Punjab Election 2022: अकाली दल के बाद कांग्रेस के नए दांव से AAP देख रही अपना नफा-नुकसान

कांग्रेस की ओर से किस के पंजाब में मुख्यमंत्री बनाए जाने पर वहां की राजनीति पर कितना असर पड़ेगा। मुख्यमंत्री बनने वाला किस बिरादरी का होगा। मगर अब कांग्रेस ने पंजाब में दलित चेहरे को आगे बढ़ाकर मुख्यमंत्री बना दिया है।

Jp YadavMon, 20 Sep 2021 06:55 AM (IST)
Punjab Election 2022: अकाली दल के बाद कांग्रेस के नए दांव से 'AAP' देख रही अपना नफा-नुकसान

नई दिल्ली, जागरण डिजिटल डेस्क। पंजाब विधानसभा चुनाव 2022 को लेकर एक साल पहले ही राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। अप्रैल महीने से कांग्रेस में उठा तूफान कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस्तीफे के साथ ही थमता हुआ नजर आ रहा है, ऐसा तत्काल तो नहीं कहा जा सकता है। बताया जा रहा है कि  पंजाब की चमकौर साहिब सीट से कांग्रेस के विधायक चरणजीत सिंह चन्नी को मुख्यमंत्री बनाकर कांग्रेस उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 पर भी निशाना साध चुकी है।

24 घंटे तक नजर बनाए रही आम आदमी पार्टी

दरअसल,  पंजाब में राजनीतिक हालात कांग्रेस के अंदर बदले हैं। कांग्रेस ने अपना मुख्यमंत्री बदल दिया है। अब चरणजीत सिंह चन्नी पंजाब के नए मुख्यमंत्री होंगे। ऐसे में इसका नफा-नुकसान कांग्रेस को लगाना चाहिए, मगर आम आदमी पार्टी पिछले 24 घंटे से पंजाब पर नजरें गड़ाए हुए थी। AAP के दिल्ली में बैठे नेता वहां के हालात पर नजरें गड़ाए हुए थे। उनकी नजर इस पर थी कि वहां का मुख्यमंत्री कौन बन रहा है और उनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि क्या है?

वहीं, कांग्रेस की ओर से किस के पंजाब में मुख्यमंत्री बनाए जाने पर वहां की राजनीति पर कितना असर पड़ेगा। मुख्यमंत्री बनने वाला किस बिरादरी का होगा। मगर अब कांग्रेस ने पंजाब में दलित चेहरे को आगे बढ़ाकर मुख्यमंत्री बना दिया है। इससे नफा-नुकसान का आंकलन कर रही AAP को अब नए सिरे से सोचना पड़ेगा। क्योंकि आम आदमी पार्टी भी पंजाब की सत्ता में आने के लिए तैयारी में लगी है। इससे पहले कांग्रेस में चल रही कलह के चलते AAP को अधिक उम्मीद थी।

गौरतलब है कि पंजाब में 2017 में पहली बार विधानसभा चुनाव लड़कर आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी को कड़ी टक्कर देते हुए बेहद मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई थी। AAP पंजाब में 20 सीटों पर जीत दर्ज कर दूसरा बड़ा दल बनकर सामने आई, तो सत्तारूढ़ भाजपा और अकाली दल गठबंधन तीसरे नंबर पर खिसक गया। दरअसल, बसपा और शिअद के गठबंधन के बाद समीकरणों में बदलाव भी आया है। अब कांग्रेस द्वारा दलित मुख्यमंत्री का दांव चलने से आम आदमी पार्टी को अपनी रणनीति में बदलाव करना होगा।

आम आदमी पार्टी पहले ही इस बात का इशारा कर चुकी है कि वह पंजाब की सभी 117 सीटों पर प्रत्याशी उतारेगी। बसपा-शिअद गठबंधन पहले ही मुख्यमंत्री के चेहरों की घोषणा कर चुका है। पिछले दिनों कांग्रेस में अंतर्कलह के बाद आलाकमान ने अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में लड़े जाने की घोषणा की थी, लेकिन अब नए मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के नेतृत्व में भी कांग्रेस अगला विधानसभा चुनाव लड़ सकती है।

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