तूल पकड़ा भाजपा नेता पर हमले का मामला, कृषि कानून विरोधियों के खिलाफ FIR; अशोक गहलोत ने की बात

हरियाणा-राजस्थान की सीमा पर भाजपा नेता प्रेम सिंह बाजौर पर हुए हमले का मामला तूल पकड़ गया है। सोमवार को बाजौर सहित राजस्थान भाजपा के कई नेताओं ने रेवाड़ी पहुंचकर एसपी कार्यालय में शिकायत दी। बाजौर के साथ हुई घटना पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी चिंता जताई है।

Mangal YadavMon, 26 Jul 2021 10:14 PM (IST)
रेवाड़ी में जुटे राजस्थान भाजपा के कई नेता

नई दिल्ली/रेवाड़ी, जागरण संवाददाता। रविवार की शाम जयपुर से दिल्ली जाते समय अलवर जिले के शाहजहांपुर बार्डर (हरियाणा-राजस्थान की सीमा) पर भाजपा नेता प्रेम सिंह बाजौर पर हुए हमले का मामला तूल पकड़ गया है। सोमवार को बाजौर सहित राजस्थान भाजपा के कई नेताओं ने रेवाड़ी पहुंचकर एसपी कार्यालय में शिकायत दी। रेवाड़ी पुलिस ने जीरो एफआइआर दर्ज करके इसे अलवर जिले की शाहजहांपुर पुलिस को अग्रसारित कर दिया। राजस्थान सैनिक कल्याण बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष रह चुके नीमकाथाना के पूर्व विधायक बाजौर पर हमले के बाद भाजपा आक्रामक व कृषि कानूनों का विरोध कर रहे आंदोलनकारी बचाव की मुद्रा में है।

सोमवार को बाजौर अपने साथी किशनगढ़ के पूर्व विधायक रामहेत यादव व तिजारा के पूर्व विधायक मामचंद यादव और कुछ पार्टी पदाधिकारियों के साथ बिना अधिक तामझाम के एसपी कार्यालय पहुंचे, मगर बाजौर के रेवाड़ी पहुंचने की सूचना के बाद अलवर जिले के कई भाजपा नेता रेवाड़ी पहुंच गए। इनमें मुंडावर से विधायक मंजीत धर्मपाल चौधरी व अलवर के विधायक संजय शर्मा सहित कई पदाधिकारी भी थे। सभी ने घटना की कड़ी निंदा की। हमले में प्रेमसिंह के अलावा उनके पीए व चालक को भी चोटें आई थी। इधर, राजस्थान में भी कुछ स्थानों पर भाजपा नेताओं ने विरोध जताया। किसी नेता ने उच्चाधिकारियों से बात की तो किसी ने स्थानीय स्तर पर अपनी नाराजगी जताई।  

क्या है बाजौर की शिकायत

पुलिस अधीक्षक को दी शिकायत में बाजौर ने कहा है कि वह रविवार को अपने साथियों के साथ दिल्ली आ रहे थे। किसानों के धरने की आड़ में बैठे कुछ असामाजिक तत्वों व बदमाशों ने बेरिकेड लगा कर उनकी गाड़ी रोक ली तथा नारेबाजी शुरू की दी। अचानक कुछ लोगों ने सरियों, लाठी व डंडों से उनकी गाड़ी पर हमला बोल दिया और गाड़ी में तोड़फोड़ कर दी। हमलावरों ने गला पकड़ कर उन्हें नीचे उतार दिया। कपड़े फाड़ दिए। हमलावर कमीज उतार ले गए, जिसकी जेब में करीब आठ हजार रुपये व जरूरी दस्तावेज थे। उनके साथी मनीष ने हमलावरों में शामिल सीकर के गांव खंडेला निवासी सुरेंद्र खोखर को पहचान लिया। हमलावर उन्हें जान से मारना चाहते थे।

रेवाड़ी में क्यों दर्ज करवाई एफआइआर

बाजौर के साथ हुई घटना अलवर जिले की सीमा की है। कानून में एफआइआर किसी भी थाने में दर्ज करवाने का प्रविधान है। भाजपाइयों को यह संदेह था कि राजस्थान की कांग्रेस सरकार उनके साथ न्याय नहीं करेगी। इसी कारण उन्होंने रेवाड़ी आकर शिकायत दी। शिकायत की जांच अब शाहजहांपुर थाना पुलिस को ही करनी है।

मुख्यमंत्री गहलोत ने की बाजौर से बात

बाजौर के साथ हुई घटना पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी चिंता जताई है। दैनिक जागरण से बातचीत में बाजौर ने कहा कि गहलोत ने उन्हें हमलावरों को नहीं छोड़ने का आश्वासन दिया है। बाजौर ने कहा कि हमलावरों में कुछ नाबालिग भी थे। उन्हें सच्चे किसानों से दिक्कत नहीं है, मगर किसानों की आड़ में अराजकता फैलाने वाले उपद्रवियों पर कानून का शिकंजा कसना ही चाहिए।

 

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