फागुन के रंगों से सराबोर हुई दिल्ली

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली : होली बृहस्पतिवार को पूरी दिल्ली में धूमधाम से मनाई गई। लोगों ने एक-दूसरे को अबीर गुलाल लगाकर शुभकामनाएं दी। देर शाम तक गली-मोहल्लों में एक-दूसरे पर रंग डालने व बचने का दौर चलता रहा। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक हर कोई फागुन के रंग में रंगा दिखा। हर तरफ हर्षोल्लास रहा। कई इलाकों में तो शाम तक होली खेलने का दौर चलता रहा।

होली पर सुबह से ही उल्लास दिख रहा था। बच्चों ने बाल्टियों में रंग भरकर छत पर रख लिया था और वहां से गली में लोगों पर फेंक रहे थे। वहीं, गली-मोहल्लों से निकलने वालों पर गुब्बारे फेंकने का दौर भी खूब चला। लोगों ने एक दूसरे के घर जाकर भी अबीर गुलाल लगा गले मिलकर होली की शुभकामनाएं दी। वहीं, कुछ जगहों पर पुराने गिले शिकवे मिटाकर लोगों ने रिश्ते पर होली का गाढ़ा रंग डाला। बच्चों ने भी बड़ों को गुलाल लगा उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया। ढोल व नाच-गाने का लोगों ने लिया आनंद

होली के अवसर पर जगह-जगह लोगों ने ढोल व संगीत कार्यक्रमों का आयोजन किया था। इस दौरान ढोल की थाप के साथ संगीत की धुनों पर लोग जमकर थिरके। इस दौरान होली के गीतों में रंग बरसे, होली के दिन सब मिल जाते हैं आदि गीतों के साथ कुछ नए गीतों पर भी लोग जमकर झूमे। इस दौरान विभिन्न आरडब्ल्यूए समितियों की ओर से क्षेत्रीय स्तर पर खानपान की भी व्यवस्था की गई थी। रंगों से पटी दिखीं गलियां

कई इलाकों में शाम तक होली खेली गई। गली मोहल्लों में देर तक रंग लगाने और उससे बचने का दौर चलता रहा। बच्चों ने हर आने-जाने वाले के कपड़ों के रंग बदल दिए। जगह-जगह पर बच्चे आने-जाने वालों पर रंग भरे गुब्बारे मार रहे थे। वहीं, घरों के छज्जों से बड़े भी पानी की बाल्टियां डालने से नहीं चूक रहे थे। ऐसे में नई व पुरानी दिल्ली की हर गली शाम को रंगों से पटी दिखी। गुझिया व दही भल्ले का लोगों ने चखा स्वाद

फागुन के रंगों में रंगने के दौरान लोगों ने एक दूसरे के घर जाकर दही भल्ले, गुझिया, कचरी, कोल्ड ड्रिक समेत अन्य का स्वाद चखा। लोग एक दूसरे को गुझिया खिलाकर होली की शुभकामनाएं दे रहे थे। वहीं, चाय की चुस्कियों के साथ परिवार संग लोगों की हंसी ठिठोली का नजारा मनमोहक था। हर कोई खुशियों के रंगों से सराबोर था। लोग चुटकले आदि सुनाकर एक दूसरे का मनोरंजन कर रहे थे। पक्के रंग की तलाश करते दिखे लोग

होली के दिन गुलाल व रंगों की जमकर खरीदारी हुई। लोग दुकानों पर पक्के रंग की तलाश करते दिख रहे थे। इस दौरान लोगों ने पक्के रंगों से एक दूसरे को जमकर रंगा। दुकानों पर शाम तक रंगों की खरीदारी होती रही। लोग स्प्रे, पिचकारी, गुब्बारे व अन्य चीजें खरीद रहे थे। वहीं, कुछ लोगों ने रंगों के दुष्प्रभाव से बचने के लिए त्वचा पर क्रीम व आंखों पर चश्मा आदि भी पहन रखा था।

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