अफगानिस्तान में पढ़ाया जाएगा दिल्ली का हैप्पीनेस पाठ्यक्रम, दूर होगा बच्चों का तनाव

नई दिल्ली, जेएनएन। बच्चों को तनाव से दूर रखने के लिए अफगानिस्तान भी दिल्ली सरकार द्वारा तैयार किए गए हैप्पीनेस पाठ्यक्रम को अपनाएगा। यह देश जहां अपनी शिक्षा प्रणाली में सुधार के लिए प्रयासरत है, वहीं वह समग्र शिक्षा पर भी ध्यान केंद्रित कर रहा है।

दिल्ली सरकार की ओर से शिक्षा और कौशल पर आयोजित एशियाई शिखर सम्मेलन में भाग लेने आए अफगानिस्तान के कार्यकारी शिक्षा मंत्री मोहम्मद मीरवाइज बाल्की ने बताया कि वह इस पाठ्यक्रम से काफी प्रभावित हैं। उन्होंने कहा कि चूंकि हम एक ही क्षेत्र में रहते हैं इसलिए बच्चों पर पड़ने वाला तनाव भी एक जैसा है। लेकिन अफगानिस्तान की स्थिति को देखते हुए यह तनाव भारत से अधिक है।

उन्होंने कहा कि एक संघर्ष क्षेत्र होने के चलते उनके देश के बच्चे बड़े मानसिक आघात से गुजरते हैं। कभी-कभी तो युद्ध जैसी स्थिति के चलते एक बच्चे में बूढ़े के बराबर तनाव होता है। ऐसी स्थिति में इस तरह का पाठ्यक्रम हमारे बच्चों के दिमाग में शांति ला सकता है, जिससे कि वे अच्छे माहौल में सीख सकें।

बता दें कि इस वर्ष जुलाई से दिल्ली सरकार के स्कूलों में हैप्पीनेस पाठ्यक्रम की शुरुआत की गई थी। नर्सरी से कक्षा आठ तक लागू किए गए इस पाठ्यक्रम में 45 मिनट की कक्षा होती है, जिसमें विद्यार्थी ध्यान, मौलिक शिक्षा और मानसिक अभ्यास करते हैं। क्रियाकलापों पर आधारित इस पाठ्यक्रम को दिल्ली सरकार के 40 शिक्षकों, शिक्षाविदों और स्वयंसेवियों द्वारा तैयार किया गया है। खास बात यह है कि इसमें किसी प्रकार की परीक्षा नहीं होगी।

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