Delhi: प्रियंका गांधी के जन्म पर कांग्रेस नेताओं का शुभकामनाओं के बहाने सियासी संकल्प

कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका वाड्रा के जन्मदिन पर कांग्रेस नेताओं ने की गरीबों की मदद

दिल्ली में कांग्रेस के गिने-चुने पार्षद हैं उनमें से भी ज्यादातर अन्य राजनीतिक दलों में नया ठिकाना तलाश रहे हैं। लेकिन पार्टी छोड़ने से पहले दूसरी जगह अपनी सीट भी पक्की कर लेना चाह रहे हैं। यही वजह है कि बहुत से लोग मझधार में हैं।

Publish Date:Mon, 18 Jan 2021 04:16 PM (IST) Author: Mangal Yadav

नई दिल्ली [संजीव गुप्ता]। किसान आंदोलन के चलते कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका वाड्रा ने नेताओं और कार्यकर्ताओं से अपना जन्मदिन नहीं मनाने का अनुरोध किया। लेकिन वे नेता-कार्यकर्ता ही क्या जो नेतृत्व की निगाह में नंबर बनाने का ऐसा मौका छोड़ दें। दिल्ली में भी ऐसा ही हुआ। प्रदेश उपाध्यक्ष जयकिशन के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने प्रियंका वाड्रा की लंबी उम्र के लिए मंगोलपुरी के संजय गांधी, पीतमपुरा के भगवान महावीर, रोहिणी के बाबा साहेब अंबेडकर और पूठ के महर्षि वाल्मीकि अस्पताल में मरीजों को फल-मिठाई बांटी तो गरीबों को गर्म कपड़े और कंबल भी दिए।

दिलचस्प यह कि शुभकामनाओं के बहाने यह सियासी संकल्प लिया कि यदि मोदी और केजरीवाल सरकार ने किसानों की मांगें नहीं मानी तो दलित, बैरवा, धोबी समाज सहित अन्य पिछड़ी जातियों के लोग कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार की ईंट से ईंट बजा देंगे। आगामी चुनावों में इसे बड़ा चुनावी मुददा बनाकर जनता के बीच भी लेकर जाएंगे। बता दें कि प्रियंका गांधी का जन्मदिन 12 जनवरी को था।

फेसबुक के जरिये पार्टी छोड़ने की घोषणा

दिल्ली में कांग्रेस के गिने-चुने पार्षद हैं, उनमें से भी ज्यादातर अन्य राजनीतिक दलों में नया ठिकाना तलाश रहे हैं। लेकिन पार्टी छोड़ने से पहले दूसरी जगह अपनी सीट भी पक्की कर लेना चाह रहे हैं। यही वजह है कि बहुत से लोग मझधार में हैं। सामने से क्लीन चिट मिले तो इस्तीफा आगे बढ़ाएं। ऐसा ही एक वाक्या कांग्रेसी पार्षद गुडडी देवी और उनके जिलाध्यक्ष पति रमेश जाटव का है। सियासी गलियारों में जोरदार चर्चा के बीच इनकी ओर से फेसबुक पर पोस्ट डाली गई कि हमने कांग्रेस छोड़ दी है।

हालांकि हैरत की बात यह कि इनका इस्तीफा पार्टी कार्यालय में अभी तक नहीं पहुंचा। बताया जा रहा है कि जिस पार्टी में इन्हें सम्मिलित होना है, वहां से शायद स्पष्ट संकेत नहीं मिल पा रहे हैं। ऐसे में इस्तीफा 'होल्ड' हो गया है। आगे से क्लीन चिट मिली तो ठीक वरना सबकुछ अफवाह करार दे दिया जाएगा।

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