Delhi Meerut Expressway: दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर सफर करते समय रहें सतर्क, नियम तोड़ा तो घर आएगा चालान

Delhi Meerut Expressway दिल्ली- मेरठ एक्सप्रेस वे परियोजना के अंतर्गत नवनिर्मित मार्गों पर एएनपीआर (आटोमैटिक नंबर प्लेट रीडर) कैमरे लगाए गए हैं जिनके जरिए आपके वाहन का नंबर कैमरे में कैद हो जाएगा और मोबाइल पर एक मैसेज के साथ ई-चालान आपके पते पर स्पीड पोस्ट के जरिए पहुंच जाएगा।

Jp YadavFri, 30 Jul 2021 01:30 PM (IST)
Delhi Meerut Expressway: दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर भारी पड़ेगा नियम तोड़ना, सीधे घर पहुंचेगा चालान

नई दिल्ली/हापुड़ [संजीव वर्मा]। अब एक्सप्रेस वे पर यातायात नियमों की अनदेखी करना दोपहिया या फोरव्हीलर चालक को भारी पड़ेगा। बेशक आप को एक्सप्रेस वे पर एक भी यातायात पुलिस का जवान खड़ा नहीं दिखाई दे, लेकिन यदि आप ने यातायात नियमों का उल्लंघन किया तो जुर्माना आप से वसूला जाएगा। दिल्ली- मेरठ एक्सप्रेस वे परियोजना के अंतर्गत नवनिर्मित मार्गों पर एएनपीआर (आटोमैटिक नंबर प्लेट रीडर) कैमरे लगाए गए हैं, जिनके जरिए आपके वाहन का नंबर कैमरे में कैद हो जाएगा और मोबाइल पर एक मैसेज के साथ ई-चालान आपके पते पर स्पीड पोस्ट के जरिए पहुंच जाएगा। चालान का भुगतान नहीं करने पर वाहन चालक के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया के अंतर्गत कार्रवाई सुनिश्चित होगी।

दरअसल, सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के मकसद से भारत सरकार और प्रदेश सरकार ने यातायात नियमों में बड़ा फेरबदल किया था, जिसमें कुछ सख्त कानून भी बनाए गए हैं। वहीं वाहनों की गति पर नियंत्रण रखने और यातायात नियमों को पालन कराने के लिए एक्सप्रेस वे और हाईवे पर आधुनिक तकनीकि से लैस कैमरे लगाए गए हैं। इसी क्रम में दिल्ली- मेरठ एक्सप्रेस वे परियोजना के अंतर्गत चारों भागों में लगभग दो सौ एएनपीआर कैमरे लगाए गए हैं। प्रत्येक दो किमी पर एक कैमरा लगाया गया है, जिसका कंट्रोल छिजारसी टोल प्लाजा में बनाया गया है। कंट्रोल रुम में आठ-आठ घंटे की कर्मी की ड्यूटी निर्धारित की गई है, जिसके द्वारा प्रत्येक वाहन पर नजर रखी जा रही है।

ऐसे कटेगा ई-चालान

एएनपीआर कैमरा वाहन की नंबर प्लेट को खुद रीड कर लेगा। कैमरे की नजर फोरव्हीलर वाहन में ड्राइ¨वग सीट तक रहेगी। चालक ने सीट बेल्ट लगा रखी या नहीं, मोबाइल फोन पर बात तो नहीं कर रहा है यह कैमरे में कैद हो जाएगा। ऐसे दोपहिया वाहन चालक कैमरे में कैद होंगे। हेलमेट नहीं लगा रखा है। टिपल सवारी है। निर्धारित स्पीड से तेज तो बाइक नहीं दौड़ रही है। मसलन किसी भी तरह के यातायात नियमों का उल्लंघन होने पर कंट्रोल रुम में मौजूद कर्मी वाहन चालक के रजिस्टर्ड मोबाइल फोन नंबर एक मैसेज भेजेगा। इसके बाद यातायात पुलिस के माध्यम से ई-चालान वाहन के रजिस्टर्ड पते पर स्पीड पोस्ट के जरिए भेज दिया जाएगा।

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गति को परखने के लगे स्पीडोमीटर

दरअसल, लंबे-चौड़े और खाली रोड को देखकर वाहन चालक कंट्रोल से बाहर वाहन को दौड़ने लगते है। इसके लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) ने गति सीमा निर्धारित की गई है। लेकिन, चालक निर्धारित गति सीमा को भूलकर वाहन को दौड़ते है। ऐसे वाहन चालकों पर काबू पाने के लिए सीसीटीवी कैमरे के साथ एक्सप्रेस वे पर स्पीडोमीटर भी लगाए गए है। जो वाहनों की गति को रीड करेंगे और निर्धारित गति से अधिक होने पर ओवरस्पीड के अंतर्गत चालान किया जाएगा।

मुदित गर्ग (उपमहाप्रबंधक, एनएचएआइ) का कहना है कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के मकसद से एक्सप्रेस-वे और हाईवे को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है, जिसमें सीसीटीवी कैमरे में भी एक पहल है। दिल्ली- मेरठ एक्सप्रेस वे परियोजना के चारों भागों में एएनपीआर कैमरे लगाए गए हैं, जिनके आधार पर यातायात नियमों की अनदेखी करने वाले छोटे-बड़े वाहनों के चालान करके चालकों को भेजे जा रहे हैं। संभावना है कि इससे लोग यातायात नियमों के प्रति जागरूक होंगे और हादसों में कमी आएगी। 

रोजाना गुजरते हैं डेढ़ लाख से अधिक वाहन

आंकलन के मुताबिक डासना से हापुड़ बाईपास तक नवनिर्मित एक्सप्रेस वे पर प्रतिदिन डेढ़ लाख से अधिक वाहन गुजरते हैं। छिजारसी टोल प्लाजा के आंकड़ों की मानें तो लगभग पचास हजार वाहन टोल की श्रेणी में आते हैं। स्थानीय के साथ दूरदराज स्थानों वाली लगभग एक लाख बाइक, स्कूटी शामिल हैं।

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