साइबर खतरों से निपटने के लिए कांफ्रेंस का आयोजन, पढ़िए देश-विदेश से जुड़े एक्सपर्ट की राय

दुनिया में बढ़ रहे साइबर अपराधों को लेकर बृहस्पतिवार को एक इससे संबंधित कांफ्रेंस का आयोजन किया गया। इसमें साइबर सुरक्षा साइबर कानून और साइबर अपराध पर देश विदेश के कई विशेषज्ञ शामिल हुए। साइबर खतरों पर अलग-अलग विषयों पर चर्चा के बाद ड्राफ्ट रिपोर्ट रिलीज की गई।

Pradeep ChauhanSat, 27 Nov 2021 05:10 PM (IST)
पवन दुग्गल ने बताया कि साइबर खतरों पर अलग-अलग विषयों पर चर्चा के बाद ड्राफ्ट रिपोर्ट रिलीज की गई।

नई दिल्ली [धनंजय मिश्रा] । दुनिया में बढ़ रहे साइबर अपराधों को लेकर बृहस्पतिवार को एक इससे संबंधित कांफ्रेंस का आयोजन किया गया। इसमें साइबर सुरक्षा, साइबर कानून और साइबर अपराध पर देश विदेश के कई विशेषज्ञ शामिल हुए। कांफ्रेंस में बताया गया कि कोरोना संक्रमण के बाद साइबर खतरों के पहचानते हुए उनसे निपटने के लिए तेजी से आगे बढ़ने की जरूरत है।

साइबर विशेषज्ञ पवन दुग्गल ने बताया कि साइबर खतरों पर अलग-अलग विषयों पर चर्चा के बाद ड्राफ्ट रिपोर्ट रिलीज की गई। इसमें सुझाव दिया गया है कि सभी देशों को एक साथ मिलकर साइबर से जुड़े मामलों से निपटने के लिए मजबूत कानून बनाने की जरूरत है। रिपोर्ट के मुताबिक भविष्य में साइबर से जुड़ी आने वाली चुनौतियों से भी लोगों को जागरूक कराना होगा। भविष्य में आने वाली 5जी तकनीक के बाद होने वाले डाटा ट्रांसमिशन के पहले इससे जुड़े खतरों को भांपते हुए मजबूत कानून बनाने का भी सुझाव दिया गया है। बैंकिंग संस्थाओं के साथ अलग-अलग देशों के तालमेल को और बेहतर करने की जरूरत है।

जिससे डिजिटल लेने-देन में होने वाली चुनौतियों से निपटने में मदद मिल सके। वरिष्ठ अधिकारी कई बार अपने कार्यालय नहीं होते हैं। कई वे सुबह या शाम के समय जरूरी बैठक आदि में व्यस्त रहते हैं। ऐसे में उनके कार्यालयों में काम करने वाले स्टाफ के लोग मौके का फायदा उठाते हैं। वे या तो देरी से कार्यालय आते हैं या फिर जल्द निकल जाते हैं। ऐसे कर्मचारियों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में दिल्ली पुलिस मुख्यालय से आदेश जारी कर कहा गया है कि वरिष्ठ अधिकारियों ने यह देखा है कि उनक कार्यालयों के कर्मचारी अक्सर समय पर कार्यालय नहीं आते हैं यदि आते भी है तो फिर शाम के समय जल्दी निकल जाते हैं।

इसे देखते हुए पुलिस मुख्यालय के सभी कार्यालयों के ब्रांच प्रमुखों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि वे सभी अपने-अपने कार्यालय में उपस्थिति रजिस्टर दर्ज करें। कर्मियों को निर्देश दिया गया है कि वे सुबह 9:30 बजे दफ्तर में रिपोर्ट करें और रजिस्टर में अपने आने व जाने का समय दर्ज करें। अगर किसी कर्मचारी को किसी जरूरी काम के चलते कार्यालय देरी से आने या जल्दी जाने की पहले से अनुमति दी गई है, तो ब्रांच इंचार्ज को रजिस्टर में इसका कारण भी दर्ज करना होगा। साथ ही इसके लिए संबंधित ब्रांच के डीसीपी की अनुमति भी जरूरी होगी।

हर 15 दिन के बाद ब्रांच के एसीपी अपने डीसीपी को उन कर्मचारियों के नामों की लिस्ट सौंपेंगे, जो आदतन या लगातार देरी से कार्यालय आते हैं या जल्दी निकल जाते हैं। डीसीपी हर महीने अपने संयुक्त आयुक्त या अतिरिक्त आयुक्त को उपस्थिति रजिस्टर के संबंध में रिपोर्ट सौंपेंगे, ताकि अगर कोई कर्मचारी नियम का पालन नहीं कर रहा हो, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सके। इसके साथ ही आदेश में कहा गया है कि सभी कर्मचारियों कार्यालय में अनुशासन और शिष्टाचार बनाए रखे, ड्यूटी पर वर्दी पहनकर आए व अपने कार्यालयों को साथ-सुथरा रखने का भी निर्देश दिया गया है।

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