दिल्ली के छतरपुर एक्सटेंशन में सुविधा के लिए बनाई गई नाली बन गई मुसीबत

छतरपुर एक्सटेंशन में लोगों की सुविधा के लिए बनाई गई नालियां ही मुसीबत बन गई हैं। पानी निकासी की व्यवस्था न किए जाने से पानी सड़क पर ही भरा रहता है। इस कारण तीन माह से लोग परेशान हैं। पानी के कारण मच्छरजनित बीमारियां फैल रही हैं।

Mangal YadavTue, 07 Dec 2021 10:38 AM (IST)
छतरपुर एक्सटेंशन में नालियों का पानी सड़क पर भर गया है। जागरण

नई दिल्ली [अरविंद कुमार द्विवेदी]। छतरपुर एक्सटेंशन में लोगों की सुविधा के लिए बनाई गई नालियां ही मुसीबत बन गई हैं। पानी निकासी की व्यवस्था न किए जाने से पानी सड़क पर ही भरा रहता है। इस कारण तीन माह से लोग परेशान हैं। पानी के कारण मच्छरजनित बीमारियां फैल रही हैं। हाल ही में यहां स्थित मदरसा इस्लामिया अरबिया हयातुल-उलूम के हास्टल में रहने वाले तीन छात्रों को डेंगू हो गया था।

मदरसा के एक पदाधिकारी ने बताया कि परिसर में मस्जिद है। शुक्रवार को यहां 200 लोग नमाज पढ़ने आते हैं। लोगों को नाली के पानी व कीचड़ में से होकर आना पड़ता है। मस्जिद के पदाधिकारी ने बताया कि स्थानीय विधायक से कई बार इसकी शिकायत की गई, लेकिन न तो वह यहां तक आए और न ही समस्या का समाधान करवाया।

वहीं, स्थानीय पार्षद अनीता रणवीर तंवर ने बताया कि ये नालियां विधायक फंड से बनवाई गई हैं। अभी ये निगम को हैंडओवर नहीं की गई हैं। लोगों की शिकायत पर उन्होंने सुपर शकर मशीन से नाली की सफाई करवाई थी, लेकिन यह इसका स्थायी समाधान नहीं है। अनीता ने कहा कि नालियों को बनवाने से पहले पानी निकासी का लेआउट प्लान किया गया होता तो यह समस्या न आती।

दुकानें खाली कर रहे दुकानदार

स्थानीय लोगों ने बताया कि छतरपुर एक्सटेंशन के ए,बी, डी व ई ब्लाक में नाली तो बना दी गई, लेकिन इसका पानी आगे कहां जाएगा, इसकी व्यवस्था ही नहीं की गई। इस कारण सुमन चौक से डीएलएफ फार्म जाने वाले मार्ग पर पानी भरा रहता है। इस मार्ग पर दोनों ओर बनी नालियां ओवरफ्लो हो रही हैं और लोगों के घरों व दुकानों के सामने कीचड़ फैला है। स्थानीय निवासी आनंद भल्ला के घर के बेसमेंट में पानी भर गया।

उन्होंने सफाई शुरू करवाई तो 43 टैंकर पानी निकला। बेसमेंट का पानी निकलवाने में उनके 50 हजार रुपये खर्च हो गए। पूरी गली में पानी भरा होने के कारण यहां की दुकानों में तीन माह से ग्राहक नहीं आ रहे हैं। इस कारण यहां से चार दुकानदार दूसरी जगह शिफ्ट हो गए हैं।

वहीं, कुछ और दुकानदार भी दुकान बंद कर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि ठेकेदार की मनमानी के कारण सरकारी धन की बर्बादी तो हुई ही, लोगों की मुसीबत भी बढ़ गई। पहले जब यहां नाली नहीं थी लोगों ने अपने घरों में सेप्टिक टैंक और सोख्ता बनवा रखे थे। नाली बन जाने के बाद लोगों ने सेप्टिक टैंक को इनसे जोड़ दिया। यही पानी अब यहां सड़कों पर भर रहा है।

स्थानीय निवासी आनंद भल्ला ने बताया कि नाली बनने से उसके घर के बेसमेंट में पानी भर गया। इसकी वजह से घर में बच्चे बीमार पड़ रहे हैं। यहां दरुगध के कारण सांस लेना मुश्किल हो रहा है। विधायक से शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। जब पानी निकासी का रास्ता ही नहीं था तो नालियां बनवाई ही क्यों गईं।

दुकानदार अमित राणा ने कहा कि इस गली में उसकी बैट्री की दुकान थी। गली में भरे पानी के कारण दो-तीन माह से ग्राहक नहीं आ रहे थे, जबकि हमें हर माह 11 हजार रुपये दुकान का किराया देना पड़ता था। इसलिए हमने यहां से दुकान दूसरी जगह शिफ्ट कर ली। आसपास के तीन-चार और दुकानदार भी अपनी दुकानें बंद कर चुके हैं।

मोहम्मद इस्माइल ने बताया कि मदरसा और मस्जिद के सामने नाली का पानी भरा रहता है। शिकायत के बावजूद समस्या का कोई समाधान नहीं किया गया। हमारे हास्टल में 27 बच्चे रहते हैं। इन्हें मच्छरजनित बीमारी का खतरा बना हुआ है। दरुगध और गंदगी के कारण यहां लोग नमाज पढ़ने भी बड़ी मुश्किल से आ पाते हैं।

विधायक करतार सिंह तंवर ने कहा कि नाली बनाने का काम अभी पूरा नहीं हुआ है, जिससे इन नालियों के पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं हो पाई है। राजधानी में अभी निर्माण कार्यों पर रोक लगी है इसलिए काम बंद है। जिन प्वाइंट पर जलनिकासी के लिए पंप हाउस बना दिया गया है वहां पर यह समस्या नहीं है। समस्या के समाधान के लिए सोख्ता भी बनाए जा रहे हैं। जल्द ही जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान किया जाएगा।

मारुफ ने कहा कि मदरसा के सामने भरे पानी में बड़ी संख्या में मच्छर पनप रहे हैं। हमारी सुविधा के लिए जो नालियां बनवाई गई थीं वही अब हमारे लिए मुसीबत बन गई हैं। इस समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ तो स्थानीय लोगों के साथ आंदोलन किया जाएगा।

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