पूर्वी निगम की आय के प्रमुख स्त्रोत संपति कर के संग्रह ने पकड़ी रफ्तार, जानिए 13 दिनों में कितना हुआ इजाफा

एक सितंबर तक जहां लगभग 64 करोड़ रुपये का राजस्व मिला था अब यह बढ़कर मंगलवार तक 83 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। इसी तरह से संपत्ति करदाताओं की संख्या भी पिछले 13 दिनों में 1.15 लाख से बढ़कर 1.35 लाख से अधिक हो गई है।

Vinay Kumar TiwariWed, 15 Sep 2021 01:59 PM (IST)
संपत्ति की रजिस्ट्री में यूपिक को अनिवार्य किए जाने पर पड़ा असर।

नई दिल्ली [स्वदेश कुमार]। पूर्वी निगम की आय के प्रमुख स्नोत संपत्ति कर के संग्रह ने अब तेजी पकड़नी शुरू कर दी है। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि पिछले 13 दिनों में पूर्वी निगम को इस मद में करीब 19 करोड़ रुपये प्राप्त हो गए हैं। एक सितंबर तक जहां लगभग 64 करोड़ रुपये का राजस्व मिला था, अब यह बढ़कर मंगलवार तक 83 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। इसी तरह से संपत्ति करदाताओं की संख्या भी पिछले 13 दिनों में 1.15 लाख से बढ़कर 1.35 लाख से अधिक हो गई है। इस तरह से करीब 20 हजार लोगों ने इस अवधि में कर जमाया है। निगम अधिकारी इससे उत्साहित हैं।

निगम के अधिकारी मान रहे हैं कि पूर्वी निगम की मांग पर राजस्व विभाग द्वारा संपत्ति की रजिस्ट्री में यूपिक (संपत्ति का विशेष पहचान कोड) को अनिवार्य किए जाने के आदेश के बाद लोगों का रुझान कर जमा करने की तरफ बढ़ा है। संयुक्त कर निर्धारक व समाहर्ता (मुख्यालय) एमके सिंह ने बताया कि इस साल कोरोना और लाकडाउन की वजह से शुरुआती दो महीने संपत्ति कर संग्रह के मामले में प्रभावित रहे।

सेवा आनलाइन शुरू किए जाने के बाद कुछ तकनीकी दिक्कतें आ रही थीं, लेकिन अब यह दिक्कतें दूर हो गई हैं। लोग आसानी से संपत्ति कर संग्रह कर पा रहे हैं। धीरे-धीरे इस मद में राजस्व बढ़ेगा। लोगों को जागरूक करने के लिए निगम के अधिकारी पार्षदों, आरडब्ल्यूए और मार्केट एसोसिएशनों के साथ मिलकर लगातार शिविर लगा रहे हैं। इनमें लोगों को आनलाइन प्रक्रिया से अवगत कराया जा रहा है।

सात लाख संपत्तियों की हो चुकी है पहचान

एमके सिंह ने बताया कि 59 वाडरें में संपत्तियों के सर्वे का काम पूरा हो चुका है। करीब सात लाख संपत्तियों की पहचान हो चुकी है। इनमें से 5.9 लाख संपत्तियों को यूपिक नंबर जारी कर दिया गया है। जिन संपत्तियों का कर नहीं मिला है, उनको नोटिस जारी किया जाएगा। 4.28 लाख संपत्ति मालिकों को ये नोटिस भेजे जाएंगे। हालांकि, इसमें सिर्फ यह जानकारी दी जाएगी कि उनकी संपत्ति का यूपिक नंबर जारी हो चुका है और वे जल्द से जल्द कर जमा करा लें। इसके बाद भी अगर कर जमा नहीं करते हैं तो कार्रवाई शुरू की जाएगी। इसके तहत 30 फीसद जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा देरी से भुगतान पर प्रति माह एक फीसद ब्याज भी देना पड़ सकता है।

पूर्वी निगम ने 15 फीसद छूट के साथ संपत्ति कर जमा करने की समयसीमा 15 सितंबर तक बढ़ाई थी। बुधवार को यह समयसीमा खत्म हो रही है, लेकिन पिछले 13 दिनों में कर संग्रह में तेजी को देखते हुए निगम के पदाधिकारी इसे बढ़ाने के पक्ष में हैं। निगम अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को ही इस पर फैसला होगा।

आम माफी योजना की समयसीमा आज होगी खत्म

संपत्ति कर संग्रह बढ़ाने के उद्देश्य से ही इसकी प्रक्रिया को सरल किया गया। साथ ही इसे आनलाइन कर दिया गया। शुरुआत में लोगों को इसे समझने में दिक्कत आ रही थी, लेकिन विभागीय प्रयासों से काफी जागरूकता फैली और लोगों ने इसे अब भरना शुरू कर दिया है। हमें उम्मीद है कि साल के अंत तक इसके परिणाम सुखद रहेंगे।

- विकास आनंद, निगमायुक्त, पूर्वी निगम

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