भाजपा ने कहा, गरीबों को राशन देने के नाम पर आप सरकार ने किया 250 करोड़ का घोटाला. पढ़िए अन्य आरोप

राजधानी में गरीबों के लिए खरीदे गए हजारों टन अनाज के सड़ने का मामला अब तूल पकड़ने लगा है। इसे लेकर 250 करोड़ रुपये के राशन घोटाले का आरोप झेल रही आम आदमी पार्टी सरकार पर अब शराब माफिया के इशारे पर यह अनाज सड़ाने का गंभीर आरोप लगा है।

Vinay Kumar TiwariTue, 15 Jun 2021 03:10 PM (IST)
दिल्ली में गरीबों के लिए खरीदा गया हजारों टन अनाज सरकारी स्कूलों में पड़े-पड़े सड़ गया,

नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। राजधानी में गरीबों के लिए खरीदे गए हजारों टन अनाज के सड़ने का मामला अब तूल पकड़ने लगा है। इसे लेकर 250 करोड़ रुपये के राशन घोटाले का आरोप झेल रही आम आदमी पार्टी सरकार पर अब शराब माफिया के इशारे पर यह अनाज सड़ाने का गंभीर आरोप लगा है। इसके साथ ही मामले को सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन भी बताया जा रहा है। इसे लेकर उपराज्यपाल से केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआइ) को जांच सौंपने की मांग की जा रही है।

दिल्ली विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष और भाजपा विधायक रामवीर सिंह बिधूड़ी ने रविवार को कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है, जिसकी जांच होनी चाहिए। भाजपा के इस सनसनीखेज आरोप पर आप से प्रतिक्रिया लेने का प्रयास किया गया, लेकिन पार्टी ने इस पर कोई जवाब नहीं दिया। बिधूड़ी के नेतृत्व में भाजपा विधायकों, जिला भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने सिरसपुर के दिल्ली राज्य नागरिक आपूर्ति निगम (डीएससीएससी) के गोदाम के बाहर रविवार को प्रदर्शन किया, जहां सैकड़ों टन सड़ा हुआ अनाज पड़ा है। रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि कोरोना काल में हुए सैकड़ों टन राशन के घोटाले के लिए दिल्ली की सरकार ही दोषी है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी केजरीवाल सरकार ने गरीबों तक राशन नहीं पहुंचाया। बिधूड़ी का दावा है कि उन्हें दिल्ली सरकार के एक बड़े अफसर ने बताया है कि इस राशन का इस्तेमाल अब शराब बनाने के अलावा और किसी काम में नहीं हो सकता। बिधूड़ी का आरोप है कि राशन माफिया के इशारे पर ही दिल्ली सरकार ने गरीबों को बांटने के नाम पर राशन खरीदा और फिर स्कूलों में रखवाकर इसे सड़ा दिया, ताकि इसे शराब माफिया को देकर मोटी रकम वसूली जा सके। आवारा जानवरों को भी नहीं खिलाया जा सकता सड़ा अनाज:बिधूड़ी ने कहा कि अब यह अनाज जानवरों को भी नहीं खिलाया जा सकता। उपराज्यपाल से मांग है कि मामले की जांच सीबीआइ से करवाई जाए। अनाज सड़ने का ताजा मामला उत्तर-पश्चिमी दिल्ली जिले का है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली के स्कूलों में एक वर्ष से सड़ रहे सैकड़ों टन अनाज का मुद्दा जब भाजपा सांसदों व विधायकों ने उपराज्यपाल के समक्ष उठाया तो केजरीवाल सरकार ने मामले को रफा-दफा करने के लिए वहां से राशन उठाकर गोदाम में रखवा दिया। ऐसे सामने आया मामला पिछले लाकडाउन के दौरान बिना राशन कार्ड वाले गरीब परिवारों को बांटने के लिए दिल्ली सरकार ने राशन की खरीदारी की थी। भाजपा का दावा है कि यह 250 करोड़ रुपये से दिल्ली सरकार ने हजारों टन राशन की खरीदारी की थी, लेकिन यह राशन गरीबों में नहीं बांटा गया और स्कूलों में पड़े-पड़े सड़ गया। दरअसल, 28 मई को वसंत कुंज वार्ड के मसूदपुर स्थित निगम स्कूल में सबसे पहले सैकड़ों टन अनाज सड़ने का मामला सामने आया था।

दैनिक जागरण ने इसे प्रमुखता से प्रकाशित किया और ऐसे ही कई अन्य स्कूलों में भी अनाज की बर्बादी की आशंका जताई थी। इसके बाद भाजपा नेताओं ने स्कूलों का दौरा शुरू किया तो अनाज की बर्बादी की परतें खुलती चली गई। दक्षिणी दिल्ली के खानपुर, बदरपुर, महरौली, मोलड़बंद, श्रीनिवासपुरी, कालकाजी व गोविंदपुरी आदि इलाकों के स्कूलों में हजारों टन सड़ा हुआ अनाज मिला। वहीं, पूर्वी दिल्ली के घोंडा विधानसभा के तीन स्कूलों के अलावा बाहरी दिल्ली में भी अनाज सड़ने का मामला सामने आ चुका है। सांसद रमेश बिधूड़ी का दावा है कि अब तक करीब 20 हजार टन सड़ा हुआ अनाज स्कूलों में मिल चुका है।

उपराज्यपाल दे चुके हैं मुख्य सचिव को जांच के आदेश स्कूलों में जब जगह-जगह सड़ा हुआ अनाज मिला तो राजनीतिक दल भी इसे लेकर मुखर होने लगे। इसके बाद दिल्ली भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और रोहिणी के विधायक विजेंद्र गुप्ता ने इस मामले की शिकायत उपराज्यपाल अनिल बैजल से की थी। इस पर नौ जून को बैजल ने अनाज की बर्बादी पर कार्रवाई करने के लिए दिल्ली के मुख्य सचिव को आदेश दिए थे।

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