घरों को जाते।

बनारस की रहने वाली सुनीता ने बताया कि कल्याणपुरी में पति फलों की रेहड़ी लगाते हैं, परिवार में तीन छोटे बच्चे हैं। रोज का खाना कमाना है, लॉकडाउन के कारण काम बंद हो गया है। वैसे दिल्ली में कोई परेशानी नहीं है, बनारस में परिवार के लोग रहते हैं। मन बहुत घरबराया हुआ है, इसलिए बनारस जा रहे हैं। उत्तराखंड निवासी धीरज ने बताया कि मेरे परिवार में अप्रैल में शादी है, ट्रेन का टिकट करवाया हुआ था। लेकिन, लॉकडाउन की वजह से ट्रेन रद हो गई। उत्तराखंड जा रहा हूं।

सहारनपुर के रहने वाले कपिल ने बताया कि दिलशाद गार्डन में एक दुकान पर काम करता हूं। गांव में अप्रैल माह में चैत की फसल कटती है, फसल कटवाने सहारनपुर जा रहा हूं।

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