जोखिम देशों की श्रेणी से लगातार आ रहे यात्री, एयरपोर्ट पर यात्रियों की तादाद बढ़ने से परेशानी

रैपिड जांच के लिए आगमन क्षेत्र में अब मशीनों की संख्या बढ़ाई गई है। जांच में जुटे कर्मियों की संख्या भी अब पहले के मुकबले अधिक है। लेकिन संसाधनों के बढ़ने का असर अभी भी उम्मीद के मुकाबले कम ही हैं।

Prateek KumarTue, 07 Dec 2021 09:06 PM (IST)
मंगलवार तड़के से दिन में तीन बजे तक करीब 1300 यात्री इन देशों से पहुंच चुके।

नई दिल्ली [गौतम कुमार मिश्रा]। एक दिसंबर से जारी नए दिशा निर्देशों के बीच इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर अभी तक जोखिम श्रेणी के देशों से करीब 16 हजार यात्री पहुंच चुके हैं। संख्या पर गौर करें तो ओमिक्रोन के खतरे के बाद से इन देशों से भारत आने वाले यात्रियों की तादाद लगातार बढ़ ही रही है। मंगलवार तड़के से दिन में तीन बजे तक करीब 1300 यात्री इन देशों से पहुंच चुके थे। ये यात्री आठ अलग अलग विमानों से यहां पहुंचे।

लगातार बढ़ रही यात्रियों की संख्या

विमान व यात्रियों की तादाद में बढ़ोतरी का सिलसिला दोपहर बाद भी जारी रहा। इससे ठीक एक दिन पहले सोमवार को 14 अलग अलग विमानों से करीब 2700 यात्री एयरपोर्ट पर इन देशों से पहुंचे। यात्रियों की लगातार बढ़ रही तादाद को देखते हुए एयरपोर्ट पर सुविधाओं के विस्तार की आगे और जरूरत पड़ सकती है। फिलहाल बढ़ी हुई सुविधाओं के बीच यात्रियों की शिकायतें पहले के मुकाबले कम तो हुई है लेकिन पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। तमाम बातों को देखते हुए ही केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने डायल सहित अन्य एजेंसियों के साथ बैठक कर सुविधाओं के विस्तार के निर्देश सोमवार को दिए थे। इसके बाद एयरपोर्ट की व्यवस्था के लिए एकीकृत प्रयास किया जा रहा है।

रैपिड जांच के लिए बढ़ी मशीनें

रैपिड जांच के लिए आगमन क्षेत्र में अब मशीनों की संख्या बढ़ाई गई है। जांच में जुटे कर्मियों की संख्या भी अब पहले के मुकबले अधिक है। लेकिन, संसाधनों के बढ़ने का असर अभी भी उम्मीद के मुकाबले कम ही हैं। यात्रियों की शिकायत थी कि रैपिड जांच के नतीजों के इंतजार में अभी-अभी करीब डेढ़ से दो घंटे का वक्त लग रहा है। यात्रियों का कहना है कि अभी जांच के नतीजों के लिए इंतजार का वक्त और भी कम करने की जरूरत है ताकि टर्मिनल के भीतर भीड़ ज्यादा न हो और शारीरिक दूरी कायम रखा जा सके।

यात्री बयां कर रहे परेशानी

विदेश से आ रहे यात्रियों में से कइयों की परेशानी का कारण उनके पास भारतीय सिम का नहीं होना है। एयरपोर्ट पर नेटवर्क के लिए वे यहां उपलब्ध कराई जाने वाली मुफ्त वाइफाइ सेवा के भरोसे रहते हैं। लेकिन यात्रियों की शिकायत है कि टर्मिनल पर भारतीय सिम को तो इस सुविधा से आसानी से जोड़ लिया जाता है लेकिन समस्या विदेशी सिम में देखने को मिलती है। इसे एयरपोर्ट की वाइफाइ सेवा से जुड़ने में दिक्कत होती है। मोबाइल नेटवर्क के बिना कई यात्रियों को रैपिड पीसीआर के आनलाइन भुगतान या कोई सामान खरीदने के दौरान करना पड़ता है। जिनके पास नकदी होती है वे तो अपना काम चला लेते हैं लेकिन जो आनलाइन भुगतान करते हैं, उन्हें काफी दिक्कत होती है। यात्री इस बाबत ट्विटर पर भी शिकायत दर्ज करा रहे हैं। एक यात्री ने परेशानी बयां करते हुए कहा कि रैपिड जांच के लिए आनलाइन बुकिंग की प्रक्रिया के दौरान एयरपोर्ट की वेबसाइट काम नहीं करती है।

दिल्ली पुलिस भी सतर्क

एयरपोर्ट के भीतर कहीं कोई अव्यवस्था नहीं हो, इसे लेकर दिल्ली पुलिस भी सतर्क है। सब इंस्पेक्टर रैंक का एक पुलिस अधिकारी पुलिसकर्मियों के दल का नेतृत्व कर पूरे एयरपोर्ट पर नजर रख रहा है। इनकी जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना है कि कहीं किसी कार्य में किसी किस्म का ऐसा व्यवधान नहीं हो, जिसका असर एयरपोर्ट की सेवाओं पर पड़े। तीन सब इंस्पेक्टरों की डयूटी इस कार्य के लिए लगाई गई है।

जोखिम श्रेणी में शामिल देश

पूरा यूरोप, (ब्रिटेन सहित)

दक्षिण अफ्रीका

ब्राजील

बोत्सवाना

चीन

मारिशस

न्यूजीलैंड

जिम्बाब्वे

सिंगापुर

हांगकांग

इजरायल

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

Tags
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.