भाग्य ने नहीं दिया आम आदमी पार्टी का साथ, कांग्रेस ने तलाशी खोई जमीन

तीसरे सदस्य के लिए कांग्रेस के प्रत्याशी सुरेश कुमार और आप प्रत्याशी प्रवीण कुमार के बीच कड़ा मुकाबला हुआ। दोनों को 23-23 वोट प्राप्त हुए। इसके बाद पर्ची डालकर चुनाव कराया गया। जिसमें भाग्य ने कांग्रेस प्रत्याशी सुरेश कुमार के सिर जीत का सेहरा बांध दिया।

Prateek KumarThu, 17 Jun 2021 09:37 AM (IST)
निगम में बहुमत होने के चलते तीन सदस्यों के चुनाव में भाजपा के दो प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की।

नई दिल्ली, निहाल सिंह। दक्षिणी निगम की स्थायी समिति के सदस्य पद के लिए हुए चुनाव में रोमांचक मुकाबला देखने को मिला। इस दौरान प्रदेश के सत्तारूढ़ दल आम आदमी पार्टी (आप) के प्रत्याशी का भाग्य ने साथ नहीं दिया और प्रदेश में अपनी खोई जमीन तलाश रही कांग्रेस के प्रत्याशी ने बाजी मार ली। दरअसल, निगम में बहुमत होने के चलते तीन सदस्यों के चुनाव में भाजपा के दो प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की, लेकिन तीसरे सदस्य के लिए कांग्रेस के प्रत्याशी सुरेश कुमार और आप प्रत्याशी प्रवीण कुमार के बीच कड़ा मुकाबला हुआ। दोनों को 23-23 वोट प्राप्त हुए। इसके बाद पर्ची डालकर चुनाव कराया गया। जिसमें भाग्य ने कांग्रेस प्रत्याशी सुरेश कुमार के सिर जीत का सेहरा बांध दिया।

यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस ने आप प्रत्याशी को हराया है। पांच बार के चुनाव में तीन बार कांग्रेस प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की है। वर्ष 2017 में अभिषेक दत्त स्थायी समिति के सदस्य निर्वाचित हुए थे, लेकिन 2018 में उन्हें एक वोट से हार का सामना करना पड़ा था। इसी तरह वर्ष 2019 में कांग्रेस पार्षद वेदपाल स्थायी समिति के सदस्य पद पर काबिज हुए थे और अब सुरेश कुमार ने जीत दर्ज की हैं। बता दें कि स्थायी समिति के सदस्य का पद काफी महत्वपूर्ण होता है। समिति की ओर से ही नीतिगत फैसले लिए जाते हैं, इसके बाद उन्हें सदन के समक्ष रखा जा ता है।

रोमन संख्या में वोटिंग को लेकर हुआ विवाद

स्थायी समिति के सदस्य का चुनाव में प्राथमिकता के आधार पर वोटिंग की जाती है। इसमें सदन की बैठक के दौरान निगम पार्षद जिन सदस्यों को निर्वाचित करना चाहते हैं बैलेट पेपर पर उनके नाम के सामने अंकों के आधार पर प्राथमिकता बताते हैं। सदन की बैठक में विवाद तब हो गया जब तीन बैलेट पेपर पर रोमन में अंक लिखे हुए मिले। रोमन में अंक लिखे होने की वजह से आप ने उन मतों को रद करने की मांग की है। लेकिन, जब कांग्रेस दल के नेता अभिषेक दत्त ने कोर्ट जाने की बात कही और सदन के नियमों को पढ़ने की मांग की तो उन चुनाव अधिकारी ने मतों को वैध मान लिया गया।

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