जैसी उम्मीद थी वैसा जवाब मिलने से खुशी हुई : सुधा चंद्रन

Actress Sudha Chandran सुधा चंद्रन का कहना है कि मैं एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते यह मानती हूं कि देश की सुरक्षा सर्वोपरि है। ऐसे में एयरपोर्ट पर जांच से मुझे कोई परेशानी नहीं है लेकिन दिव्यांगजनों की जांच करते समय संवेदनशीलता बरती जानी चाहिए।

Jp YadavSat, 23 Oct 2021 11:10 AM (IST)
बालीवुड एक्ट्रेस सुधा चंद्रन ने पीएम मोदी से किया है एक अनुरोध, पढ़िये- पूरा मामला

नई दिल्ली [सौरभ श्रीवास्तव]। बालीवुड और टेलीविजन जगत की चर्चित एक्ट्रेस सुधा चंद्रन इन दिनों खूब चर्चा में हैं, लेकिन अपने अभिनय की वजह से नहीं, बल्कि इसकी वजह कोई और है। दरअसल, एक्ट्रेस सुधा चंद्रन ने पिछले दिनों अपने इंटरनेट मीडिया हैंडल से एक वीडियो शेयर किया था। इसमें उन्होंने दिल्ली एयरपोर्ट पर होने वाली कुछ समस्याओं का जिक्र किया था। वीडियो के जरिये उन्होंने संबंधित एयरपोर्ट के अधिकारियों को जानकारी दी थी कि किसी शूटिंग या शो में शामिल होने जाने दौरान एयरपोर्ट पर बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सुधा चंद्रन ने इस बाबत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीनियर सिटीजन कार्ड मुहैया कराने की मांग भी की थी। सुधा चंद्रन का यह वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल इस मामले को संज्ञान में लेते हुए सीआइएसएफ ने मांफी मांग ली है। इसके साथ उन्हें आश्वस्त किया गया है कि आगे वो ध्यान रखेंगे कि उन्हें यात्रा के दौरान ऐसी परेशानी का सामना ना करना पड़े।

इस पूरे मामले को लेकर सुधा चंद्रन (अभिनेत्री व नृत्यांगना) ने दैनिक जागरण से विशेष बातचीत में कहा कि मैंने जो सवाल उठाया था, वो महिलाओं और दिव्यांगों की प्रतिष्ठा से जुड़ा हुआ था। मुझे इस बात की बेहद खुशी है कि मुझे अपने देश से जो उम्मीद थी, मुझे मेरी बात कहने पर उसी के अनुरूप प्रत्युत्तर मिला। न सिर्फ केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआइएसएफ) ने तुरंत मेरी बात का जवाब दिया और मुझे भविष्य के लिए आश्वस्त किया, बल्कि केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी मुझे मैसेज भेजकर कहा कि भविष्य में ऐसी स्थिति का सामना नहीं करना पड़ेगा।

सुधा चंद्रन का साफ कहना है कि मैं एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते यह मानती हूं कि देश की सुरक्षा सर्वोपरि है। ऐसे में एयरपोर्ट पर जांच से मुझे कोई परेशानी नहीं है, लेकिन दिव्यांगजनों की जांच करते समय संवेदनशीलता बरती जानी चाहिए। कृत्रिम अंग उतरवाकर जांच करने के बजाय जांच के लिए स्कैनर या अन्य प्रकार के जांच उपकरणों का इस्तेमाल किया जाए तो दिव्यांगों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। साथ ही उनकी जांच के लिए एक अलग काउंटर भी बनाया जा सकता है। मैंने केंद्र सरकार से यह भी अनुरोध किया है कि दिव्यांग जनों को पहचान पत्र दिया जाए, ताकि उन्हें कहीं आने-जाने में असुविधा का सामना न करना पड़े।

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