दिल्ली के प्रदूषण पर लगेगी लगाम, कंस्ट्रक्शन साइटों पर तैनात की गई एंटी स्मॉग गन

दिल्ली में तैनात की गई एंटी स्मोग गन
Publish Date:Sun, 25 Oct 2020 02:12 PM (IST) Author: Neel Rajput

नई दिल्ली, जेएनएन। ठंड की आहट के साथ दिल्ली एनसीआर में वायु प्रदूषण की आहट भी सुनाई देने लगी है। इसे ध्यान में रखते हुए दिल्ली में विभिन्न कंस्ट्रक्शन साइटों पर एंटी-स्मॉग गन (Anti Smog Guns) स्थापित किए गए हैं। बता दें कि कुछ समय पहले प्रदेश के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा था कि कंस्ट्रक्शन साइटों पर एंटी स्मॉग गन लगाना आवश्यक है और ऐसा नहीं करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया था कि सर्दी के मौसम में वायु प्रदूषण बढ़ जाता है। ऐसे में 39 बड़े निर्माण स्थलों की पहचान की गई है। इन स्थलों पर एंटी-स्मॉग गन तैनात करने के निर्देश दिए गए थे।

साथ ही उन्होंने यह भी बताया था कि प्रदूषण फैलाने वाली कंस्ट्रक्शन साइटों पर एंटी स्मॉग गन लगाना जरुरी है। इसका खर्च भी कंस्ट्रक्शन साइट को ही वहन करना होगा और जिन साइटों पर ऐसा नहीं होगा उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

दिल्ली-एनसीआर की हवा बेहद खराब

दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के कारण स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। लगातार दूसरे दिन शनिवार को भी एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआइ) 300 से अधिक बना रहा। यानी हवा बहुत खराब स्थिति में बरकरार है। दिल्ली-एनसीआर के सभी इलाकों में सुबह के वक्त हवा दमघोंटू बनी रही। रविवार को भी राहत के आसार नहीं हैं। केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्रलय के अधीन आने वाली वायु गुणवत्ता निगरानी संस्था सफर इंडिया ने लोगों को सुबह-शाम बेवजह घर से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी है।

हवा की गति कम होने से बने हैं ऐसे हालात

दिल्ली-एनसीआर में शुक्रवार के मुकाबले प्रदूषण के स्तर में मामूली सुधार होने के बावजूद हालात खतरनाक बने हुए हैं। सभी जगह पूरे दिन एक्यूआइ 300 से अधिक बना रहा। दिल्ली में एक्यूआइ 345 दर्ज किया गया, जो शुक्रवार को 366 था। हालांकि, मुंडका, आनंद विहार व विवेक विहार में हवा की गुणवत्ता खतरनाक स्थिति में रही। वहीं, गाजियाबाद और फरीदाबाद में शुक्रवार के मुकाबले हवा ज्यादा खराब रही। उत्तर-पश्चिमी हवा की गति 10 किमी प्रति घंटे से कम होने के कारण स्मॉग छाया रहा।

धारूहेड़ा में 416 पर पहुंचा एक्यूआइ

हरियाणा के रेवाड़ी के धारूहेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में एक्यूआइ 416 पर पहुंच गया। पिछले साल तीन नवंबर को यहां का एक्यूआइ 436 था, लेकिन इस साल अक्टूबर में ही यह 400 को पार कर गया।

पड़ोसी राज्यों में 1,292 जगहों पर पराली जलाने की घटनाएं

तमाम सख्ती के बावजूद पराली जलाने की घटनाएं थम नहीं रही हैं। सफर इंडिया के अनुसार, हरियाणा, पंजाब व दिल्ली के आसपास के इलाकों में शुक्रवार को 1,292 जगहों पर पराली जलाने की घटनाएं हुईं। हालांकि, हवा की गति कम होने के कारण दिल्ली में उसका ज्यादा असर नहीं दिखा।

तीन वर्ष में इस बार सबसे अधिक पराली जलाई गई

केंद्र और राज्य सरकारों के तमाम प्रयासों एवं राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोपों के बावजूद पंजाब-हरियाणा में पराली जलाने के मामले साल-दर-साल बढ़ते ही जा रहे हैं। आलम यह है कि तीन साल के दौरान इस बार सबसे ज्यादा पराली जली है। 2018 और 2019 के मामलों पर गौर करें तो इस साल पराली जलाने की घटनाएं दोगुनी से भी ज्यादा हो गई हैं।’पेज 5

कल मामूली सुधार की संभावना

सफर इंडिया के अनुसार, 25-26 अक्टूबर को दिल्ली-एनसीआर में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब स्थिति में बनी रहेगी। 26 अक्टूबर को एक्यूआइ में मामूली सुधार हो सकता है, लेकिन यह 300 से अधिक ही रहने की संभावना है।

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